चिन्मयी गोपाल जिंदाबाद का नारा लगते लगते रह गया

पिछले कुछ दिनों से अजमेर नगर निगम की आयुक्त चिन्मयी गोपाल सुर्खियों में हैं। कदाचित जिला प्रशासन के पूरे बेड़े में वे एक मात्र ऐसी अफसर हैं, जिनके बारे में आम ठेेले वाला भी चर्चा करता दिखाई दे सकता है। सरकारी कामकाज को लेकर उनके सख्त रवैये की वजह से ढर्ऱे पर व्यवस्था चलाने में रुचि रखने वालों का जहां बहुत तकलीफ हो रही है, वहीं जन सामान्य इस कड़क आईएएस से बेहद प्रभावित है। उनकी तुलना स्टील लेडी की उपमा से अलंकृत पूर्व जिला कलेक्टर श्रीमती अदिति मेहता से होने लगी है। ऐसे में कोई कैसे कल्पना कर सकता है कि वे बेहद सहज व सरल भी हो सकती हैं। उनका यह रूप मंगलवार को आनासागर चौपाटी के सामने रीजनल कॉलेज की दीवार के सहारे पूर्वांचल जन चेतना समिति की ओर से आयोजित वृक्षारोपण कार्यक्रम में नजर आया।
हुआ यूं कि समिति के महासचिव शिव कुमार बंसल ने कार्यक्रम में मौजूद नगर पालिका सेवा के सेवानिवृत्त अधिकारी डा. सुरेश गर्ग का परिचय कराया तो यकायक वे बोलीं, अरे हां, आपका नाम तो सुना है, कई बार आपकी चर्चा होती है। डॉ. गर्ग तो गद्गद् हो गए। वे कुछ बोलते इससे पहले ही चिन्मयी गोपाल ने उनसे आग्रह किया कि आप कभी नगर निगम आइये। मुझे आपके अनुभव का लाभ लेना है, आपसे मार्गदर्शन लेना है। वहां मौजूद सभी लोग चकित रह गए कि आम तौर पर रिजर्व रहने वाले आईएएस अधिकारी इस प्रकार आमजन के बीच अपने कठोर आवरण से फूट कर भी बाहर आ सकते हैं। बेशक डॉ. गर्ग बहुत अनुभवी अधिकारी रहे हैं, मगर चिन्मयी गोपाल भी कोई छोटी-मोटी अफसर नहीं, आईएएस हैं, फिर भी इस प्रकार मुक्त हृदय से सीखने की ललक वाकई काबिले तारीफ है।
वहां मौजूद जिन लोगों ने अदिति मेहता को देख रखा है, उन्हें चिन्मयी में उनकी झलक दिखाई देने लगी। वैसी ही खूबसूरत लंबोतरा चेहरा, तीखे नाक-नक्श, बड़ी-बड़ी चमकदार आंखें, तनिक बड़े दांत, चेहरे पर पसरी सुखद ताजगी, लंबा कद, चपल बॉडी लैंग्वेज, सहज और सरल। चंद दिनों में ही उन्होंने अजमेर वासियों का दिल कैसे जीत लिया है, इसका नजारा भी साक्षात उतर आया। वहां मौजूद कार्यकर्ताओं में उनके साथ सैल्फी लेने की होड़ मच गई। एक ही बुके से बार-बार अलग-अलग प्रशंसक के सेल्फी लेने पर भी वे झुंझलाई नहीं। हर छोटा-बड़ा कार्यकर्ता उनको अपना परिचय दे रहा था, हालांकि ऐसे परिचय की उम्र कितनी होती है, सबको पता है, फिर भी वे सभी से ऐसे मिल रही थीं, मानो या तो पहले से परिचित हों, या फिर उसको आगे भी याद रखने वाली हों। फोटा खिंचवाने में कम दिलचस्पी ले रहे समिति के मैनेजिंग ट्रस्टी रजनीश वर्मा की हैसियत को जानते हुए उन्होंने पूरी तवज्जो दी और आगे आने को कहा। अजमेर के हित में मौजूदा जज्बे के साथ काम करते रहने की अपील करते हुए कांग्रेस नेता अतुल अग्रवाल ने हिप-हिप हुर्रे का नारा लगाया तो अचानक ऐसा माहौल बन गया मानो चिन्मयी जिंदाबाद के नारे न लगने लग जाएं। चंद लम्हों पर सवार हो कर गुजरा यह मंजर आपसे साझा करने का मन हुआ तो ये पंक्तियां खुद-ब-खुद लिपिबद्ध हो गईं।

-तेजवानी गिरधर
7742067000

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