बुलंदशहर। दक्षिण सूडान में शहीद हुए हवलदार हीरालाल की पत्नी कमलेश ने अपने पति की शहादत का सम्मान न होने पर अन्न-जल त्याग दिया है। उन्होंने एलान किया कि गांव में मुख्यमंत्री अखिलेश यादव के आने के बाद ही अन्न-जल ग्रहण करेंगी। शहीद के परिजनों ने उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से भेजा गया 20 लाख रुपये का चेक भी ठुकरा दिया है।
मंगलवार को दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र के एक दल की रक्षा करते वक्त विद्रोहियों के हमले में बुलंदशहर जिला स्थित गांव विस्वाना के हीरालाल भी शहीद हो गए थे। शव गांव पहुंचाया गया और शहीद की अंतिम संस्कार में जिलाधिकारी, एसएसपी व कोई जनप्रतिनिधि नहीं पहुंचा। इस उपेक्षा पर शहीद के परिजन नाराज हो गए। उन्होंने कहा कि शासन-प्रशासन ने शहादत के प्रति बेरुखी दिखाई है। शहीद की पत्नी कमलेश ने यह कहते हुए अन्न जल त्याग दिया कि जब मुख्यमंत्री गांव आएंगे, तभी वह अनशन तोड़ेंगी। शहीद के भाई चंद्रहास का कहना है कि उन्हें अनुदान नहीं, सम्मान चाहिए। शनिवार को तहसीलदार शासन से स्वीकृत 20 लाख रुपये का चेक लेकर पहुंचे, लेकिन परिजनों ने इसे लेने से इन्कार कर दिया।