नई दिल्ली, जून 2026- हीरो एंटरप्राइस के मुख्य चिंतन नेतृत्व आयोजन दि माइंडमाइन समिट का 16वां संस्करण आज नई दिल्ली के ताज पैलेस में संपन्न हुआ जिसमें भारत के प्रमुख नीति निर्माता, उद्योगपति, अर्थशास्त्री, राजनयिक, निवेशक, स्वास्थ्य क्षेत्र के विशेषज्ञ और बुद्धिजीवी भारत की उभरती वृद्धि यात्रा पर बातचीत के लिए एक साथ आए।
“अनिश्चित समय, भरोसेमंद फैसलेः भारत ने दिशा बदली” विषय पर केंद्रित इस समिट में यह संभावना तलाशी गई कि भारत किस प्रकार से अपने आर्थिक आधारों, संस्थानों, नवप्रवर्तन पारितंत्र और विकास प्राथमिकताओं को मजबूत करते हुए तेजी से बदले वैश्विक परिदृश्य पर नजर रख रहा है।
इस समिट का उद्घाटन केंद्रीय वित्त एवं कंपनी मामलों की मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण, हीरो एंटरप्राइस के चेयरमैन सुनील कांत मुंजाल और मोतीलाल ओसवाल सिक्युरिटीज के चेयरमैन रामदेव अग्रवाल के बीच बातचीत के साथ किया गया।
अपनी बातचीत में केंद्रीय वित्त मंत्री श्रीमती निर्मला सीतारमण ने कहा, “यद्यपि आयातित कच्चे माल और अन्य वस्तुओं पर निर्भरता एक मुख्य कमजोरी बनी हुई है, मजबूत घरेलू उपभोग ने वैश्विक उतार-चढाव के खिलाफ मजबूती प्रदान की है।”
उन्होंने कहा कि सरकार नीतिगत सहयोग के जरिए मुद्रा से जुड़े जोखिम की चिंता घटाते हुए बांड बाजार और विदेश से फंड जुटाकर विदेशी पूंजी आकर्षित करने के लिए सक्रियता के साथ रूपरेखा तैयार कर रही है। सीतारमण ने इस बात पर भी जोर दिया कि आर्थिक प्रतिस्पर्धी क्षमता महज केंद्र सरकार की कहानी नहीं रह गई, बल्कि राज्य भी जीसीसी, डेटा सेंटर और टेक्नोलॉजी निवेश आकर्षित करने के लिए एक दूसरे से प्रतिस्पर्धा कर रहे हैं।
इस समिट की सफलता के बारे में हीरो एंटरप्राइस के चेयरमैन सुनील कांत मुंजाल ने कहा, “इस वर्ष के माइंडमाइन समिट में बातचीत से दोनों बातें सामने आईं कि भारत के समक्ष किस व्यापक स्तर के अवसर मौजूद हैं और किस विश्वास के साथ यह देश बदलाव को आत्मसात कर रहा है। अलग अलग क्षेत्रों में इस बात को सभी ने माना है कि भारत के वृद्धि के अगले चरण को नवप्रवर्तन, मजबूत संस्थानों, उद्यमी ऊर्जा और सामूहिक नेतृत्व से आकार मिलेगा। माइंडमाइन समिट निरंतर एक ऐसा प्लेटफॉर्म बना हुआ है जहां विविध दृष्टिकोण के लोग एक साथ आकर विचारों का आदान प्रदान करते हैं, मान्यताओं को चुनौती देते हैं और इस राष्ट्र की प्रगति में योगदान करते हैं।”
इस पूरे दिन के दौरान भारत के भविष्य को आकार देने वाले प्रमुख मुद्दों की समीक्षा की गई। इनमें भू-राजनीतिक घटनाक्रम, निवेश रुख, ऊर्जा परिवर्तन, बीमा विस्तार, हेल्थकेयर में नवप्रवर्तन, संस्थागत मजबूती और इस देश की दीर्घकालीन वृद्धि की संभावनाएं शामिल रहीं।
इस आयोजन में प्रख्यात वक्ताओं और पैनलिस्टों में प्रधानमंत्री की आर्थिक सलाहकार परिषद के सदस्य डाक्टर शामिका रवि, सांसद बांसुरी स्वराज, भारत में इटली के राजदूत अंतोनियो बारतोली, पूर्व नागर विमानन मंत्री सुरेश प्रभु, पीडब्लूसी इंडिया के चेयरपर्सन संजीव कृष्णन, भारत में शेल ग्रुप ऑफ कंपनीज़ की चेयरपर्सन और शेल ल्यूब्रिकेंट्स एशिया पैसिफिक की वरिष्ठ उपाध्यक्ष मानसी मदन त्रिपाठी, टाटा पावर के सीईओ एवं प्रबंध निदेशक डाक्टर प्रवीर सिन्हा, कोटक महिंद्रा असेट मैनेजटमें के प्रबंध निदेशक निलेश साह, हुडको के चेयरमैन एवं प्रबंध निदेशक संजय कुलश्रेष्ठ, फाइजर की कंट्री प्रेसिडेंट एवं प्रबंध निदेशक मीनाक्षी नेवतिया, गो डिजिट जनरल इंश्योरेंस की प्रबंध निदेशक एवं सीईओ जसलीन कोहली, आईसीआईसीआई लोंबार्ड जनरल इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक एवं सीईओ संजीव मंत्री आदि शामिल रहे।
यह समिट 18वें बीएमएल मुंजाल अवार्ड्स के साथ संपन्न हुआ जिसमें उन संगठनों को पुरस्कृत किया गया जिन्होंने नवप्रवर्तन आधारित सीख और विकास गतिविधियों के जरिए कारोबारी उत्कृष्टता हासिल की है।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक श्री मोहन भागवत इस अवसर पर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे और उन्होंने पुरस्कार प्रदान किए और “भारत का निर्माणः जड़े, मूल्य, भविष्य” विषय पर मुख्य भाषण दिया जिसमें यह परिलक्षित हुआ कि मूल्य, आकांक्षाएं और सामूहिक प्रयास से भारत के भविष्य को आकार मिल रहा है।
पिछले कुछ वर्षों में माइंडमाइन समिट ने संवाद एवं विचारों के लिए स्वयं को भारत के प्रमुख मंचों में से एक के तौर पर स्थापित किया है जहां सरकार, कारोबार, अकादमिक एवं नागरिक समाज से नेता एक साथ आकर राष्ट्रीय एवं वैश्विक महत्व के मुद्दों पर चर्चा करते हैं। वर्ष 2026 के संस्करण ने भारत के भविष्य को आकार देने वाले विकल्पों और अवसरों पर सार्थक परिचर्चा को गति देकर उस विरासत को जारी रखा है।