यौन अत्याचारों के बढ़ने की त्रासदी पर लगाम लगे

यौन शोषण के विरुद्ध संघर्ष का विश्व दिवस -4 मार्च, 2025 यौन शोषण दुनिया के लिए बड़ी समस्या है, जो दुनिया भर में है। हालांकि कुछ देशों में महिलाएं अधिक असुरक्षित एवं यौन उत्पीड़न, शोषण एवं हिंसा की शिकार हैं, इनमें दक्षिण पूर्व एशिया, पूर्वी यूरोप और कुछ लैटिन अमेरिकी और कैरेबियाई देशों शामिल हैं, … Read more

बुंदेलखंड की इकलौती एक महिला जिसने सौतेली मां के कलंक को मिटा दिया

अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस पर आलेख  देलखंड की इकलौती एक महिला जिसने सौतेली मां के कलंक को मिटा दिया । भारत की सनातन संस्कृति और महिलाओं का गौरव स्थापित किया     छतरपुर मध्य प्रदेश ।     अंतर्राष्ट्रीय महिला दिवस मनाने की क्यों आवश्यकता हुई । इस संबंध में विश्व के विभिन्न देशों ने 1911 … Read more

गुरु ओम् तत्सत् !

यह महामंत्र है। अजमेर के सूफी संत हजरत हर  प्रसाद मिश्रा साहब कहते थे कि इस एक मंत्र को सिद्ध कर लो तो फिर और कुछ भी करने की जरूरत नहीं है । 6 माह में इसके 24 लाख जब कर लेने से यह सिद्ध हो जाता है।      जैसे ओम् तत्सत्, वैसे ही … Read more

आज्ञा चक्र में विद्यमान रहती है गुरु चेतना

गुरुदेव  हजरत हर प्रसाद मिश्रा जी एक बात पर अधिक जोर देते थे कि नाम को स्वयं के भीतर सुनने का अभ्यास करो। जब आज्ञाचक्र (ललाट का मध्य भाग) व सहस्त्रार (सिर का सबसे ऊपरी स्थान) पर नाम धड़कता है तो वहीं सुनाई भी देता है। ऐसा अभ्यास सामान्य मनुष्य भी कर सकता है। श्वास … Read more

जी हां, मैं आम आदमी हूं

उस दिन चाय की दुकान पर हो रही बातचीत में में भी शामिल हो गया बात राजनीति की ओर मुड़ चली मैंनै अपनी बात रखी ही थी कि एक बोले अच्छा तो आप उस्स पार्टी के समर्थक हैं मैंने कहा बंधु जरा ध्यान से सुनें मेरी बात फिर किसी खांचे में मुझे रखना आप कल … Read more

भारतीयता की तहजीब को आवाज देने वाले फनकार

फिराक गोरखपुरी पुण्यतिथि – 3 मार्च, 2025 रूमानियत, समाज एवं संस्कृति में रची बसी जिनकी शायरी हर उम्र के लोगों के जीवन का हिस्सा है, ऐसे महान् ‘शायर-ए-जमाल’-सौन्दर्य का कवि कहलाने वाले फिराक गोरखपुरी उर्दू शायरी का देश एवं दुनिया का एक फनकार हैं जिसका रचना-संसार जीते-जी ही नहीं, मरकर भी गूंज रहा है। गोरखपुर … Read more

जीवन के लिये प्रकृति-वन्यजीवों का संरक्षण जरूरी

विश्व वन्यजीव दिवस- 3 मार्च, 2025 वर्तमान परिप्रेक्ष्य में कई प्रजाति के जीव-जंतु, प्राकृतिक स्रोत एवं वनस्पति विलुप्त हो रहे हैं, जिससे पृथ्वी असंतुलित हो रही है। विलुप्त होते जीव-जंतु और वनस्पति की रक्षा के लिये विश्व-समुदाय को जागरूक करने के लिये ही विश्व वन्यजीव दिवस को मनाया जाता है। इसका मुख्य उद्देश्य दुनिया के … Read more

कुंभ का मेला

कुंभ का मेला, संगम का स्नान। लोगों की भीड़, श्रद्धा का दान। कोई धनहीन, कोई धनवान। संगम के तट पर, सब थे समान। किसी ने कुछ पाया, किसी ने कुछ खोया। किसी ने कमाया, किसी ने गँवाया। किसी को भूख ने सताया, किसी को पैदल चलाया। पर न कोई घबराया, न कोई पछताया। ममता द्विवेदी … Read more

रामकृष्ण परमहंस और उनके आध्यात्मिक उत्तराधिकारी विवेकानंद के बीच बात चीत के अंदर छिपा है खुशहाल जिंदगी जीने का रहस्य

परमहंस का जन्म 18 फरवरी 1836 काम्ररपुर  मे हुआ था उनके पिता खुदीराम चट्टोपाध्याय और माता जी चन्द्रमनी देवी थी | कहते हैं  कि उनका जन्म भगवान की क्रपा से हुआ था | परमहंस उसको कहा जाता है जिसने आध्यात्मिक रास्ते पर चलकर परमात्मा के अस्तित्व का ज्ञान प्राप्त करने वाले को कहा जाता है  | परमहंसदेव के अनुसार परमात्मा … Read more

आंतरिक सत्संग ही कल्याण करता है!

सत्संग यानि सत्य का साथ, अनश्वर के साथ, ईश्वर के साथ लग जाना। साथ का मतलब है उसी भाव में, अवस्था में, मानसिकता में उतर जाना। जो मनुष्य तुम्हें सत्य के साथ कर दे वे संत। जो जगह तुम्हें सत्य के निकट पहुंचा दे वह सत्संग-स्थल। जो किताबें तुम्हें सत्य की अनुभूति के लिए प्रेरित … Read more

पाकिस्तान की भांति बर्बादी की ओर बढ़ता बांग्लादेश

कहते है कि ’जब गीदड़ की मौत आती है तो वह शहर की तरफ़ भागता है’ भले ही यह एक मुहावरा है लेकिन बांग्लादेश पर खरा उतर रहा है, इसका मतलब है कि बांग्लादेश मुसीबत रूपी पाकिस्तान से दोस्ती बढ़ा रहा है। 30 लाख बांग्लादेशी लोगों की हत्या करने वाला पाकिस्तान अब दोस्त बन गया … Read more

error: Content is protected !!