पति के भाग्य में पत्नी की कुंडली का भी महत्व

हालांकि हर व्यक्ति का भाग्य उसकी कुंडली के आधार पर ही तय होता है, मगर ज्योतिश षास्त्र के अनुसार पिता पुत्र व पति पत्नी की कुंडली का भी अंतसंबंध होता है। एक घटना से इसकी पुश्टि होती है कि पति पत्नी की कुंडली में कितना गहरा संबंध होता है। हुआ यूं कि मेरे छोटे भाई को कोई पच्चीस साल पहले केंसर हो गया था। उन्हें बॉम्बे के टाटा मेमोरियल मे भर्ती करवाया गया था। इधर मैने अपने वरिश्ठ मगर घनिश्ठ मित्र स्वर्गीय आर डी कुवेरा के जरिए एक ज्योतिशी से संपर्क किया। उनको भाई की कुंडली दिखाई तो वे बोले कि समय विपरीत है, मगर मत्य योग है या नहीं इसके लिए उनकी पत्नी की कुंडली देखनी होगी। जब उनको उनकी पत्नी की कुंडली दिखाई गई तो वे एक झटके में बोल पडे कि आप निष्चंत हो जाइये। आपके भाई को कोई खतरा नहीं है। जब उनसे पूछा कि आप किस आधार पर कह रहे हैं तो उन्होंने बताया कि भले ही आपके भाई की कुंडली में थोडी दिक्कत है, मगर उनकी पत्नी की कुंडली में वैधव्य योग नहीं है। अर्थात आपके भाई के जीवन पर कोई भी खतरा नहीं है। उनका ऑपरेषन सफल होगा और वे षीघ्र स्वस्थ होंगे। हुआ भी ऐसा ही। पिछले पच्चीस साल से वे पूर्ण स्वस्थ हैं।

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