आशीष अंबस्ता के नेतृत्व में हैप्पीप्लस कंसल्टिंग ने अपनी तकनीक और विशेषज्ञों की मदद से हर किसी के लिए खुशहाली को उनकी आदत में शुमार करने में अभूतपूर्व पैठ बनाई है। यह देश की पहली और एकमात्र एचआर-टेक कंपनी है जो लोगों की जिंदगी और कार्यस्थल पर खुशियों को देखने के तरीकों में बदलाव ला रही है।
विभिन्न आकारों और विभिन्न क्षेत्रों के नियोक्ताओं के साथ काम करते हुए, हैप्पीप्लस ने 20,000 से अधिक कर्मचारियों (ब्लू-कॉलर वर्कर्स सहित) की खुशी और तनाव के स्तर को मापने में सफलता पाई है।
इसके फाउंडर, डॉ अंबस्ता ने कहा, “हैप्पीप्लस की उत्पत्ति क्रिकेटर एमएस धोनी के एक इंटरव्यू के दौरान हुई जिसमें उन्होंने विवादास्पद सवालों से बचने को खुशी को मापने के एक मीटर के तौर पर उल्लेख किया। हालांकि वह तब मजाक कर रहे थे, उस बात ने मुझे सोचने पर मजबूर कर दिया कि मीटर जैसा कुछ क्यों नहीं हो सकता जो एक खास पल में खुशी या खुशहाली को माप सकता है … और अब, सात साल बाद, हैप्पीप्लस का जन्म हुआ है।”
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) और मशीन लर्निंग (एमएल) का इस्तेमाल करते हुए, हैप्पीप्लस चेतना, जुड़ाव और क्षमता के स्तर को बढ़ाने के लिए एक वैज्ञानिक ढांचा(फ्रेमवर्क) तैयार करता है जो सीधे हमारे खुशी के स्तर को बेहतर बनाता है। हमारी चिंताओं के आधार पर सुझाए गए साइंटिफिक ट्रैक्स और एक्शंस मनोवैज्ञानिकों, परामर्शदाताओं और विश्लेषकों के एक विशेषज्ञ पैनल द्वारा समर्थित हैं। हैप्पीप्लस कंसल्टिंग के सभी कोचिंग/मेंटरिंग प्रोग्राम्स और सर्वेक्षणों के लिए क्वालिटेटिव और क्वांटिटेटिव रिसर्च को सपोर्ट करता है।
हैप्पीप्लस कंसल्टिंग वास्तव में इनोवेटिव उपायों के माध्यम से आगे बढ़ रहा है। इसने हाल ही में फ्री-फॉर-ऑल ऐप, “आशा” (हैप्पीप्लस एप्लिकेशन के माध्यम से एक्टिव सपोर्ट) लॉन्च किया है, जो यूजर्स को उनके कार्यस्थल के तनाव के बारे में बात करने और उचित समाधान मुहैया करने के लिए तैयार है। आशा हैप्पीप्लस के प्रोपाइटरी साइंटफिक एल्गोरिदम्स और पैरामीटर्स के आधार पर तनाव के स्तर को मापेगी और चिंता से निपटने के तरीकों की सिफारिश करेगी। बीटूसी ऐप बड़ी संख्या में डाउनलोड किए गए हैं।
आखिरकार, हैप्पीप्लस के हालिया सर्वेक्षण से पता चला है कि 39 प्रतिशत कर्मचारी अत्यधिक तनावग्रस्त हैं और उन पर तत्काल ध्यान दिए जाने की जरूरत है, जबकि 54 प्रतिशत कर्मचारी अक्सर तनाव में रहते हैं। मानसिक स्वास्थ्य पर गहन सर्वेक्षण करने के बाद, हैप्पीप्लस अब खुशहाली पर भारत का सबसे व्यापक अध्ययन शुरू करने के लिए तैयार है।
हैप्पीप्लस ने हाल ही में कैंसर रोगियों के मूड को सफलतापूर्वक ट्रैक करने और डॉक्टरों और देखभाल करने वालों को उनके मानसिक स्वास्थ्य पर अंतर्दृष्टि प्रदान करने के लिए इंटीग्रेटिव कैंसर थेरेपी प्रदाता, ZenOnco.in के साथ हाथ मिलाया है। एप्लिकेशन ‘हैप्पी+’ ऐसे रोगियों के जीवन में अधिक खुशहाली लाने के लिए सॉल्यूशंस और एक्टिविटीज (जैसे कि बताया गया मेडिटेशन) उपलब्ध करने के लिए तैयार किया गया था।
हैप्पीप्लस कंसल्टिंग, खुशी के मंत्र के साथ लाखों और लोगों तक पहुंचते हुए, राष्ट्रीय प्रसारक, एबीपी लाइव के साथ पार्टनरशिप में, “हैप्पीनेस एक्सप्रेस” नामक शीर्षक से पॉडकास्ट्स की एक सीरीज लेकर आया है जिसमें डॉ अंबास्ता और आरजे दिलीप नजर आएंगे। तनाव को मैनेज करने तथा काम व जिंदगी के बीच संतुलन बनाए रखने के टिप्स से साथ, डॉ अंबास्ता प्रसिद्ध कंपनियों के व्यवसाय प्रमुखों, सीईओ, सीएचआरओ जैसे उद्योग जगत के दिग्गजों और कंसल्टिंग फर्म्स के पार्टनर्स की खुशी हासिल करने की कोशिश पर उनकी अंतर्दृष्टि साझा करने के लिए इसको होस्ट करेंगे।
हैप्पीप्लस कंसल्टिंग अब भारत के सबसे खुशहाल कार्यस्थलों की पहचान करने के लिए तैयार है। इसने मार्च, 2021 में “द हैप्पीएस्ट वर्कप्लेस अवार्ड्स-2021-22” को लॉन्च किया, और मार्च, 2022 में कार्यस्थल पर कर्मचारियों की बेहतरी के लिए वास्तविक प्रयास करने के लिए विजेताओं की घोषणा करेगा।
हैप्पीप्लस कंसल्टिंग ने संगठनात्मक खुशी हासिल करने में मदद पहुंचाने के लिए टाटा स्टील लॉन्ग प्रॉडक्ट्स, टीएम इंटरनेशनल (लॉजिस्टिक्स), महानगर गैस लिमिटेड (एमजीएल), एबीपी नेटवर्क और एक प्रमुख स्वास्थ्य बीमा कंपनी के साथ मिलकर काम किया है।
हैप्पीप्लस को आगे बढ़ाने के लिए इसके निवेशक कुछ महीनों में फंडिंग जुटाने के अगले चरण में जाना चाहते हैं। दुबई बेस्ड एचएनआई से एक अज्ञात राशि की प्री-सीरीज़ एंजल फंडिंग पहले ही मिल चुकी है।
हैप्पीप्लस अन्य बाजारों में भी दस्तक देते हुए अपने कदम रख रहा है। पश्चिम एशिया में, यह सबसे बड़ी हॉस्पिटल चेन (दुबई) के साथ काम कर रहा है, और 2021 के अंत तक इसकी अमेरिका में प्रवेश करने की योजना है। हैप्पीप्लस ने पिछले वर्ष के दौरान हेल्थकेयर, फार्मा, इंश्योरेंस और एफएमसीजी सेक्टर्स के ग्राहकों को अपने साथ जोड़ा है।
मुश्किल दौर अग्रदूतों और इनोवेशन की मांग करता है। महामारी के बाद की दुनिया में हम सभी को कोविड के पहले के दौर से अलग तरीके जिंदगी जीने की जरूरत है। हैप्पीप्लस कंसल्टिंग इस समय में हमारी जिंदगियों में अधिक खुशी का संचार करने के लिए लोगों को अधिक से अधिक लैस करने के लिए कड़ी मेहनत कर रहा है।