गाजा में बमों की बौछार, जंग को तैयार फौज

इजरायल ने तेल अबीव और जेरुसलम पर हुए रॉकेट हमलों के बाद हमास सरकार के मुख्यालय समेत अल रहमान मस्जिद को निशाना बनाते हुए भीषण बमबारी की है। बमबारी में कई लोगों के हताहत होने की सूचना है। इजरायल ने अपने 75000 सैनिकों को भी तैयार रखा है, जिससे जमीनी हमले की आशका भी बढ़ गई है। बुधवार को इजरायल द्वारा हमास प्रमुख को मार गिराने के बाद से छिड़ी लड़ाई में अब तक 29 फलस्तीनियों और तीन इजरायली निवासियों की मौत हुई है। इस बीच मिस्र ने शनिवार को इजरायल को गाजा में सैन्य अभियान जारी रखने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि इसके लिए उसे भारी कीमत चुकानी होगी।

शनिवार सुबह इजरायल ने फलस्तीन के प्रधानमंत्री कार्यालय, पुलिस मुख्यालय, मस्जिदों, सुरंगों और रिहाइशी इलाकों को निशाना बनाया। हमास कमाडर इब्राहिम सलाह के घर से 25 घायलों को निकाला गया। इसी बीच इजरायली बमबारी और तेज हुई है।

इजरायली सुरक्षाबलों ने शनिवार सुबह ट्वीट कर कहा कि पिछले 6 घटों में हमने हमास के 85 ठिकानों को निशाना बनाया है। हमास द्वारा दागे रॉकेट से दक्षिणी इजरायल में बिजली की केबल कट गई है जिससे कुछ इलाकों में बिजली नहीं है। वहीं, फलस्तीनी पत्रकार मोहम्मद उमर ने ट्वीट कर बताया है कि शुक्रवार की बमबारी में कई लोग हताहत हुए हैं और सरकारी इमारतें ध्वस्त हुई हैं।

इससे पहले शुक्रवार को इजराइली सुरक्षाबलों ने ट्विटर पर अपडेट देते हुए बताया कि जेरुसलम में चेतावनी सॉयरन बजता हुआ सुनाई दिया। इजरायली सुरक्षाबलों ने एक रॉकेट के इजरायल की राजधानी जेरुसलम पर गिरने की पुष्टि की। गाजा से दागा गया रॉकेट जेरुसलम तक पहली बार पहुंचा है जिससे इजरायल की चिंता बढ़ गई है।

जवाबी कार्रवाई में इजरायली ने गाजा में सरकार चला रही हमास के कैबिनेट मुख्यालय को निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इमारत को भारी नुकसान हुआ है। हालाकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हमास सरकार ने अपने बयान में कहा है, कैबिनेट मुख्यालय की इमारत पर चार हवाई हमले हुए। सरकार अपने लोगों के साथ है और पीछे नहीं हटेगी। शनिवार सुबह को इजरायल ने हमले और तेज कर दिए। गाजा में भीषण धमाकों की आवाजें सुनी गई।

इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने अपने ट्विटर अकाउंट पर अपडेट देते हुए कहा, ऑपरेशन पिलर ऑफ डिफेंस के दौरान गाजा में 600 आतकी ठिकानों पर हमला किया गया जिनमें अंडरग्राउंड रॉकेट लाचर और आतकी साजो सामान भी शामिल है। इजरायल की मिसाइल रक्षा प्रणाली ऑयरन डोम ने शुक्रवार को गाजा से इजरायल पर दागे गए 86 रॉकेटों को नाकाम कर दिया। दक्षिण इजरायल में रॉकेट हमले की चपेट में आने से तीन सैनिक घायल हुए जबकि कोई भी रॉकेट तेल अबीव पर नहीं गिरा। ऑपरेशन पिलर ऑफ डिफेंस शुरू होने के बाद से अब तक 340 से अधिक रॉकेट गाजा से इजरायल में दागे गए।

मिस्र ने दी इजरायल को चेतावनी

मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी ने शनिवार को इजरायल को गाजा में सैन्य अभियान जारी रखने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि इसके लिए उसे भारी कीमत चुकानी होगी। समाचार पत्र अल-मसरी अल-याऑम के अनुसार मोरसी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि गाजा अकेला नहीं रहेगा, जैसा वह पहले था। उन्होंने यह भी कहा कि आक्रमणकारी जानते हैं कि अगर वे आक्रमण जारी रखते हैं, तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।

समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार मोरसी ने इजरायल को गाजा पर उसके द्वारा किए जा रहे हमलों के परिणामों के बारे में आगाह करते हुए कहा कि मैं कोई असामान्य कदम नहीं उठाना चाहता, लेकिन अगर मुझे लगा कि मेरी जन्मभूमि खतरे में हैं, तो मैं ऐसा करने में कोई संकोच नहीं करूंगा। उन्होंने कहा कि वहा खून बहाने से शाति नहीं आएगी और यह उन पर एक अभिशाप के रूप में काम करेगा। यह क्षेत्र के सभी लोगों को उनके खिलाफ उकसाएगा।

ज्ञात हो कि इजरायल ने 17 लाख आबादी वाले फिलीस्तीनी इलाके में बुधवार को हमला किया। इस हवाई हमले में हमास उग्रवादी गुट की सैन्य इकाई के प्रमुख अहमद जबारी की मौत हो गई थी। यह हवाई हमला गाजा द्वारा इजरायल की सीमा पर बसे कस्बों पर रॉकेट हमलों में वृद्धि के बाद किया गया है। हमास वर्ष 2007 से इस तरह के हमले कर रहा है।

फिलीस्तीनी चिकित्सकों ने बताया कि बीते तीन दिनों में इजरायल द्वारा किए गए हमलों में आठ उग्रवादी और 14 नागरिकों की मौत हो चुकी है। नागरिकों में सात बच्चों और एक गर्भवती महिला शामिल है। मोरसी ने कहा कि मिस्त्र लड़ना नहीं चाहता और वह निरंतर शाति की अपील करता रहा है, लेकिन वास्तविक शाति एक पक्ष की कीमत पर दूसरे के लिए नहीं है, ऐसा करने से एक पक्ष अच्छे जीवन का आनंद लेगा और दूसरा हमलों और चल रही हिंसा से पीड़ित रहेगा।गाजा में बमों की बौछार, जंग को तैयार फौज

इजरायल ने तेल अबीव और जेरुसलम पर हुए रॉकेट हमलों के बाद हमास सरकार के मुख्यालय समेत अल रहमान मस्जिद को निशाना बनाते हुए भीषण बमबारी की है। बमबारी में कई लोगों के हताहत होने की सूचना है। इजरायल ने अपने 75000 सैनिकों को भी तैयार रखा है, जिससे जमीनी हमले की आशका भी बढ़ गई है। बुधवार को इजरायल द्वारा हमास प्रमुख को मार गिराने के बाद से छिड़ी लड़ाई में अब तक 29 फलस्तीनियों और तीन इजरायली निवासियों की मौत हुई है। इस बीच मिस्र ने शनिवार को इजरायल को गाजा में सैन्य अभियान जारी रखने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि इसके लिए उसे भारी कीमत चुकानी होगी।

शनिवार सुबह इजरायल ने फलस्तीन के प्रधानमंत्री कार्यालय, पुलिस मुख्यालय, मस्जिदों, सुरंगों और रिहाइशी इलाकों को निशाना बनाया। हमास कमाडर इब्राहिम सलाह के घर से 25 घायलों को निकाला गया। इसी बीच इजरायली बमबारी और तेज हुई है।

इजरायली सुरक्षाबलों ने शनिवार सुबह ट्वीट कर कहा कि पिछले 6 घटों में हमने हमास के 85 ठिकानों को निशाना बनाया है। हमास द्वारा दागे रॉकेट से दक्षिणी इजरायल में बिजली की केबल कट गई है जिससे कुछ इलाकों में बिजली नहीं है। वहीं, फलस्तीनी पत्रकार मोहम्मद उमर ने ट्वीट कर बताया है कि शुक्रवार की बमबारी में कई लोग हताहत हुए हैं और सरकारी इमारतें ध्वस्त हुई हैं।

इससे पहले शुक्रवार को इजराइली सुरक्षाबलों ने ट्विटर पर अपडेट देते हुए बताया कि जेरुसलम में चेतावनी सॉयरन बजता हुआ सुनाई दिया। इजरायली सुरक्षाबलों ने एक रॉकेट के इजरायल की राजधानी जेरुसलम पर गिरने की पुष्टि की। गाजा से दागा गया रॉकेट जेरुसलम तक पहली बार पहुंचा है जिससे इजरायल की चिंता बढ़ गई है।

जवाबी कार्रवाई में इजरायली ने गाजा में सरकार चला रही हमास के कैबिनेट मुख्यालय को निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक इमारत को भारी नुकसान हुआ है। हालाकि किसी के हताहत होने की खबर नहीं है। हमास सरकार ने अपने बयान में कहा है, कैबिनेट मुख्यालय की इमारत पर चार हवाई हमले हुए। सरकार अपने लोगों के साथ है और पीछे नहीं हटेगी। शनिवार सुबह को इजरायल ने हमले और तेज कर दिए। गाजा में भीषण धमाकों की आवाजें सुनी गई।

इजरायल डिफेंस फोर्सेज ने अपने ट्विटर अकाउंट पर अपडेट देते हुए कहा, ऑपरेशन पिलर ऑफ डिफेंस के दौरान गाजा में 600 आतकी ठिकानों पर हमला किया गया जिनमें अंडरग्राउंड रॉकेट लाचर और आतकी साजो सामान भी शामिल है। इजरायल की मिसाइल रक्षा प्रणाली ऑयरन डोम ने शुक्रवार को गाजा से इजरायल पर दागे गए 86 रॉकेटों को नाकाम कर दिया। दक्षिण इजरायल में रॉकेट हमले की चपेट में आने से तीन सैनिक घायल हुए जबकि कोई भी रॉकेट तेल अबीव पर नहीं गिरा। ऑपरेशन पिलर ऑफ डिफेंस शुरू होने के बाद से अब तक 340 से अधिक रॉकेट गाजा से इजरायल में दागे गए।

मिस्र ने दी इजरायल को चेतावनी

मिस्र के राष्ट्रपति मोहम्मद मोरसी ने शनिवार को इजरायल को गाजा में सैन्य अभियान जारी रखने के खिलाफ चेतावनी देते हुए कहा कि इसके लिए उसे भारी कीमत चुकानी होगी। समाचार पत्र अल-मसरी अल-याऑम के अनुसार मोरसी ने अपने ट्विटर अकाउंट पर लिखा कि गाजा अकेला नहीं रहेगा, जैसा वह पहले था। उन्होंने यह भी कहा कि आक्रमणकारी जानते हैं कि अगर वे आक्रमण जारी रखते हैं, तो उन्हें इसकी भारी कीमत चुकानी होगी।

समाचार एजेंसी आरआईए नोवोस्ती के अनुसार मोरसी ने इजरायल को गाजा पर उसके द्वारा किए जा रहे हमलों के परिणामों के बारे में आगाह करते हुए कहा कि मैं कोई असामान्य कदम नहीं उठाना चाहता, लेकिन अगर मुझे लगा कि मेरी जन्मभूमि खतरे में हैं, तो मैं ऐसा करने में कोई संकोच नहीं करूंगा। उन्होंने कहा कि वहा खून बहाने से शाति नहीं आएगी और यह उन पर एक अभिशाप के रूप में काम करेगा। यह क्षेत्र के सभी लोगों को उनके खिलाफ उकसाएगा।

ज्ञात हो कि इजरायल ने 17 लाख आबादी वाले फिलीस्तीनी इलाके में बुधवार को हमला किया। इस हवाई हमले में हमास उग्रवादी गुट की सैन्य इकाई के प्रमुख अहमद जबारी की मौत हो गई थी। यह हवाई हमला गाजा द्वारा इजरायल की सीमा पर बसे कस्बों पर रॉकेट हमलों में वृद्धि के बाद किया गया है। हमास वर्ष 2007 से इस तरह के हमले कर रहा है।

फिलीस्तीनी चिकित्सकों ने बताया कि बीते तीन दिनों में इजरायल द्वारा किए गए हमलों में आठ उग्रवादी और 14 नागरिकों की मौत हो चुकी है। नागरिकों में सात बच्चों और एक गर्भवती महिला शामिल है। मोरसी ने कहा कि मिस्त्र लड़ना नहीं चाहता और वह निरंतर शाति की अपील करता रहा है, लेकिन वास्तविक शाति एक पक्ष की कीमत पर दूसरे के लिए नहीं है, ऐसा करने से एक पक्ष अच्छे जीवन का आनंद लेगा और दूसरा हमलों और चल रही हिंसा से पीड़ित रहेगा।

error: Content is protected !!