मेरा भारत और हम

आज कल हम देख रहे है की भारत का आम आदमी अपना जीवन कैसे जी रहा है .
नहीं ,
पहले शादी ….. फिर बच्चा
– बच्चा पैदा होते ही चिंता , यदि लड़की हुई तो अच्छे स्कूल मे दाखिला और साथ मे ढेर सरे दहेज़ की चिंता
– यदि लड़का हो जाए तो बढ़िया से बढिए स्कूल मे दाखिला और बड़ा होकर डॉक्टर . आई . एस. या आई पी. एस . बनाने की चिंता
-अन्याय सहने की आदत सी डाल ली , यदि कही लड़ाई झगडा हो रहा हो तो ” गांधीजी ” के तीन बंदरो की तरह
बुरा ना देखो , बुरा ना सुनो , बुरा ना कहो वाली बाते अमल कर लेते है .
– महंगाई , भ्रस्टाचार, लड़ाई झगडा हर जगह अशांति .
इंसान अपने जीवन से , अपनी कार्यप्रणाली से इतना हताश हो गया कि उसे कुछ नज़र ही नहीं आता .
– जब ये सब देखने और सुनने को मिलता है तो मन मे बार बार एक विचार आता है ,कि अब कौन है जो हमें इन सब से पार लगाएगा ? कौन हमारा तारनहार होगा ?
पर क्या ?ये सब कह देने से हमें कोई तारणहार मिल जाएगा ????
नहीं ,
नहीं मिल सकता . फिर क्यों ना हम खुद कोशिस करे . आज इस देश का हर युवा पढ़ा लिखा है .
पर क्या वो कभी इस बात पर गौर करता है . नहीं उसकी स्थिति तो एक कहावत के अनुसार हो गयी है
” गंगा गए गंगा दास , जमुना गए जमुना दास ”
कभी ‘अन्ना ” तो कभी ” बाबा रामदेव ‘ के साथ लगे रहना , आप इन सब के साथ लगे . पर क्यों ना हम कुछ हट के कर दिखाए
और यदि इन सब तकलीफों से मुक्त होना है तो हमें एक साफ़ सुथरी स्वछ सरकार लानी चाहिए
उसके लिए हम ऐसे व्यक्ति का चुनाव करे जिसकी छवि साफ़ सुथरी हो , जिसमे देश के लिए त्याग , तपस्या अच्छे कर्म करने कि भावना हो .
यह सब करने के लिए हमें हमारी युवा पीढ़ी को जगाना होगा , और घर घर जा कर बताना होगा कि हमारे लिए “वोट ” देना कितना जरुरी है .
जिस दिन जनता सही मायने मे अपने वोट का इस्तेमाल कर लेना सीख जायेगी उस दिन हम ” महान भारत ” कि कल्पना करना शुरु कर देंगे
धन्यवाद , जय हिंद , जय भारत
वनिता जैमन
जिला मंत्री भा.ज.पा.

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