अखिलेश सरकार द्वारा सुरक्षा हटाए जाने से केंद्रीय इस्पात मंत्री बेनी प्रसाद वर्मा काफी आहत हैं। वह इस फैसले को राजनीतिक विद्वेष से प्रेरित और बड़ी साजिश मानते हैं। उन्हें भतीजे और राज्य के मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से कोई शिकवा नहीं। न ही वह भतीजे पर कोई टिप्पणी करने को तैयार है, लेकिन सपा सुप्रीमो मुलायम सिंह यादव के प्रति उनकी तल्खी बरकरार है।
वह उन्हें खुरापाती की उपमा देने से भी गुरेज नहीं करते। राज्य सरकार द्वारा सुरक्षा हटाए जाने के फैसले के बाद अपने आवास पर शुक्रवार को केंद्रीय मंत्री पत्रकारों से मुखातिब थे। उन्होंने कहा कि 72 साल की आयु में उनको न मरने का डर है और न किसी से उनकी व्यक्तिगत दुश्मनी। कहने लगे कि उनको जेड श्रेणी की सुरक्षा मिली थी, जिसे पहले एक्स में बदला और अब बिना सूचना हटा दिया। इस बारे में मुख्य सचिव से बात की तो उन्होंने इसकी जानकारी से इन्कार कर दिया।
मुख्यमंत्री अखिलेश यादव से सुरक्षा हटाने की शिकायत करने के सवाल पर केंद्रीय मंत्री का कहना था कि इसकी जरूरत नही, क्योंकि उनकी व्यक्तिगत दुश्मनी किसी से नहीं है। वह मानते है कि कोई इंसान किसी को असुरक्षित नहीं कर सकता। बेनी ने राज्य सरकार के कामकाज पर टिप्पणी करने से इनकार किया। उनका कहना था कि अखिलेश उनका भतीजा है, हम उसके खिलाफ नहीं हो सकते, उनका विरोध केवल मुलायम सिंह से है। मुलायम खुराफात करते हैं जबकि उनको चाहिए कि अखिलेश को काम करने दें। आजम खान के अधिकारियों से डंडे की भाषा में ही बात करने के बयान पर एतराज दर्ज कराते हुए बेनी ने कहा मंत्री और अधिकारी के बीच बडे़ व छोटे भाई जैसा रिश्ता बने तभी विकास हो सकता है। बेनी प्रसाद ने इस दौरान केंद्रीय मंत्री के रूप में बीते दो सालों में प्रदेश में कराए विकास कार्यो को गिनाया। कहा कि अन्य राज्यों के मुख्यमंत्री प्रदेश में योजनाएं लाने के लिए दिल्ली के चक्कर लगाते हैं, लेकिन यूपी के लिए उन्होंने बिना मांगे दस हजार करोड़ रुपये से अधिक की योजनाएं शुरू करा दी है जिनसे लाखों लोगों को रोजगार मिलेगा। उन्होंने जगदीशपुर व गोंडा पावर प्लांटों के बारे में बताया कि प्रदेश को इनसे एक हजार मेगावाट से अधिक बिजली मिलेगी।
