मुंबई, जुलाई 2026: भारत की प्रमुख स्पिरिट्स कंपनियों में से एक, अलाइड ब्लेंडर्स एंड डिस्टिलर्स लिमिटेड (एबीडी) ने वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के लिए अपने अनऑडिटेड वित्तीय परिणामों की घोषणा की है।
वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के मुख्य प्रदर्शन बिंदु: स्टैंडअलोन आकर्षण: परिचालन से आय 975 करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के 926 करोड़ रुपये की तुलना में 5.3% अधिक है। एबिटा 140 करोड़ रुपये दर्ज किया गया, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के 122 करोड़ रुपये की तुलना में 14.4% अधिक है। कर-पश्चात लाभ (पीएटी): 68 करोड़ रुपये रहा, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के 61 करोड़ रुपये की तुलना में 11.9% अधिक है। मजबूत और लाभप्रद विकास की गति लगातार बनी हुई है।
समेकित परिणामों पर नजर: परिचालन से आय 984 करोड़ रुपये दर्ज की गई, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के 930 करोड़ रुपये की तुलना में 5.8% अधिक है। एबिटा 120 करोड़ रुपये रहा जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 119 करोड़ रुपये था। एबिटा की वृद्धि में यह मामूली स्तर एबीडी माएस्ट्रो के तहत नए स्थापित सुपर-प्रीमियम से लेकर लक्जरी पोर्टफोलियो में किए गए नियोजित निवेशों के कारण आया है, जिसमें बढ़ा हुआ प्रचार व विज्ञापन खर्च और वितरण विस्तार की पहल शामिल हैं। ये पहल कंपनी के प्रीमियमकरण-संचालित विकास एजेंडे को समर्थन देती हैं। कर-पश्चात लाभ 45 करोड़ रुपये रहा जबकि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में यह 56 करोड़ रुपये था। वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला में आई बाधाओं के 24 करोड़ रुपये के प्रभाव को हटाकर देखें, तो समान-आधारित एबिटा 144 करोड़ रुपये (21.4% अधिक) होता, एलटीएल एबिटा मार्जिन 14.7% (189 बेसिक अंक ज्यादा) होता और एलटीएल पीएटी 63 करोड़ रुपये (13.6% अधिक) रहता।
परिणामों के बारे में अपनी राय रखते हुए, एबीडी के प्रबंध निदेशक अमर सिन्हा ने कहा, “वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में हमारा प्रदर्शन एबीडी की बदलाव के दौर में लगातार हो रही प्रगति को दर्शाता है। इस दौरान आय में स्थिर बढ़ोतरी, बेहतर पोर्टफोलियो मिक्स और बिजनेस में मजबूत अनुशासन देखने को मिला है। भले ही वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला की रुकावटों का इस तिमाही पर अल्पकालिक असर पड़ा, लेकिन हमारा मूल व्यवसाय पूरी तरह से मजबूत बना हुआ है। फिलहाल हमारा ध्यान अपने कर्मचारियों पर निवेश करने, ब्रांड्स को मजबूत बनाने, प्रीमियमकरण को बढ़ावा देने और बैकवर्ड इंटीग्रेशन प्रोजेक्ट्स को तेजी से लागू करने पर है। हाल ही में लागू हुआ भारत-यूके एफटीए हमारे मार्जिन को बढ़ाने में मददगार है और साथ ही बेहतर सोर्सिंग की सुविधा से उच्च श्रेणी के उत्पादों के अवसर भी तैयार कर रहा है। ये सभी प्राथमिकताएं एबीडी को अधिक सक्षम, कुशल और भविष्य के लिए तैयार बनाने के लिए अहम हैं, और मध्यम अवधि में मिड-टीन्स (लगभग 13%-16%) की दर से राजस्व वृद्धि हासिल करने के हमारे लक्ष्य का समर्थन करती हैं।”
वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही के लिए प्रदर्शन समीक्षा और हालिया प्रगति:
प्रेस्टीज एवं उससे ऊपर (पीएंडए) पोर्टफोलियो: प्रीमियमकरण की स्थायी गति– वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 9.0 मिलियन केस की बिक्री दर्ज की गई, जो कि वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के 8.5 मिलियन केस की तुलना में 6.2% की समग्र वॉल्यूम वृद्धि दर्शाती है। इसमें पीएंडए श्रेणी ने सालाना आधार पर 10.7% की वृद्धि दर्ज की, जबकि मास प्रीमियम व अन्य श्रेणियों में 2.3% की वृद्धि देखी गई। पीएंडए सेगमेंट का कंपनी के कुल पोर्टफोलियो में योगदान लगातार मजबूत हुआ है। इसकी वॉल्यूम हिस्सेदारी वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में बढ़कर 48.2% हो गई, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 46.2% थी। वहीं, वैल्यू हिस्सेदारी वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 59.3% हो गई, जो वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही में 55.8% थी।
आईकॉनिक व्हाइट लगातार तीन कैलेंडर वर्षों (2023, 2024 और 2025) तक दुनिया का सबसे तेजी से बढ़ता मिलियनेयर व्हिस्की ब्रांड बने रहने के बाद, इसने वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में 3.1 मिलियन केस की बिक्री हासिल की (प्रति माह औसतन 1 मिलियन से अधिक केस)। यह वित्त वर्ष 26 की पहली तिमाही के 2.3 मिलियन केस की तुलना में 33.8% की शानदार वृद्धि है। यह ब्रांड घरेलू बाजारों में मजबूत गति बनाए हुए है और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपना विस्तार कर रहा है, जिससे भारत की नई पीढ़ी यानी कानूनी रूप से शराब पीने की उम्र वाले उपभोक्ताओं के बीच इसकी लोकप्रियता और मजबूत हो रही है।
लक्जरी पोर्टफोलियो: एबीडी माएस्ट्रो के तहत निरंतर विस्तार– ज़ोया पिंक: अप्रैल 2026 में सुपर-प्रीमियम ज़ोया जिन पोर्टफोलियो के एक आकर्षक और नए वेरिएंट के रूप में लॉन्च की गई ज़ोया पिंक, प्रीमियम स्पिरिट सेगमेंट में ब्रांड की आधुनिक पहचान को और मजबूत करती है। महाराष्ट्र में लॉन्च के बाद, अब इस ब्रांड को भारत के चुनिंदा प्रमुख बाजारों में चरणबद्ध तरीके से पेश करने की योजना है, जिसे खास अवसरों पर परोसने और उपभोक्ता जुड़ाव पहलों का सहारा मिलेगा।
अंतर्राष्ट्रीय बाजार: विभिन्न क्षेत्रों में बढ़ता दायरा– एबीडी ने वित्त वर्ष 27 की पहली तिमाही में अपनी अंतर्राष्ट्रीय उपस्थिति को बढ़ाकर 39 देशों में पहुंचा दिया है, जो वित्त वर्ष 26 की चौथी तिमाही में 36 देशों तक थी। आईकॉनिक व्हाइट एबीडी का सबसे नया मिलियनेयर ब्रांड है और इसे अब 10 अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में पेश किया जा चुका है, जो भारत से बाहर इसके क्रमिक विस्तार में मदद कर रहा है। एबीडी माएस्ट्रो, जोकि सुपर-प्रीमियम से लेकर लक्जरी पोर्टफोलियो तक है, अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में लगातार विस्तार कर रहा है। अब यह कनाडा, आइवरी कोस्ट, न्यूजीलैंड, रवांडा, सिएरा लियोन और यूएई में उपलब्ध है। आर्थॉस ब्लेंडेड माल्ट व्हिस्की, ज़ोया जिन और वुडबर्न्स व्हिस्की के अलावा, अब रंगीला वोदका, औध आइरिश व्हिस्की और येलो डिजाइनर व्हिस्की भी अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में उपलब्ध हैं।
प्रमुख पुरस्कार एवं सम्मान: रंगीला ने IMAGEXX 2026 समिट अवॉर्ड्स में बेस्ट यूज ऑफ सोशल मीडिया का खिताब जीता: एबीडी माएस्ट्रो के ब्रांड रंगीला को प्रतिष्ठित IMAGEXX 2026 समिट अवॉर्ड्स में बेस्ट यूज़ ऑफ सोशल मीडिया के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। यह उपलब्धि ब्रांड के डिजिटल-फर्स्ट उपभोक्ता जुड़ाव, क्रिएटर्स के जरिए की जाने वाली स्टोरीटेलिंग और ट्रेंडसेटर्स के एक जीवंत समुदाय के साथ इसके मजबूत जुड़ाव को दर्शाती है।
रंगपुर फैसिलिटी को मिला बेस्ट फैक्टरी/मैनेजमेंट अवॉर्ड: रंगपुर (तेलंगाना) स्थित एबीडी की एकीकृत विनिर्माण इकाई को तेलंगाना सरकार के श्रम, रोजगार, प्रशिक्षण और फैक्टरी विभाग द्वारा बेस्ट फैक्ट्री/मैनेजमेंट अवार्ड प्रदान किया गया। यह पुरस्कार इसकी मजबूत विनिर्माण पद्धतियों और परिचालन अनुशासन को मान्यता देता है।
आइकॉन्स ऑफ व्हिस्की इंडिया अवॉर्ड्स 2026: 15वें आइकॉन्स ऑफ व्हिस्की इंडिया अवॉर्ड्स 2026 में एबीडी माएस्ट्रो प्राइवेट लिमिटेड को डिस्टिलर ऑफ द ईयर चुना गया। वहीं, ARTHAUS ब्लेंडेड माल्ट स्कॉच व्हिस्की को कैंपेन इनोवेटर ऑफ द ईयर के रूप में सम्मानित किया गया, जो गुणवत्ता, नवाचार और प्रीमियम ब्रांड निर्माण पर कंपनी के ध्यान को रेखांकित करता है।