पोंटी हत्याकांड: अभियुक्तको मिली अंतरिम जमानत

ponty chadaनई दिल्ली। दिल्ली की एक अदालत ने पोंटी चड्ढा और उसके छोटे भाई हरदीप की हत्या के मामले में गिरफ्तार एक अभियुक्त को मानवीय आधार पर दो महीने के लिए अंतरिम जमानत दे दी। इसके साथ ही उसको बिना अदालत की अनुमति के दिल्ली से बाहर नहीं जाने की शर्त भी लगाई गई है। इस मामले में उत्तराखंड अल्पसंख्यक आयोग के बर्खास्त अध्यक्ष एस एस नामधारी भी आरोपी है।

अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश वी के यादव ने पोंटी चढ्डा के प्रबंधक के रूप में काम करने वाले नरेंद्र अहलावत को मानवीय आधार पर अंतरिम जमानत देते हुए कहा कि आरोपी इस वारदात के बाद से ही ‘व्हीलचेयर’ पर है और उसे समुचित उपचार की आवश्यकता है। अदालत ने कहा कि जेल से मिली अहलावत की मेडिकल रिपोर्ट के अनुसार उसकी स्थिति में सुधार होने की बजाए पेचीदगियां बढ़ रही हैं। ऐसी स्थिति में जब अहलावत व्हीलचेयर पर है और चल फिर नहीं सकते हैं, वक्त का तकाजा है कि मानवीयता के आधार पर इसमें हस्तक्षेप किया जाए।

ऐसा लगता है कि उसका सही तरीके से इलाज हो और इसके लिए उसे अंतरिम जमानत दी जाती है। अदालत ने कहा कि अहलावत को निजी मुचलका और पचास पचास हजार रुपये के दो जमानती बांड पर दो माह के लिए रिहा किया जाता है ताकि वह अपनी पसंद के अस्पताल में इलाज करा सके। इसके साथ ही उसको गवाहों को प्रभावित न करने और बिना अदालत की अनुमति के दिल्ली छोड़ने की शर्ते भी लगाई गई हैं।

उल्लेखनीय है कि पोंटी चढ्डा और उसके छोटे भाई हरदीप की पिछले साल 17 नवंबर को दक्षिण दिल्ली में छतरपुर फार्महाउस में हुए गोली कांड में मौत हो गई थी।

इस मामले में नामधारी के साथ ही 21 अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप पत्र दाखिल किया गया है। नामधारी और उसके निजी सुरक्षा अधिकारी सचिन त्यागी पर हत्या, हत्या के प्रयास के आरोप के साथ ही शस्त्र कानून के तहत भी आरोप है। आरोप पत्र में पोंटी का नाम भी आरोपी के रूप में है।

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