मानसिक स्वास्थ्य है रोगमुक्त जीवन की मुस्कान

विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस- 10 अक्टूबर, 2025 विश्व मानसिक स्वास्थ्य दिवस हर वर्ष हमें यह सोचने का अवसर देता है कि मनुष्य का सबसे बड़ा धन उसका मन है, और जब मन अस्वस्थ होता है तो समूचा जीवन बिखर जाता है। इस वर्ष की थीम है संकट और आपात स्थितियों में मानसिक स्वास्थ्य सेवाओं की … Read more

दाम्पत्य जीवन की पवित्रता का पर्व करवा चौथ

सनातन धर्मी महिलाएं कार्तिक कृष्णा दाम्पत्य जीवन की पवित्रता का पर्व करवा चौथ का पर्व अपने जीवन साथी के दीर्घायु स्वस्थ और खुशहाल रहने के लिये व्रत रखकर शाम को चन्द्रमा के दर्शन कर उनको अर्क दे कर छलनी से अपने प्राण प्रिय पति को देख कर अपने पति के हाथों से जल पीकर अपना … Read more

बदलाव एवं विकास की राह ताकता बिहार चुनाव

बिहार में चुनावी रणभेरी बज चुकी है। मतदान की तिथियों की घोषणा के साथ ही लोकतंत्र का यह महायज्ञ आरंभ हो चुका है, जिसमें करोड़ों मतदाता दो चरणों में दिनंाक 6 और 11 नवंबर को अपने मत के माध्यम से राज्य की दिशा और दशा दोनों तय करेंगे। इस बार का चुनाव सिर्फ सत्ता परिवर्तन … Read more

राजनीति की भाषा क्यों बिगड़ रही है? – अब लगाम ज़रूरी है

अजमेर की राजनीति इन दिनों अपने सबसे बदरंग दौर से गुजर रही है। नेता चाहे किसी भी दल के हों – कांग्रेस, भाजपा या कोई और — सोशल मीडिया पर एक-दूसरे के खिलाफ अपमानजनक भाषा, तंज़, कटाक्ष और झूठे आरोपों की बाढ़ सी आ गई है। जो मंच जनता की सेवा और संवाद के लिए … Read more

ताकि दवा जहर बन फिर से मासूमों की मौत न बने

दो राज्यों राजस्थान और मध्य प्रदेश में कफ सिरप से जुड़ी बच्चों की मौत की घटनाएं देश की दवा नियामक व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े करती हैं। यह केवल एक चिकित्सा त्रुटि या आकस्मिक दुर्घटना नहीं, बल्कि उस तंत्र की विफलता का प्रतीक है जिस पर जनता अपने जीवन की रक्षा के लिए भरोसा करती … Read more

शिक्षा युद्ध मानसिकता को बदलने का सशक्त माध्यम बने

विश्व शिक्षक दिवस- 5 अक्टूबर, 2025 विश्व शिक्षक दिवस  5 अक्टूबर को संयुक्त राष्ट्र के तत्वावधान में मनाया जाता है। इस दिन आध्यापकों को सामान्य रूप से और कतिपय कार्यरत एवं सेवानिवृत्त शिक्षकों को उनके विशेष योगदान के लिये सम्मानित किया जाता है। इसे संयुक्त राष्ट्र द्वारा साल 1966 में यूनेस्को और अंतर्राष्ट्रीय श्रम संगठन … Read more

स्वदेशी एवं स्वावलम्बन ही नये भारत का आधार

राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्थापना महोत्सव यानी प्रत्येक वर्ष विजयदशमी के अवसर पर संघ प्रमुख का उद्बोधन एक नए संदेश और नये दृष्टिकोण के साथ सामने आता है, इस उद्बोधन का पूरा राष्ट्र इंतजार करता है। इस बार संघ प्रमुख मोहन भागवत ने कई ऐसी बातें कहीं, जो सरकार के साथ समाज के लोगों का … Read more

व्यंग्य; चलो प्रिय चांद पर चले

शरद पूर्णिमा का चांद, क्या यह सिर्फ कवियों, प्रेमी प्रेमिका, लेखकों, खगोलविदों के ही काम आएगा?  देखो सोलह कलाओं से युक्त शरद पूर्णिमा का चांद गगन मंडल में कितना सुशोभित लग रहा है। क्या यह सिर्फ कवियों, प्रेमी प्रेमिका, लेखकों, खगोलविदों के ही काम आएगा? नहीं -नहीं यह भ्रम है आपका, अगला नंबर किसी और … Read more

व्यंग्य । कभी खोली घरवाली की वार्षिकोत्सव अलमारी

आपको भी सुन रहा है या मेरे ही कान बज रहें हैं। कहीं दूर देखो कितना मनोरम गरबे का पहला भजन; गरबों रे महाकाली न दीज्यो बज रहा है। अहा । मन भावन भाव-विभोर हो अक्षुधारा बहने ही वाली थी कि अचानक डीजे का मौसम बदल गया। उसके बाद तेज डीजे पर, अंग लगा दे … Read more

क्या आप राम चाहते हैं या सिर्फ रावण का प्रदर्शन?

आपने तो अच्छे-खासे आदर्श वाक्य सीख रखे हैं – ‘मन का रावण जला दो’ और छाती ठोक कर पोस्ट भी कर दी। पर क्या कभी आइना सामने रख कर देखा है कि वही रावण आपकी समय की सबसे कीमती चीज़ है? हाँ हाँ, वही रावण जो सुबह आपको मुस्कुराहट और रात में चुगली दोनों दे … Read more

झूट फरेफ़ पर सत्य अधर्म पर धर्म एवं अहंकार पर करुणा की विजय का पर्व दशहरा

रावण समस्त वेदों एवं वेदान्त का ज्ञाता और अत्याधिक बलशाली सम्राट सोने की लंका का स्वामी था | रावण क्रोधी और अहंकारी शासक होते हुए भी महान  महान शिव भक्त था जिसे देवों के देव महादेव ने अनेको वरदानदिए थे | रावण  खुद को भगवान विष्णु का दुश्मन  मानता था | रावण के पिता विश्रवा … Read more

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