स्मृति शेषः आशा जी की मधुर और सुरमयी आवाज सदा दिलों में अमर रहेगी

आशा भोंसले जी का नाम भारतीय संगीत इतिहास में अत्यंत सम्मान के साथ लिया जाता है। उन्होंने अपने करियर में आठ दशकों से भी अधिक समय तक संगीत जगत में अमूल्य योगदान दिया है और लगभग 12 हजार से अधिक गीतों को अपनी मधुर आवाज से सजाया है। आशा भोंसले जी, जो भारत की महानतम और दिग्गज गायिकाओं … Read more

गीत

कभी  यूंही  मेरे  मीत,  छत  पर  आया   करो। ये   प्रेमी  नादान  है,   इसे  न  सताया  करों।। आँख टिकी हैं लोगो की,प्रिये हम पर हरदम । हाथ हिलाया करो सदा, तुम मुस्कराया करो।। मीठे  ख्याल है  काफी, जिंदगी  कट जाएगी। कभी पास आ नजर से,नजर मिलाया करो।। गर सच्चा  प्रेम हो न हो, मीत  हमें  गम … Read more

बंगाल को बचाने का विकल्प : वाम मोर्चे का घोषणा-पत्र 2026

*केवल वादों की सूची नहीं, बल्कि बंगाल के पुनर्निर्माण का व्यावहारिक खाका है।*   – केशव कुमार भट्टड़   कोलकाता। पश्चिम बंगाल के 2026 विधानसभा चुनाव से ठीक पहले वाम-लोकतांत्रिक-धर्मनिरपेक्ष शक्तियों ने “बंगाल को बचाने के लिए” घोषणा-पत्र जारी किया है। यह दस्तावेज़ राज्य में व्याप्त अराजकता, लूट, भ्रष्टाचार और सांप्रदायिक विभाजन की राजनीति का स्पष्ट विकल्प … Read more

ज्योतिबा फुले जयंती: समानता की अधूरी लड़ाई और हमारी जिम्मेदारी

11 अप्रैल का दिन भारतीय समाज के लिए सिर्फ एक जयंती नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है। यह दिन हमें ज्योतिराव गोविंदराव फुले के उस संघर्ष की याद दिलाता है, जिसने सदियों से जकड़े हुए समाज को सवालों के कटघरे में खड़ा किया। ज्योतिबा फुले ने केवल अन्याय का विरोध नहीं किया, बल्कि एक वैकल्पिक, … Read more

किशोर आक्रामकता एवं हिंसा पर अंकुश लगाने की पहल हो

भारतीय किशोरों में बढ़ रही हिंसक प्रवृत्ति एवं क्रूर मानसिकता चिन्ताजनक है, नये भारत एवं विकसित भारत के भाल पर यह बदनुमा दाग है। पिछले कुछ समय से किशोरों में बढ़ती हिंसा की प्रवृत्ति निश्चित रूप से डरावनी, मर्मांतक एवं खौफनाक है। चिंता का बड़ा कारण इसलिए भी है क्योंकि जिस उम्र में किशोरों के … Read more

समानता के संघर्ष का ऐतिहासिक प्रतीक: महाड़ सत्याग्रह

इतिहास में कुछ घटनाएँ ऐसी होती हैं जो अपने समय की सीमाओं को लाँघकर शाश्वत चेतना का रूप ले लेती हैं। महाड़ सत्याग्रह भी ऐसी ही एक घटना है, जिसने केवल एक स्थानीय समस्या का समाधान करने का प्रयास नहीं किया, बल्कि भारतीय समाज की गहराइयों में जड़ जमा चुकी असमानताओं को चुनौती देने का … Read more

सामाजिक क्रांति के अग्रदूत – महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले

ज्योतिबा फुले जयंती (11 अप्रैल) पर विशेष आलेख भारत के सामाजिक इतिहास में अनेक महापुरूष हुए है जिन्होंने समाज में अज्ञानता, जातिवाद और असमानता के घने अंधेरे को चीरकर समानता और शिक्षा का प्रकाश फैलाया । ऐसे ही एक महात्मा ज्योतिराव गोविंदराव फुले (ज्योतिबा फुले) का नाम एक ऐसी मशाल की तरह सदैव याद किया जाता रहेगा। … Read more

युद्ध के माहौल में विश्व शांति का शंखनाद है विश्व णमोकार दिवस

विश्व णमोकार दिवस- 9 अप्रैल, 2026 विश्व इतिहास के इस संक्रमणकाल में, जब मानवता युद्ध, हिंसा, आतंक, तनाव और असहिष्णुता के बोझ तले कराह रही है, ऐसे समय में 9 अप्रैल 2026 को मनाया जाने वाला विश्व णमोकार मंत्र दिवस एक अद्वितीय आध्यात्मिक ऊर्जा-विस्फोट के रूप में सामने आ रहा है। यह दिवस केवल एक … Read more

णमोकार महामंत्र: श्रद्धा, समता और आत्मशुद्धि का शाश्वत मंत्र

विश्व नवकार दिवस (9 अप्रैल 2026) आत्मशुद्धि का शाश्वत मंत्र जैन धर्म की आराधना परंपरा में णमोकार महामंत्र को सर्वोच्च स्थान प्राप्त है। यह केवल एक धार्मिक मंत्र नहीं, बल्कि आत्मा की शुद्धि, समता और विनय का सार्वभौमिक संदेश है। इसकी महिमा का उल्लेख प्राचीन जैन आगम ग्रंथ भगवती सूत्र के प्रारम्भ में महामंगल वाक्य … Read more

कोरियन ड्रामा से भारतीय सीरियल तक : मनोरंजन की दिशा पर पुनर्विचार

विश्व के मनोरंजन जगत में पिछले कुछ वर्षों में यदि किसी देश ने टेलीविजन और वेब सीरीज के माध्यम से पूरी दुनिया को सबसे अधिक प्रभावित किया है तो वह दक्षिण कोरिया है। कोरियन ड्रामा आज केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि सांस्कृतिक प्रभाव, सामाजिक शिक्षा, भावनात्मक परिपक्वता और जीवन मूल्यों के प्रस्तुतीकरण का सशक्त माध्यम बन … Read more

दंड से सुधार की ओर विश्वास आधारित न्यायिक यात्रा

भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था में कानून का उद्देश्य केवल दंड देना नहीं, बल्कि व्यवस्था, अनुशासन, सुधार और विश्वास का वातावरण बनाना भी होता है। इसी दृष्टि से भारत सरकार द्वारा लाया गया जन विश्वास विधेयक 2026 पहले लोकसभा के बाद अब राज्यसभा से भी पारित होने से इसके कानून के रूप में अमल का रास्ता … Read more

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