नई दिल्ली। हिंदुस्तान में ही हिंदू अन्य की श्रेणी में आ गए हैं। यह कारनामा गुरु गोविंद सिंह इंद्रप्रस्थ विश्वविद्यालय ने किया है। विश्वविद्यालय के प्रवेश फॉर्म में मुस्लिम, जैन, सिख और इसाई के लिए तो कॉलम हैं, लेकिन हिंदू के लिए कोई कॉलम नहीं है। उन्हें अन्य के कॉलम में टिक करना होता है। विश्वविद्यालय में तीन वर्षो से फार्म का यही प्रारूप है। यह दाखिला फॉर्म 18 फरवरी को जारी किया गया था और भरकर जमा करने की अंतिम तिथि 9 अप्रैल है।
पूछने पर कुलपति प्रो. दिलीप के. बंदोपाध्याय ने बताया कि, इस विश्वविद्यालय से वर्तमान में 106 कॉलेज जुड़े हैं। इसमें 7-8 अल्पसंख्यक संस्थान भी हैं जिनमें उनको प्रवेश दिया जाता है। अब हिंदू के लिए कॉलम क्यों नहीं बनाया, इस बात को कुछ लोग बिना वजह मुद्दा बना रहे हैं। उन्होंने कहा, हमारा विश्वविद्यालय सरकार की आरक्षण नीति का पालन करता है। हम किसी के साथ भेदभाव नहीं करते हैं। हमने अल्पसंख्यकों की मेरिट के आधार पर प्रवेश को सरल बनाने के लिए ऐसा किया है। ऐसा किसी अन्य विश्वविद्यालय में नहीं होने के सवाल पर सवाल कुलपति ने कोई टिप्पणी नहीं की। इस संबंध में विश्वविद्यालय के ज्वाइंट रजिस्ट्रार पीके उपमन्यु का कहना है यह बड़ा मुद्दा नहीं है। हमने उन धर्मो का नाम दिया है, जिनको केंद्र सरकार अल्पसंख्यक मानती है। बाकी लोगों के लिए हमने अन्य का कॉलम दिया है। अल्पसंख्यक समुदाय के लोगों को काउंसलिंग के दौरान रैंकिंग के आधार बुलाने में हमें आसानी होती है।