48 घंटे में बनी 10 मंजिला इमारत

बिजनेस बाजार में चीन की होड़ है तो उसका तोड़ भी है। मोहाली में 48 घंटों में तैयार की गई देश की पहली 10 मंजिला इमारत इस कथन का प्रमाण है कि योग्यता की प्रखरता देश के लिए खुशहाली के रास्ते खोल सकती है। गुरुवार शाम 4.38 मिनट पर शुरू हुआ 10 मंजिला भवन निर्माण का प्रोजेक्ट 30 इंजीनियरों व 260 प्रतिभाशाली कर्मचारियों ने 48 घंटों में पूरा कर दिखाया।

शनिवार शाम 4.38 बजे सीनर्जी ट्रिलिंग्शटन कंपनी की ओर से साहिबजादा अजीत सिंह नगर, मोहाली में सैंपल बिल्डिंग के बतौर यह निर्माण कार्य पूरा हुआ। लिम्का बुक ऑफ रिकार्ड द्वारा इस कार्य के लिए पुरस्कार से नवाजे गए उद्यमी हरपाल सिंह ने कहा, ‘गुरु नानक देव के प्रकाशोत्सव पर उन्होंने यह सपना संजोया था जो आज सच हो गया है।’ उन्होंने अपनी टीम को न सिर्फ बधाई दी, बल्कि ढोल की थाप पर भंगड़े का रंग भी जमाया।

हरपाल ने कहा कि फैक्ट्री बिल्डिंग कासेप्ट मुख्य तौर पर स्टील आधारित इमारत का निर्माण करना है। पूरी इमारत में 80 प्रतिशत तक स्टील का ही इस्तेमाल है। सिर्फ नींव में सीमेंट व कंक्रीट स्लैब इस्तेमाल की गई हैं। दस मंजिला भवन में 1.5 मीटर तक नींव में कंकरीट की ईटें भरी गई है, जबकि सीमेंट व ईट निर्मित भवनों में नींव छह से सात मीटर भरनी पड़ती है। इस भवन की विशेषता इसका हल्कापन व मजबूती है। उन्होंने कहा, ’48 घटे में 10 मंजिला बिल्डिंग बनाने के पीछे कोई प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि यह हमने सैंपल बिल्डिंग तैयार की है।’ कंपनी के बिजनेस हेड यशबीर सिंह ने कहा कि टाइम मैनेजमेंट के लिहाज से यह कामयाब तकनीक है। 80 फीसद सामान पहले तैयार होने के बाद इसे फिट और सेट करना कुछ घटों का खेल है। उन्होंने बताया कि दस मंजिला बिल्डिंग का सामान तैयार करने में दो माह लगे हैं और नींव इससे भी पहले भर ली गई थी। 50 इंजीनियरों की टीम ने इस इमारत को तैयार करने में कड़ी मेहनत की है। टीम के सभी सदस्य आइआइटी व आइआइएमएस के छात्र रहे हैं।

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