मोदी ने बदली विश्व की राजनीति

भारत के प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी क्या विश्व की राजनीति बदल रहे हैं? यह सवाल मोदी के 17 नवम्बर को ऑस्ट्रेलिया के ऑलफोन्स एरिना में दिए भाषण से उठा है। मोदी ने भाषण तो ऑस्ट्रेलिया में दिया, लेकिन उनके निशाने पर कांग्रेस का 60 वर्ष और स्वयं के चार माह का शासन ही रहा। 17 नवम्बर को मोदी ने जब भाषण दिया, तब भारत में दोपहर और ऑस्ट्रेलिया में रात का समय था, स्वाभाविक है कि मोदी का भाषण भारत में लाइव कवरेज के माध्यम से ज्यदा सुना गया। विश्व की राजनीति में शायद यह पहली शुरुआत है, जब किसी देश के प्रधानमंत्री ने दूसरे देश में जाकर इवेंट मैनेजमेंट के तहत लम्बा भाषणा दिया है। हो सकता है कि आने वाले दिनों में अमेरिका, ऑस्ट्रेलिया, चीन और पाकिस्तान के राष्ट्रपति-प्रधानमंत्री भी भारत आकर दिल्ली के रामलीला मैदान में भाषण दें। तब शायद नरेन्द्र मोदी इनकार नहीं कर सकेंगे, क्योंकि विश्व की राजनीति में मोदी स्वयं ही नया प्रयोग कर रहे हैं। हम भारतवासी बेहद गर्व महसूस कर रहे हैं कि हमारे देश के प्रधानमंत्री ने अमेरिका के बाद ऑस्ट्रेलिया में अपना डंका बजा दिया। इसमें कोई दो राय नहीं कि 17 नवम्बर को मोदी ने ऑलफोन्स एरिना में जिस इवेंट के माध्यम से भाषण दिया, वह काबिले तारीफ है। मोदी ने भाषण तो ऑस्ट्रेलिया में दिया, लेकिन उनके निशाने पर भारत रहा। कांग्रेस के 60 वर्ष के शासन पर कटाक्ष करते हुए मोदी ने कहा कि अब भारत का प्रधानमंत्री गांव-गांव में शौचालय बनवाता फिर रहा है। उन्होंने भारतीय मूल के ऑस्ट्रेलिया में रहने वाले नागरिकों से भी अपील की कि वे अपने पूर्वजों के गांव शहर आदि में शौचालय बनवावें। मोदी ने यह भी बताया कि भारत में सरकारी ढांचा किस प्रकार से काम कर रहा है। मोदी ने कहा कि जन धन योजना के लिए जब मैंने रिजर्व बैंक के अधिकारियों से बात की तो उन्होंने कहा कि बैंकों में हर नागरिक का खाता खोलने में तीन वर्ष लग जाएंगे। इसी प्रकार वित्त मंत्रालय ने दो वर्ष और मेरे पीएमओ के अधिकारियों ने एक वर्ष का समय बताया। लेकिन मैंने 15 अगस्त को लाल किले से जन धन योजना की घोषणा की और संकल्प लिया कि 26 जनवरी 2015 तक गरीबों के बैंक खाते खुल जाए। मैंने जीरो बैलेंस के खाते की घोषणा की, लेकिन भारत के गरीब लोगों ने फिर भी इन खातों में पांच हजार करोड़ रुपया जमा करवा दिया। मोदी ने कहा कि स्वामी विवेकानंद ने आजादी के पचास साल पहले कहा था कि भारत के लोग देवी-देवताओं को भूलकर देश को संभालने में लग जाए। तो भारत एक बार फिर से विश्व गुरु बन सकता है। मोदी ने कहा कि मुझे कोई कारण नजर नहीं आता कि अब भारत विश्व गुरु नहीं बने। उन्होंने कहा कि मेरा चार माह का अनुभव यह बताता है कि भारत विश्व गुरु बन सकता है। भारत में 25 साल के युवा 250 करोड़ है। ये युवा ही भारत को विश्व गुरु बना सकते हैं? उन्होंने कहा कि पिछली सरकारें कानून बनाने को अपनी उपलब्धियां बताती है, जबकि में कानून समाप्त करने में विश्वास रखता हंू। पीएम बनने के बाद मैंने बहुत से कानून समाप्त कर दिए और आने वाले दिनों में जटिलता वाले कानूनों को और समाप्त किया जाएगा।
मोदी के भाषण से पहले ऑलफोन्स एरिना में भारत के विभिन्न प्रांतों की संस्कृति के अनुरूप सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन कार्यक्रमों का भारतीय मूल के लोगों ने जमकर लुत्फ उठाया। मोदी ने भी अपने भाषण में सभी लोगों का आभार प्रकट किया। -(एस.पी.मित्तल)