राहु का गोचर किस राशि को क्या फल देगा?

7 मार्च 2019 से 24 सितंबर 2020 तक होने वाला राहु का गोचर किस राशि को क्या फल देगा।

ज्योति दाधीच
राहु मिथुन में और केतु धनु में 07 मार्च 2019 को उच्च के हो रहें हैं राहु 18 सालों बाद उच्च के हो रहें हैं जोकि किसी को बहुत शुभ तो किसी को बहुत अशुभ फल देगा जिनकी कुंडली में राहु खराब हैं वो सावधान हो जाएँ और अगर जिनकी मिथुन राशि में सूर्य,चंद्र,मंगल,बुध,गुरू,शुक्र,शनि,राहु,केतु हैं तो अपना विशेष ध्यान रखें क्योंकि सूर्य से शारीरिक हानि,चंद्र मानसिक चिंता,मंगल चिड़चिड़ापन और क्रोध बुध व्यापार में वृद्धि गुरू भाग्य साथ ना देने के कारण चिंता शुक्र बदनामी शनि बड़ी अनहोनी घटना और राहु शुभ फल और केतु मध्यम रहेंगा
तो आईये जानते हैं कि राहु का मिथुन में गोचर किस राशि को क्या फल देगा।
1.
मेष राशि वालों के तृतीय भाव में राहु को गोचर बहुत शुभ रहेंगा आपको हर तरफ से लाभ होगा इनके पराक्रम में वृद्धि,धन लाभ,नई नौकरी या नौकरी में पदोन्नति, छोटी-छोटी यात्राएँ और नये लोंगो से सम्पर्क जिनसे भविष्य में लाभ होगा मित्रों से लाभ, भाग्य आपका साथ देगा, आर्थिक लाभ और विदेश यात्रा का योग बन रहा हैं।
2.
वृष राशि वालों के द्वितीय भाव में राहु का गोचर अशुभ रहेंगा क्योंकि एक तो आप पर शनि की ढ़ैया चल रहीं हैं आर्थिक हानि कड़वी वाणी, पारिवारिक क्लेश, क्रोध में वृद्धि ,कर्ज में और खर्च में वृद्धि, मानसिक तनाव, स्वास्थ्य खराब होगा।
3.
मिथुन राशि के लग्न में राहु का गोचर अशुभ रहेंगा गलत मित्रों का चुनाव और मित्र धोखा देंगे, नशे की लत, मन निराश और परेशान माता के लिये बहुत अशुभ, पुराना रोग उभर सकता, सिर में चोट लग सकती हैं, उधार पैसे किसी को मत दें वरना वापिस ना मिलेंगें।
4.
कर्क राशि वालों के द्वादश भाव में राहु का गोचर अशुभ रहेंगा कुछ राहत लेकिन व्यय में वृद्धि, विदेश जाने के योग, पारिवारिक मतभेद, और अपयश, मन निराश,और कार्यक्षेत्र में परेशानी, शत्रु वृद्धि,अल्प सुख प्राप्त होगा।
5.
सिंह राशि वालों के एकादश भाव मे राहु का गोचर बहुत अधिक शुभ रहेंगा बहुत अधिक धन लाभ, लाॅटरी लग सकती हैं पराक्रम में वृद्धि, भाग्य साथ देगा, स्वभाव में बदलाव, आप अपना समय मौज-मस्ती और आनंद में गुजारेगे चारों तरफ आपका नाम होगा, यश में वृद्धि, और हर कार्य में विजय, लोग आपको एक प्रेरणादायक व्यक्ति समझेंगे जिसके भी आप साथ में होंगे वो प्रसन्न रहेंगा लोग आपके सम्पर्क में आना चाहेंगें कहने का तात्पर्य ये हैं कि राहु के गोचर का सबसे अधिक आपको लाभ होगा।
6.
कन्या राशि वालों के दशम भाव में राहु का गोचर शुभ रहेंगा क्योंकि एक तो आप पर शनि की ढ़ैया चल रहीं हैं धन लाभ, व्यापार वृद्धि, सम्मान में वृद्धि, माता-पिता की चिंता, मित्रों में वृद्धि, और अधूरे काम बनेंगे, लेकिन आपके साथ बड़ा धोखा हो सकता हैं ध्यान रखें और किसी को गलत मत बोलें वरना बाद में पछताना होगा।
7.
तुला राशि वालों के नवम भाव में राहु का गोचर अशुभ रहेंगा आपके चरित्र को लेकर लोग आपको बदनाम कर सकते जीवनसाथी से झगड़ा, पारिवारिक जीवन काफी प्रभावित होगा, और लंबी दूरी की यात्रा होंगी, जिससे आपका मन प्रसन्न रहेंगा या फिर तीर्थ यात्रा हो सकती हैं ,संतान की चिंता, आर्थिक हानि, पैसों का लेन-देन ध्यान से करें, क्योंकि इस समय भाग्य आपके साथ नहीं हैं।
8.
वृश्चिक राशि वालों के अष्टम भाव में राहु का गोचर बहुत अशुभ रहेंगा क्योंकि एक तो आप आप साढ़ेसाती चल रहीं हैं वाहन ध्यान से चलाएँ बड़ी दुर्घटना हो सकती हैं नशे की लत, नीच लोगों से सम्पर्क,आय कम, खर्चों में वृद्धि, पारिवारिक लोग आपसे व्यवहार अच्छा नहीं करेंगे, आपका दिमाग खराब, मित्र धोखा देंगे ,आपको विशेष सावधानी रखनी चाहिए।
9.
धनु राशि वालों के सप्तम भाव में राहु का गोचर अशुभ रहने वाला हैं क्योंकि एक तो आप पर साढ़ेसाती चल रहीं हैं और दूसरा आपकी राशि में चंद्र के साथ केतु हैं जीवनसाथी से अनबन या उसका स्वस्थ्य हानि और आपका शरीर थका-थका सा रहेंगा मन निराश रहेंगा पारिवारिक जीवन में समस्या और पैतृक संपत्ति के कारण झगड़ा हो सकता हैं।
10.
मकर राशि वालों के षष्ठ भाव में राहु का गोचर बहुत अधिक शुभ रहेंगा हालांकि आप पर साढ़ेसाती चल रहीं हैं आय में वृद्धि, शत्रु मित्र बन जाएँगे या आपसे भयभीत रहेंगे आपके समकालीन आपसे ईर्ष्या करेगें काफी धन लाभ और पुराने रोग से मुक्ति और भाग्य वृद्धि एवं प्रतियोगिताओं में सफलता हासिल होंगी।
11.
कुम्भ राशि वालों के पंचम भाव में राहु का गोचर अशुभ रहेंगा शिक्षा में रूकावटे, पैसे के लेन-देन में नुकसान, नशे की लत, और प्रेमी-प्रेमिका से विवाद, पिता के साथ अनबन, लोग आपको धोखा दें सकते हैं।
12.
मीन राशि वालों के चतुर्थ भाव में राहु का गोचर मध्यम रहेंगा आपको दुख-शोक और माता का स्वास्थ्य खराब और आपका अपना स्वास्थ्य खराब कार्यक्षेत्र में परेशानी, मानसिक तनाव, खर्च में वृद्धि और आय संतोषजनक नहीं होंगी।
जय माताजी की

एस्ट्रो ज्योति दाधीच
तीर्थराजपुष्कर, राजस्थान।

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