विभिन्न प्रान्तों में दशहरा बनाने के विभिन्न तरीके

भारतीय संस्कृति में सभी उत्सव व्यक्तिगत नहीं वरन् सामाजिक स्तर पर मनाये जाते हैं इसीलिए हमारे देश में उत्सवों को मनोरंजक एवं व शिक्षाप्रद बनाने हेतु इनके साथ संगीत, नृत्य, नाटक व अन्य लीलाओं का भी आयोजन किया जाता है। सभी पर्व हमें भाई चारे, सामाजिक सोहार्द एवं सांस्कृतिक तारतम्य में अभिव्र्द्दी के साथ अपनी … Read more

हर समर्थ आदमी अपने से कमजोर का सहायक बने

– ललित गर्ग – पुराने जमाने की बात है। एक राजा था। उसे अपने विशाल साम्राज्य और धन-संपत्ति पर बहुत अभिमान था। एक दिन एक साधु उसके पास आया। उसने राजा को देखकर ही भांप लिया कि वह धन और सत्ता के मद में चूर है, लेकिन अंदर से खोखला है। राजा ने साधु से … Read more

जानिए करवा चौथ 2015 का शुभ मुहूर्त

करवा चौथ का महत्त्व एवं पूजन विधान हमारे देश में दांपत्य जीवन से जुड़ी परंपराएं व त्योहार आपसी प्रेम तथा सामंजस्य को बल देते हैं। हमारे भारत देश में शादी सिर्फ दो इंसानों के बीच का संबंध नहीं बल्कि दो परिवारों का मिलन माना जाता है. जिस शादी से दो इंसानों और परिवारों की डोर … Read more

नवरात्रि में क्यों खाने ज़रूरी हैं ये 5 फलाहार?

नवरात्रि साल में दो बार आते हैं। एक चैत्र नवरात्रि, जो मार्च से अप्रैल के बीच आते हैं और दूसरे शरद नवरात्रि, जो अक्टूबर से नवंबर के बीच होते हैं। पर क्या कभी आपने सोचा है कि घर में सादे नमक की जगह इन दिनों सेंधा नमक क्यों इस्तेमाल किया जाता है। क्यों इन दिनों … Read more

नवरात्रा पर्व : नारी शक्ति को नमन

भारतीय समाज में सदेव से ही नारी को उच्चतम सम्मान प्राप्त है | नवरात्रा का उत्सव समाज में महिलाओं को आदर-सम्मान देने की पुरातन परम्परा का साक्षात् प्रमाण है | नवरात्रा पर्व में महिलाओं की सभी गतिविधियों,कार्यकलापों को सकारात्मक रूप में सम्मिलित किया गया है | ऋषि-मुनियों ने नवरात्रा की प्रथम “देवीशैलपुत्री” के जरिये हम … Read more

इतिहास में आज का दिन

डा बी.आर. अम्बेडकर ने दीक्षा भूमि, नागपुर, भारत में ऐतिहासिक बौद्ध धर्मं में परिवर्तन के अवसर पर,14 अक्टूबर 1956 को अपने अनुयायियों के लिए 22 प्रतिज्ञाएँ निर्धारित कीं.800000 लोगों का बौद्ध धर्म में रूपांतरण ऐतिहासिक था क्योंकि यह विश्व का सबसे बड़ा धार्मिक रूपांतरण था.उन्होंने इन शपथों को निर्धारित किया ताकि हिंदू धर्म के बंधनों … Read more

इन ९ औषधियों में विराजती है नवदुर्गा

मां दुर्गा नौ रूपों में अपने भक्तों का कल्याण कर उनके सारे संकट हर लेती हैं। इस बात का जीता जागता प्रमाण है, संसार में उपलब्ध वे औषधियां, जिन्हें मां दुर्गा के विभिन्न स्वरूपों के रूप में जाना जाता है। नवदुर्गा के नौ औषधि स्वरूपों को सर्वप्रथम मार्कण्डेय चिकित्सा पद्धति के रूप में दर्शाया गया … Read more

दुर्गासप्तशती के पाठ में ध्यान देने योग्य कुछ बातें

1. दुर्गा सप्तशती के किसी भी चरित्र -का कभी भी आधा पाठ ना करें एवं न कोई वाक्य छोड़े। 2. पाठ को मन ही मन में करना निषेध माना गयाहै। अतः मंद स्वर में समान रूप से पाठ करें। 3. पाठ केवल पुस्तक से करें यदि कंठस्थ हो तो बिना पुस्तक के भी कर सकते … Read more

कर्मयोगी लोकनायक प्रेरक हैं महाराजा अग्रसेन

-सुमित सारस्वत- व्यक्ति, समाज, राष्ट्र तथा जगत की उन्नति मूल रूप से जिन चार स्तंभों पर निर्भर होती हैं, वे हैं- आर्थिक, राजनीतिक, सांस्कृतिक व सामाजिक। महाराजा अग्रसेन का जीवन-दर्शन चारों स्तंभों को दृढ़ करके उन्नत विश्व के नवनिर्माण का आधार बनाता है, वहीं ‘सर्वलोक हितं धर्मम्’ का पथ प्रशस्त करता है। महाराजा अग्रसेन ऐसे … Read more

नवरात्रि में घट स्थापना

नवरात्रि में दुर्गा पूजा घटस्थापना के बाद की जाती है, परंतु इस वर्ष 8 साल बाद चित्रा नक्षत्र एवं वैधृति योग होने के कारण शास्त्रानुसार अभिजीत मुहूर्त में स्थापना करनी चाहिए। परंतु किसी कारणवश इस समय स्थापना नहीं कर सकें तो चर, लाभ, शुभ या राहुकाल छोड़कर स्थिर लग्न में भी स्थापना की जा सकतीहै। … Read more

नवरात्री का वैज्ञानिक आधार

हमारे देश ऋषि-मुनियों ने रात्रि को दिन की अपेक्षा अधिक महत्व दिया है इसी वजह से हमारे यंहा महत्वपूर्ण पर्वों यथा दीपावली, होली , शिवरात्रि और नवरात्र आदि रात में ही मनाये जाते है | मन में सवाल उठता है कि हम शिवरात्री या नवरात्री को शिवदिन या नवदिन क्यों नहीं कहते हैं? इससे स्पष्ट … Read more

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