सोने में सुगंध के समान योग : आठ के ठाठ अद्भुत संयोग

b l samra
हमारी सनातन संस्कृति और भारतीय परम्परा की विरासत में आठ के ठाठ का बहुत प्रभाव दृष्टिगोचर होता है । अभी हाल ही हम सभी ने श्री कृष्ण जन्माष्टमी श्रद्धा पूर्वक मनायी है। उनका जन्म भाद्रपद मास की अष्टमी को हुआ और वे अपने माता-पिता की आठवीं संतान थे। उन्हें योगेश्वर भी कहा जाता है क्योंकि उन्होंने कर्मयोग का उपदेश महाभारत युद्ध के दौरान अर्जुन को दिया जो अष्टायोग के अष्टाध्यायी अष्टांग योग का संदेश जो गीता ज्ञान कहलाया। गीता के 18 अध्याय है। महाभारत युद्ध भी 18 दिवस तक चला जिसमें 18 अक्षौहिणी सेना के आठ महारथी शामिल थे ।इन सबके उच्चारण में आठ की प्रधानता है । इसके अलावा अष्टाचल ,अष्टावक्र,अष्टधातु ,अष्टसिद्धि ,अष्टविनायक,आठ प्रहर,आठों याम,आठ घनघाति कर्म सभी मे आठ की संख्या प्रमुख है । माला के मणकों की संख्या 108 होती है, इसके अलावा हम जब किसी महान विभूति अथवा सम्मानित राजा महाराजा और ऋषि मुनि संत महात्माओं के प्रति सम्मान स्वरुप उनके नाम से पूर्व श्री श्री 108 अथवा 1008 श्री का प्रयोग करते हैं फलस्वरूप भारतीय संस्कृति और पौराणिक कथा वाचन तथा सम्बोधन में इनका उपयोग किये जाने का प्रचलन है ।
मेरे जीवन के 35 महत्वपूर्ण अवसर संयोग वश आठ की संख्या से जुड़े हुए हैं ,स्वयं मेरा जन्मदिन तो आठ जून को है ,संवत 2015 जिसकी संख्या का योग भी आठ होता है और हाल ही 62 वी वर्ष गांठ मनायी उसका भी योग आठ है । इस वर्ष विक्रम संवत 2078 तथा राष्ट्रीय शक संवत शाके 1943 है इनका एकल योग भी आठ ही बनता है, इसके अतिरिक्त पत्नी, तीनों बच्चों और दोनों बहुओं के जन्म दिवस का सम्बन्ध भी किसी न किसी रूप में आठ की संख्या से सम्बंध है । मसलन श्रीमती जी का जन्म दिवस अगस्त माह में आता है ,जो कैलेंडर के हिसाब से वर्ष का आठवां मास है । इसी प्रकार बड़े बेटे विमल का जन्म दिन आठ सितम्बर है ,बेटी का जन्म राधाअष्टमी को हुआ तो छोटे बेटे सौरभ की जन्म तिथि के दोनों अंकों का योग आठ आता है उसकी जन्म तिथि 17 नवम्बर है ।मैंने 35 वर्ष पूर्व जब विकास अधिकारी के पद पर LIC में अपनी सेवा प्रारंभ की तो नियुक्ति तिथि आठ अप्रैल थी और अजमेर पद स्थापना के बाद अपना पहला बैक अकाउंट खुलवाया तो अकाउंट नम्बर 7001 मिला , जिसका योग आठ है ।इतना ही नहीं अपनी पहली कार का नम्बर भी 251 मिला जिसका योग भी आठ ही होता है ।इसी कड़ी में एक नया संयोग और जुड़ गया जब अपने जन्मदिन की पूर्व संध्या और वीर शिरोमणि हिन्दू सम्राट पृथ्वी राज चौहान की जयंती पर मुझे बैंगलोर से सूचना मिली कि वहां की एक संस्था द्वारा विरासत के क्षेत्र में मेरे योगदान और कोराना काल के दौरान मेरे द्वारा सृजनात्मक और विचारोत्तेजक लेखन कार्य द्वारा जन जागरण के लिए कार्यों का मूल्यांकन करते हुए स्मार्टसिटीजन का राष्ट्रीय पुरस्कार दिया जा रहा है और सम्बंधित सर्टिफिकेट मुझे आठ जून 2021 को प्राप्त हो गया ।
इस हमारी सनातनं संस्कृति की भांति मेरे जीवन की अनेकानेक प्रसंग और घटनाओं के साथ आठ के अंक का अद्भुत संयोग सहज रूप में जुड़ना सुखद अनुभूति का एहसास करवाता है ।
आपकी शुभकामनाएं और आत्मीयता पूर्ण सद्भावना से मेरे जीवन की गति को प्रगति प्राप्त होगी। आपके स्नेह मय उदगार मेरे लिए प्रेरणा स्रोत होंगे ।
सादर जय जिनेन्द्र !

आलेख सोजन्य
*बी एल सामरा नीलम*
संयोजक मेवाड़ गौरव केन्द्रएवं संस्थापक अध्यक्ष
विरासत सेवा संस्थान अजमेर

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