कथनी और करनी का फर्क ?

sohanpal singh
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पर्रिकर जी जोश में होश खो देना एक मुहावरा है ? आप भी शायद कुछ जयादा बड़ा वायदा कर रहे हो ? यह भारत है जहाँ करोड़ों देश भक्तो के बीच में कुछ गद्दार भी मिल ही जाते हैं ? फिर इतना सबकुछ होने पर भी हमारे जांबाज फौजी हर क़ुरबानी देने को तत्पर हैं पर उनको एक कुशल सेना पति चाहिए । जो शायद आपकी पार्टी में नहीं है , आप चुके हुए नौकरशाहों के बलबूते कोई जंग नही जीत सकते लड़ जरूर सकते हो ? देश ने देखा है निश्चित सुचना होने पर भी पठानकोट एयरबेस में आतंकी घुस ही गए थे ! राजनितिक नेतृत्व दिशाहीन नजर आ रहा था? प्रधान मंत्री बेंगलुरु में कार्यक्रम में व्यस्त थे? आप गोआ में छुट्टी पर थे ? गृह मंत्री भी कही थे ?एक नौकर शाह। NSA एनएसजी कमांडोज के साथ आतंकवादियों से मोर्चा ले रहा था फ़ौज कहाँ थी ? केवल लीपापोती से देश का मनोबल गिरता है ? फिर इतनी बड़ी सीमा जिसका अचूक सुरक्षा प्रबंधन होने के बाद भी कुछ काली भेड़ों के कारण कुछ तस्कर और आतंकी घुस ही आते है उन्हें रोकिये सब कुछ सही जो जायेगा । फ़ौज का काम फ़ौज को करने दीजिये ?

S.P.Singh, Meerut

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