आगरा। दयालबाग शिक्षण संस्थान की लैब में वहशियाना अंदाज में शोध छात्रा के साथ खेला गया खूनी खेल महज 17 मिनट में पूरा हो गया। इसके बाद कातिल बेफिक्र अंदाज में शोध छात्रा के मोबाइल पर बात करता रहा और आराम से संस्थान से बाहर भी निकल गया।
वारदात के बाद शुरू हुई जांच के मुताबिक शोध छात्रा शुक्रवार दो बजे से चार बजे तक अपनी गाइड असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अमला चोपड़ा से टॉपिक पर डिस्कशन कर रही थी। डॉ. अमला के मुताबिक साढ़े चार बजे वह छात्रा को लैब में छोड़कर घर चली गई। जांच रिपोर्ट के मुताबिक शाम 5.14 बजे छात्रा के मोबाइल पर उसकी बड़ी बहन का काल आया, जिस पर उसने लगभग छह मिनट तक बात की।
इसके बाद अगली काल छात्रा की मां की थी, जो लगभग 5:37 बजे आई। जिसको कातिल ने रिसीव किया। लगभग डेढ़ मिनट की बातचीत में कातिल ने छात्रा की मां से कहा कि वह सदर बाजार गई है। सत्संग पहुंचने में उसे देर हो जाएगी। यानि बहन से बात खत्म होने के बाद मां की काल आने तक के बीच में महज 17 मिनट का अंतर था। जिसमें कातिल ने शोध छात्रा का काम तमाम कर दिया और उसकी कार लेकर निकल भी गया।