हिंदी फिल्मों के मशहूर विलेन प्राण का निधन

pran11हिंदी फ़िल्मों के मशहूर विलेन और चरित्र अभिनेता प्राण नहीं रहे. उनकी मौत मुंबई में हुई. वो लंबे समय से बीमार चल रहे थे. उनके बेटे सुनील ने बताया कि वो लीलावती अस्पताल में भर्ती थे जहां उनकी मौत देर शाम हो गई. उन्हें इस साल दादा साहब फ़ालके अवार्ड से सम्मानित किया गया था. लेकिन वो इस क़दर बीमार थे कि इसे ख़ुद स्वीकार करने दिल्ली नहीं आ पाए थे. बाद में सूचना और प्रसारण मंत्री मनीष तिवारी ने उनके घर जाकर उन्हें अवार्ड दिया. प्राण ने अपना फिल्मी करियर 40 के दशक में शुरू किया. शुरुआत की कुछ फिल्मों में उन्होंने बतौर हीरो काम किया. लेकिन उनकी असल पहचान बनी खलनायक के तौर पर. 1949 में रिलीज़ हुई फिल्म ‘ज़िद्दी’ और ‘बड़ी बहन’ से उनकी पहचान विलेन के तौर पर बननी शुरू हो गई. फिर तो उन्होंने उस समय के मशहूर हीरो जैसे राज कपूर, देव आनंद और दिलीप कुमार की कई फिल्मों में बतौर खलनायक अविस्मरणीय भूमिकाएं कीं.

लेकिन साल 1967 में मनोज कुमार की फिल्म ‘उपकार’ में उनकी निभाई मलंग चाचा की चरित्र भूमिका ने उन्हें एक अलग ही पहचान दिला दी. फिर प्राण को चरित्र भूमिकाओं में लिया जाने लगा. 70 के दशक के सुपरस्टार अमिताभ बच्चन के साथ उन्होंने ज़ंजीर, डॉन, अमर अकबर एंथनी और शराबी जैसी यादगार फिल्में दीं.

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