dr. j k gargनिराशा को कभी भी अपनी सोच के नजदीक नहीं आने दे | अपने जीवन मै नकारात्मक सोच को छोड़ करके सकारात्मकता को अपनी सोच का अभिन्न अंग बनायें निराशा की भावना को सदा के लिये तिलांजली दें | छोटी से छोटी बातों में भी अच्छाई को ढूढें | अन्धकार मे भी आशा का दीप जलाए रखे | याद रक्खे कि जीवन में खुशी प्राप्त करने के लिये दूसरों को भी यथाशक्ति खुश रखने का प्रयास करना जरूरी है मित्रों सहकर्मियों के अच्छे काम की प्रशंसा करे | अपने आप से वादा करें कि नये साल मे हर परिस्तिथी में में सदेव शांत और रिलैक्स्ड रहूंगा | रिलेक्स रहने के लिये गहरी और लम्बी स्वास ले ओर छोड़े | .अपने मन के अंदर इस बात को धारण कर लें कि ख़ुशी मेरा जन्मसिद्ध मोलिक अधिकार है | चाये कुछ भी हो जाए मै दिन भर खुश रहुगां | जब कभी कोई अनहोनी घटना घट भी जाये तब भी अपने आप को सकारात्मक सोच पर केन्द्रित करते हुयें अपने आप को समझाये कि मेरे साथ इससे भी बुरा हो सकता था ,प्रभुजी को धन्यवाद दें |