मिल रहे जन समर्थन से बोखलायी भाजपा
नेताओं से दिलवा रहे है अनर्गल बयान

फ़िरोज़ खान
बारां 05 अक्टूबर। भारी कर्ज एवं विभिन्न समस्याओं से पीड़ित किसानों को सम्मानपूर्वक हक दिलाने की मांग पर चार दिवसीय किसान न्याय पद यात्रा लेकर झालावाड़ की बढ़ रहे कांग्रेस के तीखे तेवरों से राज्य सरकार की नींद उड़ गई। वहीं किसान न्याय पद यात्रा को मिल रहा खुला समर्थन सरकार की बैचेनी बढ़ा रहा है। इस यात्रा से दबाव में आई सरकार ने बचाव के लिए अलग-अलग मोर्चों पर मंत्रियों एवं वरिष्ठ नेताओं को मीड़िया के समक्ष बयान-बाजी करने की जिम्मेदारी सौंफी है, जो राज्य सरकार की बौखलाहट को साफ तौर पर दर्शाता हैं। ये बात गुरूवार को खानपुर से यात्रा के तीसरे दिन कहा, आगाज करते हुए पीसीसी अध्यक्ष सचिन पायलट ने कही। उन्होंने कहा कि किसान न्याय पद यात्रा किसानों का मान-सम्मान बरकरार रखते हुए सरकार से उनका हक उचित समय पर दिलाने के लिए की जा रही है। इसमें कांग्रेस किसी प्रकार की कोई राजनीति नहीं कर रही बल्कि इसके वितरित राजस्थान की वसुन्धरा सरकार राजनीतिक लाभ के लिए किसानों को वर्तमान में किसी प्रकार की उचित राहत देने के बजाय चुनावी साल में राहत की रेवड़ियां बाँटने का मन्सूबा बना रही हैं। सरकार की इस नीयत से कांग्रेस ने बखूबी तौर पर भांप लिया ओर हम स्पष्ट रूप से कहना चाहते हैं, कि किसानों को वर्तमान परिस्थितियों में ही तत्काल प्रभाव से उचित एवं प्रभावी राहत प्रदान की जाये। ऐसा नहीं होने की स्थिति में कांग्रेस राज्य सरकार को घुटनों पर झुकाने का दम-खम रखती है। पायलट ने दोहराया कि कांग्रेस की कथनी और करनी में कभी अन्तर नहीं रहा, हमारी तत्कालीन सरकार ने केन्द्रीय स्तर से देशभर में किसानों को हजारों-करोड़ों रूपये के कर्जे से आजाद कर काफी बड़ी राहत प्रदान की थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की अगुवाई में केन्द्र की सŸाा पर काबिज वर्तमान एनड़ीए सरकार ने किसानों के कर्ज माफी का मामला राज्य सरकारों की जिम्मेदारी पर छोड़ दिया जबकी उन्होंने चुनावी रैलियों में किसानों एवं मजदूरों की आय बढ़ाने के साथ-साथ कहीं प्रकार के वादें किये थे। कुछ महिनों पूर्व प्रधानमंत्री ने कर्ज माफी का वादा कर उŸार प्रदेश में सरकार बना ली, परन्तु उŸार प्रदेश से लेकर दिल्ली ओर राजस्थान तक किसानों की माली हालत में कोई सुधार नहीं आया।
यात्रा को ‘‘फ्लोप शो’’ कहने वाले गम्भीर नहीं – कांग्रेस ने बारां सर्किट हाऊस में भाजपा किसान मौर्चा के प्रदेशाध्यक्ष एवं विधायक कैलाश चैधरी तथावरिष्ठ नागरिक बोर्ड़ अध्यक्ष प्रेमनारायण गालव द्वारा किसान न्याय पद यात्रा को ‘‘फ्लोप शो’’ कहे जाने पर कड़ा ऐतराज जताया हैं। नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूड़ी ने कहा कि यात्रा को ‘‘फ्लोप शो’’ कहने वालों काकिसानों की समस्याओं तथा मान-सम्मान से कोई वास्ता नहीं बल्कि ये नेतागण माननीया मुख्यमंत्री श्रीमती वसुन्धरा राजे के हुक्कम की तामिल करने में लगे हुए है। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की बयानबाजी कर भाजपा नेतागण किसानों के दर्द पर नमक-मिर्च छिड़कने का कार्य कर रही है, जिसका जवाब यही किसान आगामी विधानसभा चुनाव के समय भाजपा और उनके नेताओं के देंगें। डूड़ी ने सरकार के इशारे पर मीड़िया मे कांग्रेस की न्याय पद यात्रा को लेकर सवाल कर रहे भाजपा नेतागण से प्रतिप्रश्न किया कि कर्ज में फंसे किसानों को मुक्ति प्रदान करने के लिए उनकी सरकार ने अब तक क्या कदम उठाये है? यदि इस सरकार ने किसानों को राहत प्रदान करने के लिए ठोस कदम उठाये होते तो आनन-पानन में खोले गये जिन्स खरीद केन्द्रों पर बारां से लेकर कोटा तक किसानों का हंगामा नहीं होता जबकि मीड़िया के जरिये किसानों की परेशानियां रोजाना सामने आ रही हैं।
भाया ने सरकार एवं भाजपा को घेरा -प्रदेश कांग्रेसउपाध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री प्रमोद भाया ने गुरूवार को तीसरे दिन की पद यात्रा प्रारम्भ करते हुए कहा कि किसानों की समस्याओं को लेकर यह राज्य सरकार किसी भी स्तर पर गम्भीरता से कार्य नहीं कर रही। कुछ दिन पहले जब कांग्रेस ने बारां में परवन वृहद सिंचाई परियोजना को लेकर मीड़िया से बातचीत करने का कार्यक्रम निर्धारित किया तो गलत तथ्यों के साथ सरकार के इशारे पर रातों-रात जल संसाधन विभाग द्वारा बारां जिला मुख्यालय पर बड़े-बड़ें होर्ड़िंग्स टंगवा दिये गये, जबकि सरकार की ढ़िलाई के कारण परियोजना की लागत लगभग 231 प्रतिशत से ज्यादा बढ़ गई। इसका अप्रत्यक्ष भार किसानों को ही झेलना पड़ेगा ओर परियोजना के पूर्ण होने में भी करीब 8 साल का समय लग जायेगा। यह सब इस सरकार की ढ़िलाई की वजह से हुआ हैं, दुसरी ओर कर्ज माफी के मामले में भी सरकार दोहरी मानसिकता दिखा दी। यदि सरकार कर्ज माफी के मुद्दे पर गम्भीरता दिखा रही होती तो उसे कमेटी के नाम पर उलझाने की कोई जरूरत नहीं थी। इससे स्पष्ट तौर पर पता चल गया कि सरकार किसानों की तकलीफों का समाधान करने में असफल सिद्ध हो गईं।
प्रदेश के नेता उमड़े-नेता प्रतिपक्ष रामेश्वर डूड़ी, उप नेता प्रतिपक्ष रमेश मीणा, जिला प्रभारी अशोक बैरवा, पूर्व मंत्री रामलाल जाट,पूर्व मंत्री मुरारीलाल मीणा, पूर्व सांसद गोपालसिंह, पूर्व सांसद ताराचन्द भगोरा, रघुवीर मीणा, विधायक अशोक चाँदना, पूर्व संसदीय सचिव नसीम अख्तर, ममता शर्मा, उर्मिला जैन भाया लोकसभा प्रत्याशी, पानाचन्द मेघवाल जिलाध्यक्ष, एनएसयूआई प्रदेशाध्यक्ष अभिमन्यु पुनिया, प्रदेश सचिव इन्द्रराज गुर्जर, विधायक घनश्याम मेहरा, पूर्व मंत्री रामगोपाल बैरवा, उपाध्यक्ष राजेन्द्र चैधरी, पूर्व मंत्री खिलाड़ीलाल बैरवा, डाॅ. खानु खान बुधवाली, पूर्व मंत्री रतन देवासी, करणसिंह उचियड़ल, महेन्द्रसिंह रलावता, सुरेश मीणा, मास्टर भंवरलाल मेघवाल, पूर्व सांसद इज्यराजसिंह, पीसीसी प्रवक्ता सुरेश चैधरी, सचिव शरद शर्मा, पंकज मेहता, पूनम गोयल, सहित हजारों कांग्रेसजनों ने किसान न्याय यात्रा में शिरकत की।
यात्रा के स्वागत में उमड़ रहा सैलाब -खानपुर में रात्रि विश्राम के पश्चात गुरूवार को कांग्रेसदल-बल सहित तीसरे दिन की किसान न्याय पद यात्रा को लेकर मण्ड़ावर की ओर रवाना हुई। इस दौरान ग्राम कंवल्दा, गोलाना, मरायता, नागोनिया, टोलप्लाजा, लढ़ानिया, याण्ड़ी, रामनगर, हरिगढ़ चैराहा, बाघेर, भीमसागर चैराहा, चूनाभाटी चैराहा तथा मण्ड़ावर में ग्रामीणों ने गर्मजोशी से यात्रा का स्वागत अभिनन्दन किया। ग्रामीणों ने रोते-बिलखते हुए अपनी समस्याएं तथा अभाव-अभियोग कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष सचिन पायलट के समक्ष रखे।
आज विशाल किसान सम्मेलन-चार दिवसीय यात्रा शुक्रवार को दोपहर करीब 1 बजे खण्ड़िया चैराहा से होते हुए राधारमण स्टेड़ियम ड़िप्टीजी मंदिर पहुंचेगी, जहाँ कांग्रेस की ओर से विशाल किसान सम्मेलन रखा गया है। इसमें बारां-झालावाड़-कोटा-बून्दी सहित आस-पास के जिलों से हजारों किसान वमजदूर सम्मेलन में शिरकत करेगें, जिसके लिए जिला कांग्रेस कमेटी बारां तथा जिला कांग्रेस कमेटी झालावाड़ की ओर से व्यापक तैयारियां की गई हैं।