आगरा: डीईआइ में शोध छात्रा की निर्मम हत्या, सड़क पर उतरे छात्र

murder 01आगरा। देश के जाने-माने दयालबाग शिक्षण संस्थान (डीईआइ) में शुक्रवार को एक शोध छात्रा की बेहद क्रूर तरीके से हत्या कर दी गई। इसके खिलाफ काफी संख्या में छात्रों ने सड़क पर उतर नारेबाजी की और न्यू आगरा थाने को घेर लिया। छात्रों की मांग है कि हत्यारों को जल्द से जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। हत्यारों ने सर्जिकल ब्लेड से छात्रा के पेट, गले, सीने और हाथों पर एक दर्जन से ज्यादा घाव किए। जिससे उसकी आंतें बाहर निकल आई थीं।

रात लगभग नौ बजे उसकी लाश नैनो बॉयोटेक्नोलॉजी लैब में बरामद हुई। छात्रा के कपड़े अस्त-व्यस्त थे, जिससे दुष्कर्म की आशंका व्यक्त की जा रही है। मरने से पहले उसने हमलावरों से जोरदार संघर्ष किया, घटनास्थल पर इसके सुबूत मिले हैं। छात्रा का मोबाइल भी हत्यारे अपने साथ ले गए।

जानकारी के मुताबिक 25 वर्षीय छात्रा नैनो बॉयोटेक्नोलॉजी में पीएचडी कर रही थी। वह यहां दयालबाग स्थित एक अपार्टमेंट में मां और भाई के साथ रहती थी। सुबह दस बजे वह हर रोज की तरह कार से संस्थान के लिए निकली। मां शाम साढ़े पांच बजे सत्संग जाती हैं, तब तक बेटी घर लौट आती थी। शुक्रवार को वह नहीं लौटी, तो मां ने मोबाइल पर फोन किया, जो किसी युवक ने रिसीव किया। उसने बताया कि उनकी बेटी सदर बाजार गई है, थोड़ी देर से लौटेगी। रात लगभग आठ बजे पुलिस को खेल गांव के पास लाल रंग की कार लावारिस खड़ी होने की जानकारी मिली। पुलिस ने तलाशी ली, तो उसमें एक डायरी में मोबाइल नंबर लिखे हुए थे। एक नंबर पर काल की, तो छात्रा के पिता ने रिसीव की। उन्होंने गाड़ी बेटी की होने की जानकारी दी। इसके बाद पुलिस ने छात्रा की मां से संपर्क किया।

उनसे पता चला कि उनकी बेटी अभी तक घर नहीं लौटी है। इसके बाद पुलिस विभागाध्यक्ष प्रोफेसर अमला चोपड़ा को लेकर लैब पहुंची। वहां बाहर से ताला पड़ा था। प्रो. अमला ने ताला खोला, तो लैब की मेज के पास छात्रा की लाश पड़ी थी। आसपास खून बिखरा हुआ था। लैब के दोनों कमरों में छात्रा ने हत्यारों से काफी संघर्ष किया था। लैब के अंदर सारा सामान अस्त-व्यस्त हो गया था। छात्रा के पिता सेना से सेवानिवृत्त हैं और फिलहाल नोएडा में नौकरी कर रहे हैं। उसकी बड़ी बहन भी पिता के पास रहती है।

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