21,000 करोड़ रुपये से अधिक का अब तक का सबसे अधिक ऑर्डर बुक
नई दिल्ली, अप्रैल, 2026- दूरसंचार, डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर और रक्षा क्षेत्रों में अग्रणी टेक्नोलॉजी उपक्रम एचएफसीएल लिमिटेड (एचएफसीएल) ने मार्जिन में उल्लेखनीय विस्तार के साथ वित्त वर्ष 2024-25 के मुकाबले वित्त वर्ष 2025-26 में आय में 21 प्रतिशत से अधिक वृद्धि के साथ अब तक का सर्वश्रेष्ठ वित्तीय निष्पादन किया है।
इस कपनी ने वैश्विक उपस्थिति बढ़ाने, नए उत्पादों को पेश कर और कारोबारी मिक्स में उल्लेखनीय सुधार के साथ क्षमता बढ़ाने की अपनी रणनीति को सफलतापूर्वक लागू कर अब तक का सर्वश्रेष्ठ तिमाही निष्पादन भी दर्ज किया है।
यह निष्पादन एचएफसीएल के लिए एक महत्वपूर्ण मोड़ का प्रतिनिधित्व करता है क्योंकि एक उत्पाद नीत पोर्टफोलियो के सहयोग, निर्यात विस्तार और रक्षा क्षेत्र के एक उच्च वृद्धि वाले वर्टिकल के तौर पर उभरने से यह कंपनी एक संरचनात्मक रूप से मजबूत और वैश्विक उद्यम के रूप में उभरी है।
वित्त वर्ष 2025-26 के लिए वित्तीय परिणाम की मुख्य बातें – वित्त वर्ष 2026 में कुल वार्षिक राजस्व बढ़कर ₹4,949.27 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹4,064.52 करोड़ था, इसमें 21.77% की वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2026 में EBITDA बढ़कर ₹826.75 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹506.75 करोड़ था, इसमें 63% की वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2026 में EBITDA मार्जिन महत्वपूर्ण रूप से बढ़कर 16.70% हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 12.47% था, इसमें 423 bps की बढ़त हुई है। त्रैमासिक राजस्व बढ़कर ₹1,824 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 की समान तिमाही में ₹800 करोड़ था, जो सालाना आधार पर 128% की वृद्धि है। वित्त वर्ष 2026 में कर-पूर्व लाभ (PBT) बढ़कर ₹427.68 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹216.59 करोड़ था, इसमें 97% की वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2026 में PBT मार्जिन बढ़कर 8.64% हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में 5.33% था, इसमें 331 bps की बढ़त हुई है।
वित्त वर्ष 2026 में कर-पश्चात लाभ (PAT) बढ़कर ₹329.44 करोड़ हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹173.26 करोड़ था, इसमें 90% की वृद्धि हुई है। वित्त वर्ष 2026 में निर्यात राजस्व बढ़कर ₹2,047 करोड़ (राजस्व का 41%) हो गया, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹497 करोड़ (राजस्व का 12%) था। ऑर्डर बुक असाधारण रूप से बढ़कर ₹21,206 करोड़ के उच्चतम स्तर पर पहुँच गई है, जो वित्त वर्ष 2025 में ₹9,967 करोड़ थी, जो आने वाले कई वर्षों के लिए राजस्व की मज़बूत संभावना प्रदान करती है। 20% लाभांश (डिविडेंड) की सिफारिश की गई है।
स्वतंत्र आधार पर इस कंपनी ने 1511.24 करोड़ रुपये तिमाही आय, 312.41 करोड़ रुपये का एबिटा, 216.38 करोड़ रुपये कर पूर्व लाभ और 177.58 करोड़ रुपये शुद्ध लाभ दर्ज किया।
कारोबारी मिक्स में सुधार से रिकॉर्ड निष्पादन– एचएफसीएल का वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड वित्तीय निष्पादन इसके परिचालन मॉडल की ताकत और रणनीतिक प्राथमिकताओं के अनुशासित क्रियान्वयन को रेखांकित करता है। समीक्षाधीन तिमाही के दौरान कंपनी ने क्रमिक रूप से 50 प्रतिशत से अधिक की आय वृद्धि और एबिटा मार्जिन में स्वस्थ विस्तार दर्ज किया।
यह सुधार उत्पादों की दिशा में राजस्व मिश्रण में एक अनुकूल बदलाव, निर्यात में बढ़ती हिस्सेदारी और हाई-फाइबर काउंट ऑप्टिकल केबल में बेहतर आय के कारण हुआ।
वैश्विक ऑप्टिकल फाइबर अपसाइकिल एवं निर्यात की गति– हाइपरस्केल डेटा सेंटरों, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस वर्कलोड और क्लाउड ढांचे में बढ़ते निवेश से वैश्विक ऑप्टिकल फाइबर उद्योग एक संरचनात्मक अपचक्र के दौर से गुजर रहा है। इससे उच्च निष्पादन वाले ऑप्टिकल फाइबर केबल सॉल्यूशंस के लिए वैश्विक स्तर पर मांग जबरदस्त ढंग से बढ़ी है।
एचएफसीएल अमेरिका, यूरोप और एशिया से मांग बढ़ने के साथ अपने निष्पादन में निरंतर जबरदस्त वृद्धि होती देख रही है। इसमें एचएफसीएल के उत्पादों को लेकर ग्राहकों की बढ़ती स्वीकार्यरता और मजबूत क्षमता क्रियान्वयन भी एक कारक है। कंपनी को मिले अब तक के सर्वाधिक 13,483 करोड़ रुपये के ऑप्टिकल फाइबर केबल (ओएफसी) ऑर्डर बुक से भी इस गति का पता चलता है।
एचएफसीएल अपनी अनुषंगी एचटीएल लिमिटेड के जरिए डेटा सेंटर इंटरकनेक्ट सॉल्यूशंस के लिए अपनी विनिर्माण क्षमताओं का उल्लेखनीय विस्तार कर रही है जिससे आने वाली तिमाहियों में आय और लाभप्रदता की वृद्धि में भी उल्लेखनीय योगदान मिलेगा। अनुमान है कि डेटा सेंटर इंटरकनेक्ट सॉल्यूशंस से वित्त वर्ष 2026-27 में 400 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय और 2027-28 में करीब 800 करोड़ रुपये आय का योगदान मिलेगा।
मार्जिन विस्तार को गति देने के लिए बैकवर्ड इंटीग्रेशन– संरचनात्मक प्रतिस्पर्धी क्षमता बढ़ाने के लिए दीर्घकालीन रणनीति के तहत एचएफसीएल ने अनुमानित करीब 580 करोड़ रुपये की पूंजीगत व्यवस्था से उच्च स्तरीय बैकवर्ड इंटीग्रेशन के तौर पर परफॉर्म विनिर्माण इकाई स्थापित करने का निर्णय किया है।
इस बैकवर्ड इंटीग्रेशन पहल से आयात पर निर्भरता घटाकर, सप्लाई चेन सुरक्षा बढ़ाकर और लागत दक्षता बढ़ाकर मुख्य मार्जिन विस्तार होने की संभावना है। वैश्विक मांग बढ़ने से यह पहल लागत घटाने, लाभप्रदता बढ़ाने और एचएफसीएल की प्रतिस्पर्धी स्थिति मजबूत करने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
रणनीतिक रक्षा एवं एयरोस्पेस प्लेटफॉर्म- एक परिवर्तनकारी कदम– एक महत्वपूर्ण रणनीतिक कदम के तौर पर एचएफसीएल ने रक्षा एयरोस्पेस से जुड़े अवसरों में प्रतिभाग करने के लिए एक सहमति ज्ञापन पर हस्ताक्षर किया है। अधिग्रहित एयरोस्पेस कारोबार एक उच्च प्रवेश बाधा वाले खंड में परिचालन करता है जिसमें सख्त योग्यता की जरूरतें, उच्च सटीक इंजीनियरिंग, दीर्घकालीन मंजूरी चक्र और एक सीमित वैश्विक आपूर्तिकर्ता आधार मौजूद है।
सबसे महत्वपूर्ण, स्थापित क्षमताओं, प्रमाणन, दीर्घकालीन ग्राहक संबंध और करीब 1,930 करोड़ रुपये का पुष्ट निर्यातोन्मुखी ऑर्डर बुक के साथ यह कारोबार तत्काल आय दृश्यता उपलब्ध करा रहा है।
समानांतर में बढ़ती उत्पाद परिपक्वता, जारी फील्ड ट्रायल और थर्मल हथियार दृष्टि, राडार और सामरिक संचार प्रणालियों में बढ़ते ऑर्डर से एचएफसीएल का भूमि आधारित रक्षा कारोबार एक मजबूत व्यापक चरण में कदम रख रहा है।
इसके अलावा, यह कंपनी आंध्र प्रदेश में एक गोला-बारूद केंद्रित विनिर्माण इकाई की स्थापना के साथ प्रगति कर रही है जिसके दायरे में इलेक्ट्रॉनिक फ्यूज, मल्टी मोड हैंड ग्रेनेड और 155 मिमी तोल के गोले शामिल हैं। इससे रक्षा विनिर्माण पारितंत्र में एचएफसीएल की स्थिति और मजबूत हो रही है।
निष्पादन पर प्रतिक्रिया देते हुए एचएफसीएल के प्रबंध निदेशक श्री महेंद्र नहाटा ने कहा, “वित्त वर्ष 2025-26 एचएफसीएल के लिए एक निर्णायक वर्ष रहा जिसमें हमने आय में साल दर साल 21 प्रतिशत से अधिक और पीबीटी में साल दर साल 97 प्रतिशत की वृद्धि हासिल करते हुए अब तक का सर्वश्रेष्ठ निष्पादन हासिल किया है। आगे चलकर, हमारा दृढ़ विश्वास है कि एचएफसीएल संरचनात्मक रूप से अधिक मजबूत और अधिक पूर्वानुमानित विकास चरण में प्रवेश कर रही है। हम ना केवल हमारे ऑर्डर बुक में जबरदस्त वृद्धि देख रहे हैं, बल्कि निर्यात की उच्च हिस्सेदारी, दीर्घकालीन अनुबंधों और उच्च मार्जिन वाले उत्पादों के साथ अपने कारोबारी संरचना में भी सुधार दर्ज कर रहे हैं। बैकवर्ड इंटीग्रेशन का ऑप्टिकल फाइबर परफॉर्म में हमारी रणनीतिक पहल, रक्षा क्षेत्र में विस्तार, बढ़ती वैश्विक पैठ और उत्पाद नीत वृद्धि पर विशेष ध्यान से सतत मार्जिन विस्तार और सुदृढ़ रिटर्न के लिए एक शक्तिशाली आधार का निर्माण हो रहा है। एचएफसीएल एक अधिक वैश्विक, टेक्नोलॉजी संचालित, विविधीकृत और संरचनात्मक रूप से लाभप्रद उद्यम में तब्दील हुआ है जिसको लेकर हमारा मानना है कि आने वाले वर्षों में आय में सतत वृद्धि होगी। हमारा मानना है कि वित्त वर्ष 2025-26 की चौथी तिमाही में मजबूत गति आने वाली तिमाहियों में जारी रहेगी।”