राजधानी में शुक्रवार को अतिक्रमण का विरोध करने पर स्पेयर पार्ट्स व्यवसायी को दो महिलाओं समेत पाच लोगों ने दुकान के अंदर केरोसिन छिड़कर जलाकर मार डाला। मृतक की पहचान विजय अरोड़ा (50) के रूप में हुई है। आरोपी सड़क पर मटका बेचने का काम करते हैं। वारदात के बाद से सभी फरार हैं। विजय अरोड़ा ने आरोपियों से अपनी दुकान के बाहर रखे मटकों को हटाने को कहा था। पश्चिम जिला के अतिरिक्त पुलिस आयुक्त वी. रंगनाथन के अनुसार कृष्णा उसके पुत्र पूरण, चमन, राज और चंद्रकाता नामक महिला के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर लिया गया है।
विजय अरोड़ा ख्याला के विष्णु गार्डन टी ब्लाक में रहते थे। ख्याला डीडीए मार्केट में उनकी स्पेयर पार्ट्स की दुकान है। उनकी पत्नी अनीता अरोड़ा सरकारी स्कूल में शिक्षिका हैं। शुक्रवार सुबह अनीता अरोड़ा को स्कूल छोड़ने के बाद करीब आठ बजे विजय अरोड़ा दुकान पर पहुंचे। दुकान के बाहर अतिक्रमण को लेकर विजय का कृष्णा व चंद्रकाता से विवाद हुआ। दोनों सड़क पर मटके बेचती हैं। कृष्णा के बेटे मौके पर पहुंच गए। मामला बढ़ता देख विजय ने घर फोन कर अपने बेटे सौरभ को इसकी जानकारी दी। सौरभ दुकान पर पहुंचा तो देखा कि आधा शटर गिरा हुआ था। अंदर से जलने की दुर्गध आ रही थी। उसने शटर उठाया तो पाया कि विजय का शरीर आधा जल चुका था। दुकान में चारों तरफ केरोसिन फैला हुआ था।
पुलिस ने विजय अरोड़ा को दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल पहुंचाया। डाक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। अतिरिक्त पुलिस आयुक्त वी रंगनाथन ने बताया कि सुबह करीब 8.20 बजे पुलिस को वारदात के बारे में सूचना मिली थी। जिस व्यक्ति ने सूचना दी थी उसकी तलाश की जा रही है। साथ ही इस घटना से जुडे़ चश्मदीदों की भी तलाश की जा रही है। विजय अरोड़ा के परिवार में पत्नी अनीता अरोड़ा, बेटा सौरभ, गौरव और बेटी सुरभि हैं।
व्यवसायी के भाई हरीश अरोड़ा के अनुसार उनके भाई का किसी अन्य से कोई विवाद नहीं था। आरोपियों ने ही वारदात को अंजाम दिया है। व्यवसायी विजय अरोड़ा के परिजनों का कहना है कि यदि पुलिस समय रहते कार्रवाई कर लेती तो उनकी जान बच सकती थी। विजय की पत्नी अनीता अरोड़ा के अनुसार 14 अप्रैल को भी कृष्णा और उसके बेटे ने मारपीट की थी। बाकायदा पीसीआर कॉल कर विजय अरोड़ा ने पुलिस को बुलाया था। ख्याला पुलिस ने सड़क पर अतिक्रमण करने वाले लोगों पर कार्रवाई करने की बजाय उल्टा उन्हीं से राजीनामा लिखवा कर मामले को रफा दफा कर दिया था। व्यवसायी के पुत्र सौरभ के अनुसार धनतेरस को भी आरोपियों ने पिता के साथ झगड़ा किया था। इसकी सूचना भी पुलिस को दी गई, लेकिन पहले की तरह कार्रवाई नहीं हुई। पुलिस कार्रवाई कर लेती तो शायद पिता की जान बच जाती। सौरभ के अनुसार हमारी मार्केट में चार दुकानें हैं। दो दुकानें पहले कृष्णा एवं चंद्रकाता ने किराए पर ली थी। जब लगा कि दोनों दुकान पर कब्जा कर सकते हैं तो अक्टूबर माह में उन्होंने दुकान खाली करा ली थीं। इस बात से आरोपी विजय से नाराज थे।