अगले 7 सालों में की जीडीपी 5 ट्रिलियन डॉलर के पार होगी: मुकेश अंबानी

सुनील मित्तल, दोस्त हैं, प्रतिद्वंदी नहीं: मुकेश अंबानी
ambaniनई दिल्ली, 1 दिसंबर: रिलायंस जियो और भारती एयरटेल के बीच कई मामलों को लेकर चाहे कितना भी लड़ाई चल रही हो लेकिन रिलायंस इंडस्ट्रीज लिमिटेड के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने शुक्रवार को कहा कि एयरटेल के चेयरमैन सुनील मित्तल उनके दोस्त हैं, प्रतिद्वंदी नहीं हैं।
एचटी लीडरशिप सम्मिट 2017 में आज यहां एक सवाल का उत्तर देते हुए मुकेश अंबानी ने कहा कि ”मैं आपको स्पष्ट कर दूं कि सुनील मेरा अच्छा दोस्त है ना कि कोई प्रतिद्वंदी। मेरे ख्याल से उन्होंने जो कहा है, उसका गलत अर्थ निकाला गया है। पर, मैं अपना पक्ष भी स्पष्ट कर देना चाहता हूं। मेरे ख्याल से हम सभी उद्योग में हैं और मेरा मानना है कि फायदा और नुकसान जोखिम उठाने पर निर्भर करते हैं। मुझे नहीं लगता कि हम नियामक और सरकार से अपने लाभ और घाटे की गारंटी ले सकते हैं।

उनसे हाल ही में मित्तल द्वारा की गई टिप्पणी को लेकर प्रतिक्रिया देने के बारे में कहा गया था, जिसमें मित्तल ने कहा था कि जियो ने भारतीय टेलीकॉम बाजार में प्रवेश कर अपनी फ्री वॉयस और डेटा ऑफर से सेक्टर में कार्यरत पुरानी कंपनियों को अपने 50 बिलियन डॉलर के निवेश से हाथ धोने पर मजबूर कर दिया है।

अंबानी ने कहा कि ”मेरे लिए यह जानना ज्यादा जरूरी है कि क्या हमने देश को आगे बढ़ाया है और क्या ग्राहक को फायदा हुआ है। सवाल ये हो सकते हैं कि क्या फायदे नुकसान हुए, किसे फायदा हुआ, किसे नुकसान हुआ। लेकिन जब तक देश आगे बढ़ रहा है, ग्राहक को फायदा हो रहा है तब तक नुकसान उठाना भी अच्छा है। हममें से कुछ लोग बड़े भी हैं और नुकसान उठाने में सक्षम हैं।

रिलायंस इंडस्ट्रीज के चेयरमैन और एशिया के सबसे अमीर आदमी मुकेश अंबानी ने आज कहा कि आने वाले साल भारत और चीन के होंगे और अगले 7 साल में भारत की इकोनॉमी 2.5 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 10 ट्रिलियन डॉलर की हो जाएगी। उन्होंने आगे कहा कि उनको भारत की ग्रोथ स्टोरी पर भरोसा है और भारत चीन को पीछे छोड़ देगा। उन्होंने कहा कि उन्हें याद है कि 2004 में उन्होंने कहा था कि भारत अगले 20 सालों में इकोनॉमी 5 ट्रिलियन डॉलर के पार हो जाएगी। उस समय भारत की इकोनॉमी सिर्फ 500 बिलियन डॉलर की ही थी।
आज उनकी भविष्यवाणी सही साबित हो रही है। संभव है कि ये लक्ष्य 2024 से पहले ही प्राप्त कर लिया जाए। उन्होंने कहा कि अगले 10 सालों में भारतीय इकोनॉमी तीन गुणा होकर 7 ट्रिलियन डॉलर की हो जाएगी और ये दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी होगी।
भारत ग्लोबल लीडर के तौर पर उभर रहा है। भारत दुनिया की तीसरी सबसे बड़ी इकोनॉमी बन सकता है। 2030 तक भारत की जीडीपी 10,000 अरब डॉलर के पार निकल सकती है।
अंबानी ने कहा कि 21वीं सदी के मध्य तक भारत, चीन को भी पीछे छोड़ देगा। और, भारत पूरी दुनिया का प्रमुख आकर्षण होगा। अंबानी ने जोर देकर कहा कि भारत विकास का एक अलग और बेहतरीन मॉडल प्रदान करेगा और ये सभी के लिए और सभी को साथ लेकर विकास करेगा। ये तकनीक, लोकतंत्र और अच्छे प्रशासन और पूरे समाज को एक साथ लेकर चलने की संस्कृति पर आधारित होगा।
भारत, एक वैश्विक आर्थिक लीडर बनेगा, विषय पर एक टॉक को संबोधित करते हुए अंबानी ने कहा कि पहली औद्योगिक क्रांति में कोयला और भाप की ताकत का उपयोग करते हुए मशीनीकृत शारीरिक गतिविधि पर आधारित थी। दूसरी में बिजली और तेल के व्यापक उत्पादन और वितरण ने मदद की और तीसरी औद्योगिक क्रांति में इलेक्ट्रॉनिक्स और आईटी के उपयोग से उत्पादकता और ऑटोमेशन को बढ़ाया जा रहा है।
अंबानी ने कहा कि एक तरफ भारत पहली दो औद्याेगिक क्रांतियों का लाभ लेने से वंचित रह गया, लेकिन भारत अब तेजी से उभर रहा है और कंप्यूटर आधारित तीसरी क्रांति के साथ आगे बढ़ रहा है।
उनका कहना था कि भारत चौथी औद्योगिक क्रांति का नेतृत्‍व करेगा, क्‍योंकि यह युवा होने के साथ ही संकल्‍प और महत्‍वाकांक्षाओं से भरा मुल्‍क है. जिस तरह सातवें दशक की तीसरी औद्योगिक क्रांति का सबसे अधिक फायदा अमेरिका को मिला, उसी तरह चौथी क्रांति का बड़ा फायदा भारत को मिलेगा।
मुकेश अंबानी का कहना है कि आने वाले वक्त में भारत दुनिया की बड़ी आर्थिक ताकत होगी। भारत सुपर इंटेलिजेंस में सुपरपावर बनेगा। आगे मशीन इंटेलिजेंस का चलन बढ़ेगा। हम सुपर इंटेलिजेंस के दौर में काम कर रहे हैं, इंटेलिजेंस सर्विसेस 24 घंटे मिलेंगी। सुपर इंटेलिजेंस में भारत के पास बड़े मौके हैं।
अंबानी ने कहा कि आधार एक सबसे बड़ा और सबसे आधुनिक बॉयोमीट्रिक आईडी सिस्टम है और एक सिंगल रॉकेट से 104 सैटेलाइट्स को लॉन्च कर भारत ने अपनी ताकत और क्षमता का प्रदर्शन किया है।
रिलायंस पर उन्होंने कहा कि पांच साल पहले अधिकांश भारतीय कारोबारी भारत से बाहर निवेश कर रहे थे लेकिन उन्होंने करीब 60 बिलियन डॉलर को भारत में ही निवेश करने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि हम अपने निवेश को पूरा करने के करीब हैं। अब हम निवेश के अगले चक्र को लेकर अधिक समर्पिम हैं। हालांकि उन्होंने इस का अधिक विवरण नहीं दिया। उनका पूरा विश्वास है कि भारत विश्व का सबसे बड़े निवेश आकर्षण बन चुका है और यहां पर निवेश लगातार बढ़ रहा है।
यहां तक विदेशी निवेशकों की बात है, मेरा एक ही संदेश है कि भारत की तरक्की का हिस्सा बने। भारत में निवेश करें। भारत में कमाएं। भारत में विकास करें। भारत के साथ सहभागिता करे और भारत के साथ संपन्न बनें।
अंबानी ने कहा कि आने वाले 30 साल देश के लिहाज से क्रांतिकारी होने जा रहे हैं, क्‍योंकि तब तक हमारी स्‍वतंत्रता के 100 साल हो जाएंगे। ऐसे में हमारी पूरी कोशिश होनी चाहिए कि हम तब तक दुनिया का सबसे प्रगतिशील मुल्‍क बन जाएं।

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