हालीवुड फिल्म से बनाई बैंक डकैती की योजना

बैंक आफ बड़ौदा की निराला नगर शाखा में 23.70 लाख की डकैती डालने वालों को पुलिस शातिर अपराधी मान रही थी, पर वारदात का खुलासा होने पर लुटेरे बीटेक व बीएसएसी के छात्र निकले। उन्होंने हालीवुड फिल्म ओसियन-11 देखने के बाद बैंक डकैती की योजना बनाई थी।

बैंक डकैती के दौरान बदमाशों द्वारा बोले गए जब तक तुम मेरी बात मानोगे, किसी को नुकसान नहीं करेंगे तथा डोंट बी स्मार्ट बेबी. जैसे डायलाग ओसियन 11 के किरदारों ने भी बोले थे। बीटेक छात्र अंशुल व जितेंद्र सिंह ने बताया उन्होंने ये डायलॉग याद कर लिए थे। फिल्म की तरह ही उन्होंने पहले सीसीटीवी कैमरों पर स्टीकर चिपकाया। हालांकि सिस्टम पहले से ही खराब था। आपस में बात करने के लिए हेडफोन का इस्तेमाल किया और पहचान छिपाने के लिए सिर पर पट्टी, चश्मा व हेलमेट पहन रखे थे। फिंगर प्रिंट से बचने के लिए फिल्म की तरह अंगुलियों पर टेप चिपका लिया था। वारदात से पहले कई दिनों तक रेकी की थी। वे लोग 23 नवम्बर को ही बैंक लूटने गए थे, लेकिन भीड़ देखकर हिम्मत नहीं पड़ी। इसके बाद 26 नवंबर को पूरी तैयारी के साथ पहुंचे, लेकिन उस दिन भी बैंक में ग्राहकों की भीड़भाड़ ज्यादा थी।

टावर डेटा फिल्ट्रेशन से हत्थे चढ़े तीनों लुटेरे

बैंक लुटेरे छात्र शातिर दिमाग होने के साथ टेक्नालॉजी प्रयोग मेंभी माहिर थे। फोन की जगह सोशल नेटवर्किग से एक दूसरे से जुड़े होने के कारण उनकी धरपकड़ में नाकाम साबित हो रही पुलिस आखिरकार टावर डेटा फिल्ट्रेशन टेक्नालॉजी के जरिए उन तक पहुंचने में कामयाब हो गई। एसएसपी यशस्वी यादव के मुताबिक टावर डेटा फिल्ट्रेशन टेक्नालॉजी के तहत घटना के एक माह पहले और बाद के नंबरों की बारीकी से पड़ताल की गई। इसके आधार पर लुटेरों पर शक हुआ और मुखबिर के माध्यम से पड़ताल कर उनकी धरपकड़ की गई।

तीनों लुटेरों ने वारदात अंजाम देने के बाद मोबाइल फोन पर संपर्क बंद कर रखा था और सोशल नेटवर्किग से जुड़ गए थे। टावर डेटा फिल्ट्रेशन टेक्नालॉजी को वर्ष 2007 में एसएसपी नागपुर होने के दौरान उन्होंने अपने नाम से पेटेंट कराया था। इसे आज देश भर की पुलिस इस्तेमाल कर रही है।

लुटेरों पर लगेगा रासुका

एसएसपी ने बैंक डकैती डालने वाले अंशुल, जितेंद्र व आतिफ पर गैंगेस्टर के साथ रासुका भी लगाने की बात कही है। उन्होंने इन तीनों को तमंचा उपलब्ध कराने वाले जाजमऊ निवासी शातिर को 24 घंटे में गिरफ्तार कर लेने का भी दावा किया।

प्रेमिका व एडवेंचर बना वारदात का कारण

प्रेमिका को फ्लैट दिलाने के लिए बैंक डकैती की योजना बनाकर शातिर आतिफ ने सोशल नेटवर्किग से दोस्त बने बीटेक छात्र जितेंद्र व अंशुल के दिमाग का इस्तेमाल किया। बैंक डकैती में शामिल अंशुल व जितेंद्र ने बताया वे कुछ अलग काम करना चाहते थे और आतिफ को अपनी प्रेमिका को फ्लैट के लिए दो लाख रुपए देने थे। इसी कारण लूट की योजना बना डाली। इसके लिए एक मॉल से बाइक चोरी की गई। आतिफ को बैंक में खाता होने से वहां के सिक्योरिटी सिस्टम की खामियां पता थीं। अंशुल ने बताया 29 नवंबर को योजना के हिसाब से माहौल देख जितेंद्र को बैंक के बाहर खड़ा कर आतिफ संग बैंक मैनेजर के कमरे में घुसकर सभी को गन प्वाइंट पर लेकर रुपए लूट लिए।

सोचा नहीं था, पकड़े जाएंगे

बैंक डकैती के बाद जहां पुलिस की नींद हराम थी। वहीं दोनों बीटेकं छात्र रूटीन के काम बेखौफ होकर निपटा रहे थे। जिस वक्त दोनों गिरफ्तार किये गए, वे तीसरे समेस्टर की परीक्षा देकर घर लौटे थे। पुलिस अभिरक्षा में उन्होंने बताया कि किसी को शक न हो जाये इसके चलते रुपयों को धीरे-धीरे खर्च कर रहे थे। यहां तक कि कहीं घूमने भी नहीं गए। रोजना स्कूल जाने के साथ पेपर भी दे रहे थे। गिरफ्तारी के दिन भी पेपर देकर आए थे।

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