गुणानुवाद सभा में उमड़ा जन-सैलाब, मुनि प्रसन्न कुमार जी को भावभीनी श्रद्धांजलि

पड़ासली ।  राजसमंद । तेरापंथ धर्मसंघ के तपस्वी संत मुनि प्रसन्न कुमार जी के देवलोकगमन के उपलक्ष्य में पढ़ासली के तेरापंथ भवन में एक विराट गुणानुवाद सभा का आयोजन किया गया। यह आयोजन तेरापंथ सभा एवं महिला मंडल पढ़ासली के संयुक्त तत्वावधान में सम्पन्न हुआ। सभा में श्रद्धालुओं का जन-सैलाब उमड़ पड़ा और वातावरण श्रद्धा, भावनाओं एवं स्मृतियों से ओतप्रोत हो गया।
सभा का शुभारंभ मुनि सिद्ध प्रज्ञ जी द्वारा नमस्कार महामंत्र के उच्चारण से हुआ। मंगलाचरण श्रीमती अनीता बडाला, राकेश बडाला एवं गुणसागर दीदी द्वारा प्रस्तुत किया गया।
इस अवसर पर अपने उद्बोधन में मुनि संजय कुमार जी ने कहा कि “मुनि प्रसन्न कुमार जी का जीवन निष्कलंक और बेदाग था। वे पुरुषार्थी, जागरूक और प्रेरणादायी संत थे। उनका अचानक जाना अपूरणीय क्षति है।” उन्होंने उपस्थित जनसमूह को प्रेरित करते हुए नशा और क्रोध से मुक्त जीवन का संकल्प लेने का आह्वान किया।
मुनि प्रकाश कुमार जी ने हाजरी वाचन करते हुए कहा कि “प्रसन्न मुनि एक सच्चे संघ-भक्त संत थे” तथा उनके गुणों का विस्तार से वर्णन किया।
मुनि सिद्ध प्रज्ञ जी ने “बस इतना ही संग था हमारा तुम्हारा” गीत का भावपूर्ण संगान करते हुए कहा कि “मुनि प्रसन्न कुमार जी निर्भीक, पापभीरु और दबंग संत थे। उनके देवलोकगमन से मेवाड़ में एक कर्मठ संत की कमी महसूस होगी।”
कार्यक्रम में भिक्षु बोधि स्थल राजनगर के अध्यक्ष हर्षलाल जी नोलखा ने आचार्य श्री महाश्रमण जी के संदेश का वाचन कर श्रद्धासुमन अर्पित किए। इस अवसर पर बोधि स्थल मंत्री सागरमल जी कावड़िया, पूर्व महामंत्री श्रीमती मंजू बडोला, महिला मंडल अध्यक्ष अनीता बडाला, आमेट से नोरतन दुगड़, संगीता कोठारी, दिवेर से सुरेश श्रीमाल, सुशीला, रेखा चोरड़िया, पूर्णिमा धींग, फूली बाई सहित अनेक श्रद्धालुओं ने अपने भाव व्यक्त किए।
पढ़ासली सभा के पूर्व अध्यक्ष गुणसागर जी जैन ने मुनि प्रसन्न कुमार जी का परिचय प्रस्तुत किया। राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय पढ़ासली की ओर से सकल जैन समाज एवं तेरापंथ सभा का सम्मान किया गया। विद्यालय की छात्राओं ने सुमधुर तेरापंथ गीत प्रस्तुत किया तथा प्राचार्य विजेंद्र प्रकाश ने भी अपने विचार रखे।
राजनगर से विनय कोठारी ने मुनि प्रसन्न कुमार जी के सामाजिक एवं धार्मिक कार्यों पर प्रकाश डाला। घाटकोपर से राकेश बडाला ने आभार ज्ञापित किया।
इस अवसर पर सूरत से दीक्षार्थी बाबूलाल जी बापना, मुनिश्री के भाई कुंदनलाल जी श्रीमाल, रिश्तेदार भीमराज जी कोठारी सहित मुंबई एवं मेवाड़ क्षेत्र से बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। कार्यकम को सफल बनाने में अनिल जी बडाला गुणसागर जी और महामंत्री शांतिलाल जी बड़ाला आदि का सराहनीय सहयोग रहा l कार्यक्रम का सफल संचालन मुनि सिद्ध प्रज्ञ जी ने किया।
सभा देर तक श्रद्धा और स्मृतियों के वातावरण में चलती रही।
error: Content is protected !!