सभी दलों के नेताओं ने बयानों और भाषणों में मर्यादा खो दी है

प्रेम आनंदकर
प्रेम आनंदकर
राजनीति में अभिव्यक्ति की इतनी गिरावट आ जायेगी, कभी सोचा भी नहीं था। चाहे बीजेपी हो या कांग्रेस, चाहे सपा हो या बसपा, सभी दलों के नेताओं ने बयानों और भाषणों में मर्यादा खो दी है। कोई किसी के बाथरूम में झांक रहा है तो कोई किसी की पत्नी को लेकर उल-जलूल बोल रहा है। कोई किसी के घरेलू मामलों को राजनीति का हथियार बना रहा है तो कोई किसी के कुंआरेपन का मजाक उड़ा रहा है। यूपी, पंजाब, गोआ व अन्य राज्यों के चुनावो में जमकर छिछालेदारी की जा रही है। मुझे समझ में नहीं आ रहा है कि देश और राज्यों की बागडोर संभालने वाले आखिर अपने और अपनी पार्टी के स्वार्थ के लिए इस तरह की ओच्छी बदजुबानी और निचले दर्जे की भाषा से देश को किस दिशा में ले जाएंगे। यदि ऐसे नेता अपने आपको नहीं सुधारते हैं तो जनता को इनसे निपट लेना चाहिए। इन्हें घर बैठा देना चाहिए।
-प्रेम आनंदकर, अनीजवाल, अजमेर, राजस्थान।

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