अंतिम संध्या में छाए पहाड़ी कलाकार

अंतर्राष्ट्रीय दशहरा कुल्लू की आखिरी सांस्कृतिक संध्या पहाड़ी कलाकारों के नाम रही। पहाड़ी नाइट में हिमाचल के अनेक सुप्रसिद्ध कलाकार आए हुए थे जिन्होंने अपनी मधुर आवाज से आखिरी संध्या को चमका दिया। पहाड़ी संध्या में हिमाचल के प्रसिद्ध लोक कलाकार नरेंद्र ठाकुर, राजीव थापा, करनैल राणा, कुलदीप शर्मा, रमेश, धीरज शर्मा, करनैल राणा, धमेन्द्र शर्मा, राजकुमार, कृष्णा ठाकुर व मीना टंडन आदि कलाकारों ने अपनी-अपनी प्रस्तुतियां दीं। लोक गायक नरेंद्र ठाकुर ने जहां कुल्लवी गीतों को पेश किया, वहीं कुलदीप शर्मा ने पहाड़ी नाटियां पेश करके दर्शकों को झूमने पर विवश कर दिया।

 

खचाखच भरे ऐतिहासिक लाल चंद प्रार्थी कलाकेंद्र में दर्शकों ने खूब आनंद लिया। स्टार गायक नरेंद्र ठाकुर ने दर्शकों को ओ रीनू ओ रीनू तेरी चिट्ठी-पतरी आई ना, सूरज लागा डूबदा मेरी प्यारी रीनू गीत सुनाए, वहीं कुलदीप ने शिमला की नाटियां पेश कीं। इसके अलावा लोक गायिका कृष्णा ने देऊ बैठा डेहरे जोगणीधारा ओ, चौले जाचा वे जाणा ओ गाने गाकर कलाकेंद्र में बैठे दर्शकों का खूब मनोरंजन किया। भुंतर के प्रसिद्ध लोक गायक दीपक जनदेवा ने बड़ी दूर से आए हंै व झूमकू आलिए गीत गाकर दर्शकों की वाहवाही लूटी। कुल्लू की कलाकारा मीना टंडन ने वायदा किया था मिलने रा, आजकल रे शौहरू गाना गाया।

 

अंतिम संध्या में हिमाचली कलाकारों ने अपनी आवाज का लोहा मनवाया। विशेष बात यह रही कि इस संध्या में रिकार्ड संख्या में दर्शक पहुंचे हुए थे, साथ ही हिमाचली कलाकारों ने यह भी जता दिया कि वे दर्शकों का मनोरंजन करने में बॉलीवुड के गायकों से ज्यादा काबिलियत रखते हैं। इस अवसर पर उपायुक्त डा. अमनदीप गर्ग, पुलिस अधीक्षक अशोक कुमार सहित जिला के अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी उपस्थित रहे। अंतिम सांस्कृतिक संध्या में जम्मू-कश्मीर के कलाकारों ने रूफ लोकनृत्य पेश किया, वहीं तमिलनाडु के कलाकारों ने भी शिव-पार्वती पर नाट्य प्रस्तुत किया।

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