मुझ पर छोटी-छोटी बातों का कोई असर नहीं होता

मैंने उसे आज़ाद कर दिया
बात उस समय की है जब जवाहर लाल नेहरू किशोर अवस्था के थे। पिता मोतीलाल नेहरू उन दिनों अंग्रेजों से भारत को आज़ाद कराने की मुहिम में शामिल थे। इसका असर बालक जवाहर पर भी पड़ा। मोतीलाल ने पिंजरे में तोता पाल रखा था। एक दिन जवाहर ने तोते को पिंजरे से आज़ाद कर दिया। मोतीलाल को तोता बहुत प्रिय था। उसकी देखभाल एक नौकर करता था। नौकर ने यह बात मोतीलाल को बता दी। मोतीलाल ने जवाहर से पूछा, ‘तुमने तोता क्यों उड़ा दिया। जवाहर ने कहा, ‘पिताजी पूरे देश की जनता आजादी चाह रही है। तोता भी आजादी चाह रहा था,सो मैंने उसे आज़ाद कर दिया ।’मोतीलाल जवाहर का मुंह देखते रह गये।
जे. ,के. गर्ग