पिंगल से कृत्रिम बुद्धिमत्ता तक
आज मानवता कृत्रिम बुद्धिमत्ता के युग में प्रवेश कर चुकी है। मशीनें भाषा समझ रही हैं, चित्र बना रही हैं, निर्णय ले रही हैं और अनेक क्षेत्रों में मनुष्य की क्षमताओं को चुनौती देती दिखाई दे रही हैं। विश्व के अधिकांश देशों में एआई को तकनीकी क्रांति के रूप में देखा जा रहा है। किंतु भारत के … Read more