विवाह संस्था और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के बीच नई खाई
आधुनिकता के संक्रमणकालीन दौर में सबसे अधिक यदि कोई संस्था प्रश्नों के घेरे में है, तो वह विवाह और रिश्तों की पारंपरिक अवधारणा है। बदलती जीवनशैली, आर्थिक आत्मनिर्भरता, तकनीक, वैश्वीकरण और व्यक्तिगत स्वतंत्रता की बढ़ती चेतना ने रिश्तों की परिभाषा, अपेक्षाएँ और संरचना-सब कुछ बदल दिया है। यही कारण है कि आज रिश्तों से जुड़े … Read more