एसपीआईईएफ में ‘आर्कटिकः टेरिएटरी ऑफ डायलॉग’ की होगी शुरुआत

नई दिल्ली , जून 2022- सेंट पीटर्सबर्ग इंटरनेशनल इकोनॉमिक फोरम में पहली बार आर्कटिक एजेंडा को समर्पित एक ‘आर्कटिक: टेरिटरी ऑफ डायलॉग’ स्टैंड होगा. इस फोरम का आयोजन 15-18 जून, 2022 के बीच होगा. स्टैंड के बिजनेस प्रोग्राम में 15 से ज्यादा इवेंट्स शामिल होंगे. इनमें से कुछ का आयोजन 2021-2023 के दौरान आर्कटिक काउंसिल में रूस के चेयरमैनशिप के लिए निर्धारित कार्यक्रमों के हिस्से के रूप में आयोजित किए जाएंगे. इनका आयोजन रॉसकांग्रेस फाउंडेशन के दौरान किया जा रहा है.
रूस के राष्ट्रपति के सलाहकार और आर्कटिक काउंसिल में रूस के चेयरमैनशिप के लिए गठित आयोजन समिति के एग्जीक्यूटिव सेक्रेटरी एंटन कोब्याकोव ने कहा, “स्टैंड के इवेंट्स के दौरान अग्रणी विशेषज्ञ क्षेत्र के आर्थिक विकास, इकोलॉजी, टूरिज्म और क्रिएटिव इंडस्ट्रीज के साथ-साथ नॉर्थ सी रूट और नॉर्थ के मूल निवासियों सहित आर्कटिक के ह्युमन कैपिटल के विकास के बारे में चर्चा करेंगे. स्टैंड के दौरान कई एग्रीमेंट्स पर हस्ताक्षर किए जाएंगे.”
स्टैंड के मुख्य सेशन में टेलीकॉम्युनिकेशन के विकास और आर्कटिक के डिजिटाइजेशन से संबंधित कॉन्फ्रेंस का आयोजन शामिल होगा. इस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेने वाले क्षेत्र में डिजिटल टेक्नोलॉजी की शुरुआत, टेलीमेडिसिन और मानवरहित वाहनों के इस्तेमाल पर चर्चा करेंगे. आर्कटिक वर्कशॉप के जरिए क्षेत्र में जहाज के निर्माण और जहाज की मरम्मत के साथ-साथ जहाज के रिपेयर से जुड़ी सेवाओं के साथ-साथ हाई आइस क्लास की संख्या बढ़ाने के मुद्दे को एड्रेस किया जाएगा. इसके अलावा, उत्तरी क्षेत्रों में रचनात्मक उद्योगों की संभावनाओं पर SPIEF 2022 में क्रिएटिव बिजनेस फोरम के तहत चर्चा की जाएगी.
इसके साथ ही ‘आर्कटिकः टेरिएटरी ऑफ डायलॉग’ स्टैंड में ‘नॉर्दर्न सी रूटः इंटरनेशनल ट्रांसपोर्ट कॉरिडोर’ पर सेशन का आयोजन भी किया जाएगा. प्रतिभागी रूस के आर्कटिक जोन की इकोनॉमी पर इस रूट के प्रभाव, प्रतिबंधों के दबाव के चलते नॉर्दर्न सी रूट के इस्तेमाल के जरिए इंडिविजुअल टेरिएटरीज के विकास की संभावनाओं के साथ-साथ रूस के साथ मित्रवत रिश्ते रखने वाले देशों के साथ पार्टनरशिप को मजबूत किए जाने की संभावनाओं पर भी चर्चा करेंगे.
सुदूर रूस और आर्कटिक के विकास मामलों के मंत्री एलेक्से चेकुनोव ने कहा, “आज के समय में स्टेट सपोर्ट मैकेनिज्म के इस्तेमाल के जरिए आर्कटिक और फार ईस्ट रीजन में 3,000 इंवेस्टमेंट्स प्रोजेक्ट्स का क्रियान्वयन किया जा रहा है और नॉर्दर्न सी रूट पर कार्गो ट्रैफिक हर साल बढ़ रहा है. बाह्य प्रतिबंधों के दबाव और इकोनॉमी के ट्रांसफॉर्मेशन की वजह से यह रूट और महत्वपूर्ण हो गया है. फोरम के पार्टिसिपेंट्स के साथ हम सबसे टिकाऊ और प्रभावी समाधान के बारे में बात करेंगे, जिनसे ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक से जुड़ी समस्याएं सुलझ सकती हैं और नेविगेशन की सेफ्टी के साथ-साथ सुदूर पूर्वी और उत्तरी इलाकों में रहने वाले लोगों को सामानों की समय पर और जरूरी मात्रा में डिलीवरी सुनिश्चित हो पाएगी.”
थिंक आर्कटिक प्रोजेक्ट के तहत ‘इंटरनेशनल को-ऑपरेशन एज अ गारंटी फॉर द सस्टेनेबल डेवलपमेंट ऑफ द आर्कटिक’ नामक सत्र में प्रतिभागी अंतरराष्ट्रीय राजनीति और अर्थव्यवस्था में क्षेत्र की अहमियत पर चर्चा करेंगे. आर्कटिक में बढ़ती एक्सेसिबिलिटी के साथ-साथ वैश्विक स्तर पर एनर्जी ट्रांजिशन में इसकी भूमिका को ध्यान में रखते हुए ये चर्चा होगी.
सीनियर आर्कटिक ऑफिशियल्स के चेयरमैन और रूस के विदेश मामलों के मंत्रालय के राजदूत निकोलेय कोरचुनोव ने कहा, “आर्कटिक काउंसिल के कामकाज में थोड़े समय के लिए आई रूकावट को देखते हुए आर्कटिक क्षेत्र के सबसे बड़े देश रूस के लिए आर्कटिक क्षेत्र में रहने वाले लोगों की बेहतरी को लेकर क्षेत्र के टिकाऊ विकास को सुनिश्चित करने के लिए काम जारी रखना अहम है. यह समझने वाली बात है कि इस तरह के ‘फ्रीज’ से काउंसिल के ऐसे प्रोजेक्ट्स का क्रियान्वयन रूक जाता है जो सामाजिक विन्यास से जुड़े हुए हैं और जिनके तहत आर्कटिक के मूल निवासियों पर ध्यान दिया जाता है. मौजूद परिस्थितियों में हम आर्कटिक काउंसिल की गतिविधियों को जल्द-से-जल्द दोबारा शुरू किए जाने और ऐसे सभी देशों के साथ सहयोग को लेकर तैयार हैं जो हमारे देश के साथ रचनात्मक तरीके से बातचीत करना चाहते हैं.”
आर्कटिक: टेरिएटरी ऑफ डायलॉग फोरम के तहत आर्कटिक में निवेश की संभावनाओं पर भी अलग से चर्चा होगी. रूस के नौ आर्कटिक क्षेत्रों के प्रमुख इंवेस्टर्स के समक्ष प्रजेंटेशन देंगे. वहीं, ‘इंवेस्टमेंट प्रोजेक्ट्स इन द आर्कटिकः प्रेफेरेंशियल रिजिम्स’ नामक सत्र में दुनिया के सबसे बड़े विशेष आर्थिक क्षेत्र (स्पेशल इकोनॉमिक जोन) के बारे में चर्चा होगी. इसके अलावा इस सत्र में आर्कटिक क्षेत्र की जलवायु से जुड़ी विशेषताओं और निवेश के लिए क्षेत्रीय स्तर पर मौजूद संभावनाओं पर चर्चा होगी.
बिजनेस प्रोग्राम के तहत स्टैंड में टूरिज्म, प्रकृति के संरक्षण और विज्ञान पर थीमैटिक सेशन्स का आयोजन भी किया जाएगा. ‘आर्कटिक: टेरिएटरी ऑफ टूरिज्म’ शीर्षक पैनल डिस्कशन में क्षेत्र में टूरिज्म सेक्टर के विकास की संभावनाओं आर्कटिक के लिए टूर की डिमांड और पर्यटकों की आवाजाही के खर्च पर पड़ने वाले प्रभावों पर चर्चा होगी. ‘क्लाइमेट चेंज ट्रेंड्स एंड रिस्क मैनेजमेंट इन द आर्कटिक’ शीर्षक सत्र में प्रतिभागी जलवायु परिवर्तन और आर्कटिक में वैज्ञानिक शोध के परिणामस्वरूप परमाफ्रॉस्ट की स्थिति पर चर्चा करेंगे. इनमें वैज्ञानिक उद्देश्यों के लिए इस्तेमाल में लाए जाने वाले जहाजों और आइस रेसिस्टेंट सेल्फ प्रोपेल्ड नॉर्थ पोल प्लेटफॉर्म से जुड़े वैज्ञानिक शोध शामिल थे. इसके अलावा ‘द रोल ऑफ वर्ल्ड क्लास साइंटिफिक एंड एजुकेशनल सेंटर्स इन इम्प्लिमेंटिंग आर्किटक प्रोजेक्ट्स’ नामक सत्र आर्कटिक जोन में क्षेत्रों, विश्वविद्यालयों और वैज्ञानिक संगठनों के बीच सहयोग पर केंद्रित होगा. वहीं, रशियन जियोग्रॉफिकल सोसायटी के ‘साइंस एंड स्ट्रेटेजिक डिसीजन्स इन आर्कटिक’ शीर्षक सत्र में रूस के आर्कटिक जोन में इंसानों की मौजूदगी को लेकर रणनीतिक प्रबंधन में विज्ञान की भूमिका पर मुख्य जोर होगा.
वहीं, ‘ह्युमन रिसोर्सेज एज अ फैक्टर इन द आर्कटिक डेवलपमेंटः हाऊ टू डेवलप एंड रिटेन स्टाफ’ नामक सत्र में आर्कटिक क्षेत्र में नॉर्थ के मूल नागरिकों सहित अन्य कुशल पेशेवरों को बनाए रखने के मुद्दे पर चर्चा होगी. इस कार्यक्रम में हिस्सा लेने वाले एक्सपर्ट्स क्षेत्र के लोगों की जरूरतों के प्रकार, कर्मचारियों को आकर्षित करने वाले संघीय प्रोजेक्ट्स और आर्कटिक जोन में श्रमबल को आकर्षित करने के लिए उठाए जाने वाले कदमों को लेकर बात करेंगे.
‘आकर्टिक रीजन्सः डायलॉग ऑन इंटीग्रेटेड सिक्योरिटी’ पर पैनल परिचर्चा में रूस के क्षेत्रों के वरिष्ठ अधिकारी और रशियन मिनिस्ट्री ऑफ इमरजेंसी सिचुएशन्स के अधिकारी रूस के आर्कटिक क्षेत्र में किसी भी तरह क आपात स्थिति से निपटने के अपने अनुभव एक-दूसरे से साझा करेंगे. इसके अलावा चर्चा में हिस्सा लेने वाले पार्टिसिपेंट्स मिनिस्ट्री ऑफ इमरजेंसी सिचुएशन्स और क्षेत्रों की बीच प्रभावी मैकेनिज्म को लेकर भी चर्चा करेंगे.
एक्सपोफोरम कंवेंशन एंड एग्जीबिशन सेंटर के पहले फ्लोर के पैवेलियन जी में यह स्टैंड 300 वर्ग मीटर में फैला हुआ है. इसे कई जोन में विभाजित किया जाएगा. इनमें लेक्चर हॉल और डॉक्यूमेंट साइनिंग एरिया अहम होंगे. इसके अलावा स्टैंड के विजिटर्स एक बार, एक नेटवर्किंग एरिया के साथ नार्दर्न सी रूट के लिए समर्पित क्षेत्र तक जा पाएंगे. इसके अलावा आर्कटिक काउंसिल में रूस की चेयरमैनशिप और अन्य मुद्दों से जुड़े कार्यक्रमों में भी हिस्सा ले पाएंगे.

error: Content is protected !!