
ज्ञातव्य है कि लखावत को तत्कालीन मुख्यमंत्री श्रीमती वसुंधरा राजे ने अपने दोनों कार्यकालों में प्राधिकरण का अध्यक्ष बनाया था। नई सरकार ने भी उन्हें इस पद पर आसीन किया है। लखावत ने राजस्थान भर की पुरा धरोहरों को पुनर्जीवित करने का कार्य किया। पिछली भाजपा सरकार के दौरान उन्होंने पेनोरमा पर अनूठा काम किया। अनेक स्मारण बनवाए। बूढा पुश्कर के जीर्णोद्धार का ऐतिहासिक कार्य भी उनके खाते में दर्ज है। सरकार बदल जाने के बाद भी उनका विभाग यथावत होने के कारण जिन पेनोरमा के टेंडर हो चुके थे, उनका काम जारी रहा। बाद में कांग्रेस ने सत्ता में आने के काफी दिन बाद सुरेंद्र सिंह जाड़ावत को अध्यक्ष मनोनीत किया। भाजपा फिर से सत्ता में आई तो इस प्राधिकरण को सक्रिय करने की जिम्मेदारी लखावत को सौंपे जाने की संभावना थी। चूंकि उनको इस क्षेत्र का अच्छा खासा अनुभव है, ऐसे में यह लगता नहीं था कि किसी और को मौका दिया जाता।