मंदिर निर्माण में आखिर बाधा क्या है?

ओम माथुर
अजमेर। विश्व हिंदू परिषद की ओर से आज नई दिल्ली में आयोजित धर्मसभा में जुटी भीड़ ने यह साबित कर दिया कि देश में लोग राम मंदिर का निर्माण जल्द से जल्द चाहते हैं। लेकिन यह समझ नहीं आ रहा कि संसद में भाजपा को पूर्ण बहुमत है । उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ की सरकार तीन चौथाई बहुमत से है। विश्व हिंदू परिषद भाजपा से जुड़ा संगठन है और आरएसएस भाजपा का मार्गदर्शक संगठन। फिर राम मंदिर निर्माण में बाधा क्या है?
जब एससी एसटी एक्ट पर सुप्रीम कोर्ट के फैसले के खिलाफ संसद में अध्यादेश लाया जा सकता है, तो राम मंदिर पर अध्यादेश लाने से सरकार को कौन रोक रहा है? क्या भाजपा के लिए कहीं राम मंदिर महज चुनावी मुद्दा तो नहीं है। पांच राज्यों के चुनाव में भाजपा को लगने वाले संभावित झटके को देखते हुए क्या लोकसभा चुनाव के लिए भाजपा अभी से राम मंदिर के नाम पर हवा तो नहीं बना रही है ? अयोध्या में राम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर जरूर बनना चाहिए और भाजपा का बीते 30 साल से यह चुनावी मुद्दा भी रहा है।
लेकिन यह भी सच्चाई है कि अभी जो राजनीतिक ताकत भाजपा के पास है शायद वह उसे अगली बार वापस ना मिले । तो फिर क्यों नहीं सरकार इस दिशा में कदम उठा रही है । तो क्या यह मान लिया जाए कि 2019 में चुनावी मुख्य मुद्दे राम मंदिर, रॉबर्ट वाड्रा अगस्ता वेस्टलैंड हैलीकाप्टर ही होगा? क्योंकि 2014 में सत्ता में आने के बाद से भाजपा साढे 4 साल तक इन मुद्दों पर आखिर खामोश क्यो रही?

ओम माथुर/9351415379

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