अजमेर ।
जिले की स्थायी लोक अदालत ने चिकित्सा सुविधाओं में लापरवाही को लेकर पेश वाद पर प्रमुख शासन सचिव , निदेशक जन स्वास्थ्य चिकित्सा सेवा , पीसीपीएनडीटी कोऑर्डिनेटर , और मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी को नोटिस देकर जवाब तलब किया है । आर टी आई एक्टिविस्ट केसरी कॉलोनी निवासी ललित भटनागर और महिला मुक्ति मोर्चा की संयोजक सुश्री विद्या ने
एडवोकेट प्रीतम सिंह सोनी और जिनेश सोनी के जरिये संयुक्त रूप से बाद पेश करते हुए अदालत को बताया कि भीलवाड़ा एम एल ए की स्वाइन फ्लू से मृत्यु और मौसमी बीमारियों के बावजूद , डॉ और अधिकारीगण सरकार के खिलाफ असहयोग आंदोलन चला रखा है ।आम जन सरकारी योजनाओं के लिए झूझ रहा है।जिले की गरीब जनता के स्वास्थ्य अधिकार सुरक्षित रखने के अदालत की शरण लेनी पड़ी है ।
अधिवक्ताओं ने अदालत को जानकारी देते हुए बताया कि जिले में अवैध् गर्भपात , भ्रूण का लिंग परीक्षण , कन्या भ्रूण हत्याओं के मामले बड़े हैं ।
अधिकारियोँ की लिप्ता से इनकार नहीं किया जा सकता । अवैध् सोनोग्राफी सेन्टर बेरोकटोक चल रहे है । पिछले कुछ दिनों की अखबारों को कटिंग पेश करते हुए एडवोकेट प्रीतम सोनी और जिनेश सोनी ने जानकारी देते हुए बताया कि रेस्मा कानून का डॉक्टरों मे कोई भय नजर नही आ रहा है । सरकारी बोर्ड परिसर में सरकार के ख़िलाफ राज्य इकाई ने व्यूय रचना में डॉ सिसोदिया, डॉ के के सोनी , डॉ रामलाल ने बढ़ चढ़ कर भाग लिया है । यूनियन के नाम से डॉ अपने कार्यस्थल पर न जाकर सीएमएचओ आफिस और परिवार कल्याण संस्थान में बैठकों और चंदा उगाई में व्यस्त रहे है।
चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग में पोपा बाई का राज चल रहा है। कार्मिकों को 15 सीएल यानी केजुअल लीव की जगह 62 सीएल की अनुमति देकर सरकारी आदेशों की धज्जियां उडाई जा रही है |
विभाग के संयुक्त निदेशक व सीएमएचओ का इनपर अंकुश नजर नहीं आ रहा है । हालत यह है कि दोपहर के समय में तो अधिकांश अधिकारी व कर्मचारी अपने कार्यालय में नदारत ही रहते हैं इतना ही नहीं चिकित्सा विभाग में स्वाइन फ्लू मलेरिया ड़ेंगू मौसमी बीमारियों की रोकथाम , संस्थागत प्रसव, टीकाकरण, भामाशाह योजना, तम्बाकू निषेद्ध की प्रचार सामग्री भी कई महीनों तक विभाग में धूल फांकती रही |
सरकार से हड़ताल के दौरान मौसमी बीमारियों में हुई मृत्यु और कुशल प्रबंधन की कमी को हाई कोर्ट ने भी बहुत गंभीरता से लिया है और प्रसंज्ञान लेते हुए स्वास्थ्य को नोटिस दिया है ।
अधिवक्ता प्रीतम सोनी
अधिवक्ता जिनेश सोनी