भाजपा ने बांग्लादेशियों को क्यों नहीं खदेड़ा?

बांग्लादेशी घुसपैठ के खिलाफ भारतीय जनता पार्टी आगामी 23 से 28 अगस्त तक जन जागरण अभियान चलाएगी और उसी के तहत 24 अगस्त को कलेक्ट्रेट पर धरना भी देगी। ऐसे में कानाफूसी है कि भाजपा को बांग्लादेशियों की घुसपैठ की इतनी ही चिंता है तो उसने अपने शासन कालों में इन्हें क्यों नहीं खदेड़ा? ऐसा नहीं है कि यह घुसपैठ केवल कांग्रेस के राज में हुई है, भाजपा के शासनकाल में भी यह होती रही। आज कांग्रेस को उलाहना देने वाली भाजपा को भी खूब वक्त मिला। वह चाहती तो प्रदेश को बांग्लादेशी मुक्त कर सकती थी, मगर हिम्मत नहीं हुई। ऐसे में आज कांग्रेस राज में आंदोलन करने के मायने क्या रह जाते हैं?
पूर्व शिक्षा राज्य मंत्री प्रो. वासुदेव देवनानी तो इस बात को भी स्वीकार कर रहे हैं कि अजमेर में बांग्लादेशियों ने राशनकार्ड व मतदाता पहचान पत्र भी बनवा लिए हैं। सवाल उठता है कि क्या ये राशनकार्ड केवल कांग्रेस राज में ही बने हैं? वे ये भी आरोप लगा रहे हैं कि कांग्रेस सरकार इतने गंभीर मसले पर आंखें मूंदे बैठी है, तो प्रश्न ये भी है कि भाजपा सरकार ने कितनी आंखें खोल रखी थीं? बेशक बांग्लादेशियों की समस्या की जड़ में राजनीतिक संरक्षण ही है, मगर काश असली राष्ट्रवादी भाजपा अपने राज में समाधान कर देती, तो आज ये आंदोलन करने की जरूरत ही नहीं पड़ती।

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