मुख्यमंत्री के आने पर ही ग्रहण करेंगे अन्न

केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) के शहीद जवान बाबूलाल के परिजन अन्न त्याग कर धरने पर बैठे हैं। सीआरपीएफ के डीआइजी दर्शन लाल गोला विभाग के अधिकारियों के साथ इलाहाबाद स्थित शहीद के घर पहुंचे। गुरुवार से अन्न त्याग चुके शहीद के परिजनों से मुलाकात की। उन्हें अनशन तोड़ने के लिए काफी समझाया। शहीद की गर्भवती पत्‍‌नी रेखा का अनशन तो उनके होने वाले बच्चे के सेहत का हवाला दिलवा कर तुड़वा दिया गया, लेकिन माता-पिता नहीं माने। कहा कि जब तक मुख्यमंत्री नहीं आते और उनकी मांगे पूरी नहीं हो जाती वे अपना अनशन जारी रखेंगे।

उल्लेखनीय है कि झारखंड के लातेहार में बीते दिनों नक्सलियों ने सीआरपीएफ जवानों पर हमला कर बाबूलाल की हत्या कर दी थी। शनिवार को दिन में सीआरपीएफ के डीआइजी दर्शन लाल गोला कमांडेंट उमेश बाबू मिश्र के साथ धरनास्थल पर पहुंचे। घंटों प्रयास के बाद शहीद की पत्‍‌नी रेखा को जूस पिलाकर अनशन तुड़वाया गया। पिता मुन्नी लाल व माता जगपति देवी ने अनशन तोड़ने से इन्कार कर दिया है। उनका कहना है कि जब तक प्रदेश के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव यहां नहीं आएंगे और उनकी मांगें पूरी नहीं होगी, तब तक अन्न त्याग कर वह धरना जारी रखेंगे। अन्न त्यागने से शहीद बाबूलाल की मां की हालत बिगड़ी हुई है। पिता का भी स्वास्थ्य गिर रहा है। परिजन शासन-प्रशासन पर शहीद की उपेक्षा का आरोप लगा रहे हैं।

मौके पर डीआइजी ने शहीद की पत्‍‌नी को 12 लाख और माता-पिता को दो-दो लाख का आर्थिक चेक प्रदान किया। साथ ही कहा कि रेखा अगर नौकरी करना चाहेगी तो विभाग उसे नौकरी भी देगा।

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