आईआईएम संबलपुर ने ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग’ के माध्यम से युवा सशक्तिकरण को बढ़ावा दिया

05 जनवरी, 2026 | संबलपुर: भारत के प्रमुख प्रबंधन संस्थानों में से एकभारतीय प्रबंधन संस्थान (आईआईएम) संबलपुर ने “ओडिशा में विकसित भारत के लिए युवाओं को सशक्त बनाना” विषय पर विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग (सेक्टर-विशिष्ट राउंडटेबल) का आयोजन प्रोजेक्ट प्वाइंट ओडिशा के सहयोग से किया। यह कार्यक्रम भारत सरकार के युवा कार्य एवं खेल मंत्रालय की पहल MY Bharat के अंतर्गत आयोजित किया गयाजिसका उद्देश्य विकसित भारत 2047 की राष्ट्रीय परिकल्पना में योगदान देने के लिए युवा नेताओं और हितधारकों के बीच सार्थक संवाद को प्रोत्साहित करना है।

इस राउंडटेबल में MY Bharat संबलपुर के युवा प्रतिनिधियों एवं जनजातीय युवाओं सहित 20 युवा प्रतिनिधियों ने भाग लिया। इस पहल ने युवाओं को नेतृत्वनवाचारशासनसमावेशी विकास और क्षेत्र-विशिष्ट विकास रणनीतियों पर विचार-विमर्श का मंच प्रदान कियाजो भारत के दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों के अनुरूप है। कार्यक्रम में आईआईएम संबलपुर के निदेशक प्रो. महादेव जायसवाल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। उनके साथ श्री सत्य प्रकाश पटनायकपूर्व निदेशकएनवाईकेएसयुवा कार्य एवं खेल मंत्रालयभारत सरकारश्री निहार रंजन दासविशेष सचिवओडिशा सरकारसुश्री अभा मिश्राराज्य प्रमुखयूएनडीपी ओडिशातथा डॉ. संग्राम केशरी समंतरायअध्यक्ष एवं संस्थापकप्रोजेक्ट प्वाइंट ओडिशा विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित थे।

इस संवाद का मुख्य उद्देश्य युवाओं को राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भागीदारी के लिए सशक्त बनाना था। इस अवसर पर नेताओंउद्योग विशेषज्ञों और नीति निर्माताओं ने विकसित भारत 2047 की 10 प्रमुख थीम्स के अंतर्गत प्रमुख चुनौतियोंउभरते अवसरों और नवोन्मेषी समाधानों पर चर्चा की। विचार-विमर्श के दौरान सतत विकास पद्धतियों पर भी विशेष जोर दिया गयाजिसमें ओडिशा के सामाजिक-आर्थिक और सांस्कृतिक संदर्भ को विशेष रूप से ध्यान में रखा गया।

इस अवसर पर अपने विचार व्यक्त करते हुए आईआईएम संबलपुर के निदेशक प्रो. महादेव जायसवाल ने कहा,
जब युवा मस्तिष्कों को शिक्षा के माध्यम से एआई की क्षमता को समझने और लागू करने के लिए सशक्त बनाया जाता हैतो प्रभावशाली समाधान विकसित करने की संभावनाएं अत्यंत व्यापक हो जाती हैं। एआई आधारित नवाचार वैश्विक चुनौतियों के साथ-साथ भारत की समस्याओं—महानगरों से लेकर छोटे शहरों तक—का समाधान कर सकता है। वास्तविक परिवर्तन शिक्षण से सीखने की ओर बढ़ने में हैजहां एआई शिक्षाउद्योग और शासन में आलोचनात्मक सोच और समस्या-समाधान को सशक्त बनाता है। यही विकसित भारत का मार्ग हैजहां शिक्षा आधारित और प्रौद्योगिकी समर्थित समाधान 2047 तक एक विकसित भारत का निर्माण करेंगे।”

ओडिशा सरकार के विशेष सचिव श्री निहार रंजन दास ने कहा,
नई शिक्षा दृष्टि को विभागों और रूढ़ियों से आगे बढ़ते हुए प्रत्येक बच्चे की आकांक्षाओं का पोषण करना चाहिए—चाहे वह रचनात्मक अभिव्यक्ति हो या संवैधानिक समझ।”

युवा कार्य एवं खेल मंत्रालयभारत सरकार के अंतर्गत एनवाईकेएस के पूर्व निदेशक श्री सत्य प्रकाश पटनायक ने कहा,
“MY Bharat युवाओं को परिवर्तन के वाहक के रूप में देखता हैऔर इस प्रकार के संवाद इस दृष्टिकोण को संरचित भागीदारीनेतृत्व विकास और जमीनी स्तर पर प्रभाव में परिवर्तित करते हैं। युवा-नेतृत्व वाले संवाद उत्तरदायी शासन को बढ़ावा देने के लिए अत्यंत आवश्यक हैं। ऐसे मंच युवाओं को नीति निर्माणसामुदायिक विकास और सार्वजनिक सेवा में सार्थक सहभागिता के लिए तैयार करते हैं।”

इस कार्यक्रम में प्रतिष्ठित नीति-निर्माताओंशिक्षाविदोंयुवा नेताओं और विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की भी उपस्थिति रहीजिन्होंने भारत के भविष्य के विकास रोडमैप को सुदृढ़ करने के लिए युवाओं की भागीदारी पर अपने विचार और सुझाव साझा किए।

विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग जैसे पहलों के माध्यम सेआईआईएम संबलपुर अकादमिक उत्कृष्टतायुवा सहभागिता और नीति-उन्मुख विमर्श के जरिये राष्ट्रीय विकास संवाद को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है। संस्थान 2047 तक भारत को एक विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में सामाजिक रूप से उत्तरदायी नेतृत्व तैयार करने के लिए प्रतिबद्ध है।

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