आगरा: कातिल के गिरेबां तक ऐसे पहुंचे रहे हैं पुलिस के हाथ

cops-claim-breakthrough-in-phd-scholar-murderआगरा। सबसे बड़े कत्ल की गुत्थी के पेंच अब खुलने लगे हैं। पूरी मशक्कत के बाद भी दो दिन खाली हाथ रही पुलिस को लैपटॉप से निकले सुरागों ने नई दिशा दे दी। डाटा रिकवर हुआ और हत्याकांड की परतों पर जमा गर्द साफ होती चली गयी। पिछले 24 घंटे में पुलिस के हाथ लगा मृत छात्रा का रूमाल और हत्यारे के खून के निशान वाले कपड़ों ने राह और आसान कर दी। इनके सहारे पुलिस अहम सबूत जुटा चुकी है। अब फोरेंसिक रिपोर्ट आने का इंतजार किया जा रहा है।

रिपोर्ट के हाथ आते ही शोध छात्रा का कातिल पुलिस की गिरफ्त में होगा। इसके बाद कत्ल की पूरी कहानी सामने होगी। अपनी साख के लिए देशभर में अलग पहचान रखने वाले दयालबाग शिक्षण संस्थान की नैनो बायो टैक्नोलॉजी लैब में शुक्रवार रात शोध छात्रा की हत्या कर दी गई थी। सनसनीखेज वारदात में दो दिन पुलिस हाथ-पैर मारती रही। आखिर तीसरे दिन रविवार दोपहर लगभग ढाई बजे लैब से पंद्रह कदम दूर छात्रा का गायब लैपटॉप मिला। प्रारंभिक रूप से जांच टीम ने माना कि लैपटॉप से कुछ महत्वपूर्ण सुबूत डिलीट किए गए हैं। ऐसे में पुलिस के लिए इन्हें रिकवर करना पहली चुनौती थी। सूत्रों के मुताबिक रविवार शाम ढलते-ढलते पुलिस ने साइबर एक्सपर्ट्स के जरिए डिलीट किया डाटा हासिल कर लिया। इसके बाद अचानक पुलिस जांच को रफ्तार और दिशा मिल गयी। रविवार देर रात को घटना स्थल से कुछ दूरी पर छात्रा का खून से सना रूमाल बरामद हो गया। वहीं कैंपस के नजदीक बस्ती से खून से सने कपड़े और अन्य महत्वपूर्ण सुबूत बरामद हुए हैं। सूत्रों की मानें तो कपड़ों के साथ जूते भी बरामद हुए है, जिन्हें धोया गया है। पुलिस ने एक साइकल भी बरामद की है। इसके पैडल पर खून लगा हुआ है।

मोबाइल मिला सिम साफ

दयालबाग शिक्षण संस्थान (डीईआइ) की शोध छात्र हत्याकांड में चौथे दिन सोमवार को एक और अहम सुराग मिल गया। यह छात्रा का मोबाइल सेट है। घटनास्थल से महज 200 मीटर दूरी पर मिले मोबाइल को फेंकने से पहले कातिल ने उसमें छिपे सारे राज गायब कर दिए। वैसे इस मोबाइल को बरामद करने में पुलिस असफल रही लेकिन संस्थान की एक छात्रा ने ढूंढ निकाला। डीईआइ की शोध छात्रा की शुक्रवार को नैनो बायोटैक्नोलॉजी लैब में निर्मम हत्या की गई थी। उसके बाद हत्यारा उसकी कार को खेल गांव के पास सड़क पर खड़ी कर फरार हो गया। सोमवार को घटना स्थल से दो सौ मीटर की दूरी पर कंप्यूटर लैब के पास स्थित पार्क में कला संकाय की एक छात्रा को एक मोबाइल दिखा। नोकिया कंपनी के नए मोबाइल में बैटरी, मैमोरी कार्ड और सिम गायब थे। उसने तुरंत पुलिस को सूचना दी, जिस पर उसे कब्जे में लिया। इससे फिंगर प्रिंट लेने के लिए फोरेंसिक टीम को बुलाया गया। इससे पहले लैब से महज पंद्रह कदम की दूरी पर रविवार को छात्रा का लैपटॉप मिला था। पुलिस का मानना है कि कातिल लैपटॉप को फेंकने के बाद रास्ते से गुजरते हुए मोबाइल को पार्क में फेंककर गया था। शातिर कातिल ने इसमें एक भी ऐसी डिवायस नहीं छोड़ी, जिनसे उसका सुराग लगता। फिलहाल पुलिस मोबाइल की जांच कर रही है। कवर से मोबाइल तक पहुंची छात्रा डीईआइ के कला संकाय की छात्रा ने पुलिस को बताया कि शनिवार को उसकी बहन को मोबाइल का कवर मिला था, जिसे उसने पास के ही नाले में फेंक दिया। रविवार को जब उसने अखबारों में पढ़ा कि मोबाइल और लैपटॉप गायब हैं, तो वह मोबाइल की तलाश को बेचैन हो रही थी। रविवार को अवकाश के कारण सोमवार को सुबह वह बहन के साथ कॉलेज निकली। रास्ते में छात्र-छात्राओं ने उसे रोका, लेकिन उन्हें जैसे-तैसे समझाकर वह अंदर पहुंची। यहां सबसे पहले उसने मोबाइल की तलाश शुरू की। सुराग छोड़ गया था कातिल कातिल ने हत्या के बाद सुराग खुले में छोड़ दिए। घटना स्थल के पास पहले झाड़ियों में लैपटॉप और अब पार्क में मोबाइल पड़ा मिला। पार्क के पास एक नाला और एक कुआं भी था। कातिल ने मोबाइल उसमें न डालकर पार्क में फेंका। उसके बाद छात्रा का बैग और कार भी ऐसी जगह छोड़े, जहां आसानी से मिल सकें। फ्रेंच कट दाढ़ी वाले पर शक पुलिस ने कैंपस से मिले सुराग के आधार पर एक फ्रेंच कट दाढ़ी वाले को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ में पुलिस का शक मजबूत हो रहा है। माना जा रहा है कि हत्या में उसकी अहम भूमिका है। परंतु पुलिस अभी इस बात की पुष्टि करने को तैयार नहीं है।

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