मेरी भावना

बी एल सामरा “नीलम “
दिल में नई उमंगे जागे ,
मिलजुल कर हम खुशियां बांटे । अशांति के सब बादल छंट जाएं, घर-घर खुशी के दीप जले ।
आगे बढ़ते रहें जीवन में ,
स्नेह- शांति के सुमन खिले ।
कामयाबी की छू ले बुलंदी ,
खुशियां हमें अपार मिले ।
भारतवासी सब रहे चैन से ,
योगक्षेम का पैगाम मिले ।
हर – घर में उजियाला हो ,
हर -घर में खुशहाली हो ।
विश्व चमन के हर पत्ते पर ,
हम देखें फिर से , नई हरियाली हो ।।

बी एल सामरा “नीलम ”
सेवानिवृत्त शाखा प्रबंधक भारतीय जीवन बीमा निगम मंडल कार्यालय अजमेर

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