नई दिल्ली, जुलाई, 2026- केंद्रीय नवीन एव अक्षय ऊर्जा और उपभोक्ता मामलों, खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण मंत्री श्री प्रह्लाद जोशी ने आज यहां बीआरई समिट एंड एक्सपो 2026 के कर्टन रेजर को संबोधित करते हुए कहा कि दि भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो (बीआरई समिट एंड एक्सपो) 2026 का आयोजन 2 से 5 नवंबर, 2026 तक नई दिल्ली के भारत मंडपम में किया जाएगा।
अपने मुख्य भाषण में श्री प्रह्लाद जोशी ने कहा कि पहली बार बीआरई समिट एंड एक्सपो 2026 में एक ही प्लेटफॉर्म के तहत अक्षय ऊर्जा के तीन बड़े आयोजन- बीआरई समिट एंड एक्सपो 2026, दि इंटरनेशनल सोलर एलायंस (आईएसए) असेंबली का नौवां सत्र और चौथा इंटरनेशनल कॉन्फ्रेंस ऑन ग्रीन हाइड्रोजन (आईसीजीएच) हो रहे हैं। श्री जोशी ने आगे बताया कि प्रधानमंत्री ने ‘बीआरई समिट एंड एक्सपो 2026’ का उद्घाटन करने की सहमति दी है। उन्होंने कहा कि “प्रधानमंत्री की उपस्थिति विकसित भारत के एक प्रमुख स्तंभ के रूप में अक्षय ऊर्जा के प्रति भारत की प्रतिबद्धता और वैश्विक टिकाऊ विकास में इसके योगदान को दर्शाती है।”
श्री जोशी ने आगे कहा कि इस समिट में अग्रणी अक्षय ऊर्जा डेवलपर्स, टेक्नोलॉजी कंपनियां, विनिर्माता, बैटरी स्टोरेज फर्में, ग्रीन हाइड्रोजन के क्षेत्र में अग्रणी, वित्तीय संस्थान, अंतरराष्ट्रीय संगठन और निवेशक शामिल होंगे जिससे एक ही छत के नीचे संपूर्ण अक्षय ऊर्जा मूल्य श्रृंखला का प्रतिनिधित्व सुनिश्चित होगा। उन्होंने कहा कि इस समिट को सही मायने में एक वैश्विक परिदृश्य के साथ डिजाइन किया गया है। बीआरई समिट एंड एक्सपो के लिए 34 देशों को आमंत्रित किया गया है, जबकि इंटरनेशनल सोलर एलायंस ने इस असेंबली के लिए 128 देशों को आमंत्रित किया है।
श्री जोशी ने इस बात पर जोर दिया कि वैश्विक मंच पर भारत की विश्वसनीयता, इसकी डिलीवरी के मजबूत ट्रैक रिकॉर्ड पर निर्मित है जिसने इसे वैश्विक अक्षय ऊर्जा समुदाय को एक मंच पर लाने में समर्थ बनाया है। उन्होंने कहा कि भारत जल्द ही 300 गीगावाट की स्थापित गैर जीवाष्म ईंधन क्षमता का कीर्तिमान पार कर लेगा। प्रधानमंत्री सूर्य घरः मुफ्त बिजली योजना के तहत आगामी सप्ताहों में 50 लाख लाभार्थी परिवारों का आंकड़ा पार कर लिए जाने की संभावना है।
अपना संबोधन समाप्त करते हुए केंद्रीय मंत्री ने भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो 2026 को वैश्विक अक्षय ऊर्जा समुदाय के साथ भारत के जुड़ाव में महत्वपूर्ण उपलब्धि बताया। उन्होंने कहा कि यह समिट इस क्षेत्र की वृद्धि, उभरते अवसरों और स्वच्छ ऊर्जा के क्षेत्र में आगे बढ़ने में वैश्विक गठबंधन को लेकर भारत की प्रतिबद्धता को परिलक्षित करता है। उन्होंने नई दिल्ली के भारत मंडपम में 2 से 5 नवबर, 2026 तक होने वाले इस समिट में भागीदारी के लिए सरकारों, उद्योगपतियों, निवेशकों, अनुसंधानकर्ताओं, नवप्रवर्तकों, उद्यमियों और दुनियाभर के डेवलपमेंट साझीदारों को गर्मजोशी के साथ निमंत्रण दिया। श्री जोशी ने विश्वास जताया कि यह समिट नई साझीदारियों को बढ़ावा देगा, निवेश को प्रोत्साहन देगा, नवप्रवर्तन को बढ़ावा देगा और अक्षय ऊर्जा क्षेत्र में अंतरराष्ट्रीय सहयोग को मजबूत करेगा।
इस कर्टन रेजर के दौरान, श्री जोशी ने बीआरई समिट एंड एक्सपो 2026 का आधिकारिक लोगो ‘ऊर्जा चक्र’ का भी अनावरण किया और इस समिट के लिए आधिकारिक डिजिटल पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन लांच किया।
केंद्रीय ऊर्जा एवं अक्षय ऊर्जा राज्यमंत्री श्री श्रीपद येसो नाइक ने कहा, “भारत के अक्षय ऊर्जा की ओर बदलाव को देशभर के राज्यों की सामूहिक कोशिशों से आगे बढ़ाया जा रहा है। जहां राजस्थान अपने व्यापक सौर संसाधानों का दोहन कर रहा है, वहीं गुजरात खावडा में विश्वस का सबसे बड़ा हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी पार्क विकसित कर रहा है। कई अन्य राज्य हाइड्रोपावर, फ्लोलिंट सोलर, बायोमास और विकेंद्रीकृत अक्षय ऊर्जा को आगे बढ़ा रहे हैं जिससे सहकारिता और प्रतिस्पर्दी संघवाद की भावना प्रदर्शित होती है।”
नवीन एवं अक्षय ऊर्जा सचिव श्री संतोष कुमार सारंगी ने कहा, “भारत का अक्षय ऊर्जा परिवर्तन चार मुख्य स्तंभों- नीति स्थिरता, बाजार सृजन, पारितंत्र विकास और ट्रांसमिशन ढांचा पर निर्मित है। ऊर्जा परिवर्तन का अगला चरण हाइब्रिड रिन्यूएबल एनर्जी प्रोजेक्ट्स, बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम, फ्लोटिंग सोलर, एग्रिवोल्टैक्स और नेशनल ग्रीन हाइड्रोजन मिशन के जरिए प्रणालीगत क्षमताओं को मजबूत करने पर केंद्रित होगा।” उन्होंने कहा, “भारत रिन्यूएबल एनर्जी समिट एंड एक्सपो (बीआरई समिट एंड एक्सपो) 2026 सरकारों, उद्योग, निवेशकों, नवप्रवर्तकों और अंतरराष्ट्रीय साझीदारों को निवेश बढ़ाने, टेक्नोलॉजी को लेकर साझीदारी करने और स्वच्छ ऊर्जा में गठबंधन के लिए एक साझा मंच उपलब्ध कराएगा।”
इस आयोजन के दौरान कई राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधि के साथ ही इस मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद थे।