टिजोरी (नंढी कहाणी)

लेखिका : देवी नागरानी अनुवाद : पदमा गोविंद मोटवानी टीह वरिह्य पहिरीं जड॒हिं मां न्यू जर्सीअ में अची वसी हुयसि, तड॒हिं माण्हूं मूंखा पुछंदा रहंदा हुआ – “हुते तव्हांजे घर जी सार संभाल केरि लहंदो आहे?” मां मुश्कंदे चवंदी हुअसि ‘गोदरेज जो हिकु वडो॒ तालो’। सचु त इहो आहे वतन खां परे जड॒हिं असांखे बि॒ए … Read more

अब लगेगा स्टार तुम्हारे

विधा – कविता रख हौंसला वीर जवान ग़म के दिन गुज़र जाएंगे, ख़तरो के मंडराते हुए यह बादल भी टल जाएंगे। पसीना बहाना रक्त बचाना अच्छे दिन भी आएंगे, जब लगेगा स्टार तुम्हारे लोग तालियां बजाएंगे।। इन ऑंसुओं को पीते पीते तुमने वर्षों गुज़ार दिए, बस बहुत हो गयी नौकरी फिर भी करते ही गए। … Read more

पर्यटन से पनपती है शांति एवं मुस्कान की संभावनाएं

विश्व पर्यटन दिवस- 27 सितम्बर, 2024 पर विशेष विश्व पर्यटन दिवस दुनियाभर में पर्यटन के महत्व और इसके सामाजिक, आर्थिक और सांस्कृतिक प्रभाव को उजागर करने के लिए मनाया जाता है। हर साल 27 सितंबर को आयोजित होने वाला यह दिन अंतरराष्ट्रीय एकता, शांति, सौहार्द और आर्थिक समृद्धि को बढ़ावा देने में पर्यटन की शक्ति … Read more

यह इत्र सबसे महँगा

– अतुल मलिकराम (लेखक और राजनीतिक रणनीतिकार) फूलों का स्वभाव होता है खुद के साथ ही साथ अपने आसपास के वातावरण को भी महकाना और अपनी महक से सराबोर कर देना हर उस शख्स को, जिसने इसे छुआ है। फूलों से बने इत्र में खूबियाँ और भी बढ़ जाती हैं। बात महक की चली है, … Read more

पर्यावरण को स्वस्थ बनाकर ही मनुष्य-स्वास्थ्य संभव

विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस- 26 सितम्बर, 2024 हर साल दुनियाभर में 26 सितंबर को विश्व पर्यावरण स्वास्थ्य दिवस मनाया जाता है। इस दिन को मनाने का मुख्य उद्देश्य है, पर्यावरणीय स्वास्थ्य का मानव स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव के बारे में जागरूकता पैदा करना। हम सभी जानते हैं कि स्वस्थ रहने के लिए पर्यावरण को … Read more

एक बार किसी ने मुझें कहा (आत्मलोचन)

एक बार किसी ने मुझें कहा :- “मैंने तुम्हारी आंख में हीरे की कनि देखी है. कही ऐसा तो नही कि, तुम्हें किसी ने सिखा दिया हो, सत्य पर टिके रहना, कर्तव्य का पालन करना, औ’ परोपकार करना ; ‘गर, ऐसा है तो, तुम्हारी आंखों में, आंसूओं का सैलाब भी उमडै, तो कोई आश्चर्य नही … Read more

*आस्था से खिलवाड़ के दोषी हम भी तो हैं*

*सिर्फ पूजा के लिए देशी घी सालों से बिक रहा है,किसने इस पर ध्यान दिया* ———————————- *■ओम माथुर■* *ये पूजा के लिए ही है। खाने या दवाई में उपयोग करने के लिए नहीं। इसका क्या मतलब? देशी घी के नाम पर जानवरों की चर्बी से घी बना निर्माता कंपनियां डंके की चोट पर सालों से … Read more

आखिर मेरे पड़ौसी की लम्बाई मेरे पति से अधिक क्यों है हास्य-व्यंग्य

मुझे दूसरों के घर में तांक झांक करने तथा पति-पत्नि तथा पडौसिनों की बातें सुनने का बहुत शौक हैं. कई राज की बातें पता लगती हैं. गत दिनों की बात हैं. मेरी पडौसन अपनी सहेली से,मेरे बारें में, कह रही थी कि ‘आखिर मेरे पडौसी की लम्बाई मेरे पति की लम्बाई से अधिक क्यों है. … Read more

योग एवं योग-निद्रा के चमत्कारी प्रभाव से वैज्ञानिक सहमत

विश्व में भारतीय योग की प्रासंगिकता एवं उपयोगिता दिनोंदिन बढ़ती जा रही है, योग के चमत्कारी प्रभावों को अब विज्ञान भी स्वीकारने लगा है। अमेरिका, यूरोप व खासकर चीन में योग को लेकर बड़े शोध किए जा रहे हैं। कुछ समय पहले नोबेल पुरस्कार के सम्मानित एक अमेरिकी न्यूरो सर्जन ने माना था कि प्राणायाम … Read more

रौद्र नाद

हे पाखण्ड-खण्डिनी कविते! तापिक राग जगा दे तू। सारा कलुष सोख ले सूरज, ऐसी आग लगा दे तू।। कविता सुनने आने वाले, हर श्रोता का वन्दन है। लेकिन उससे पहले सबसे, मेरा एक निवेदन है।। आज माधुरी घोल शब्द के, रस में न तो डुबोऊँगा। न मैं नाज-नखरों से उपजी, मीठी कथा पिरोऊँगा।। न तो … Read more

पत्रकारिता एवं राष्ट्रवादी सोच के जुझारू-व्यक्तित्व : ललित गर्ग

षष्ठीपूर्ति – 24 सितम्बर, 2024 पत्रकारिता एवं समाजसेवा के एक जुझारू व्यक्तित्व, मजबूत कलम एवं निर्भीक वैचारिक क्रांति के सूत्रधार, उत्कृष्ट राष्ट्रवादी एवं अनेक पत्रिकाओं के सम्पादक ललित गर्ग का जीवन एक संभावनाओं भरी प्रेरक जीवन की दास्तान है। उनका जीवन सफर आदर्शों एवं मूल्यों की पत्रकारिता की ऊंची मीनार हैं। वे पत्रकार, लेखक, स्तंभकार … Read more

error: Content is protected !!