आखिरकार लखावत को ही सौंपी गई जिम्मेदारी

लखावत
भारतीय जनता पार्टी के अनुशासन समिति के अध्यक्ष और राज्यसभा के पूर्व सांसद ओंकार सिंह लखावत को राजस्थान धरोहर प्राधिकरण का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है। यह तीसरा अवसर है जब भाजपा के शासन में लखावत को प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है। उल्लेखनीय है कि राजस्थान में भाजपा के सत्ता पर फिर काबिज होने के साथ ही ऐसा समझा जा रहा था कि राजस्थान धरोहर प्राधिकरण की जिम्मेदारी पुनः पूर्व अध्यक्ष औंकार सिंह लखावत को सौंपी जाएगी। इस आषय का वीडियो समाचार हमने पिछले दिनों प्रकाषित किया था। यह तीसरा अवसर है, जबकि उन्हें इस प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया गया है। इस सिलसिले में 7 फरवरी को कला साहित्य, संस्कृति एवं पुरातत्व विभाग के उप शासन सचिव नवीन यादव ने आदेष जारी कर दिए हैं।
ज्ञातव्य है कि लखावत को तत्कालीन मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने अपने दोनों कार्यकालों में प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया था। नई सरकार ने भी उन्हें इस पद पर आसीन किया है। लखावत ने राजस्थान भर की पुरा धरोहरों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया। पिछली भाजपा सरकार के दौरान उन्होंने पेनोरमा पर अनूठा काम किया। अनेक स्मारण बनवाए। बूढा पुश्कर के जीर्णोद्धार का ऐतिहासिक कार्य भी उनके खाते में दर्ज है। सरकार बदल जाने के बाद भी उनका विभाग यथावत होने के कारण जिन पेनोरमा के टेंडर हो चुके थे, उनका काम जारी रहा। बाद में कांग्रेस ने सत्ता में आने के काफी दिन बाद सुरेंद्र सिंह जाड़ावत को अध्यक्ष मनोनीत किया। भाजपा फिर से सत्ता में आई तो इस प्राधिकरण को सक्रिय करने की जिम्मेदारी लखावत को सौंपे जाने की संभावना थी। चूंकि उनको इस क्षेत्र का अच्छा खासा अनुभव है, ऐसे में यह लगता नहीं था कि किसी और को मौका दिया जाता।

error: Content is protected !!