मूल भूखंड मालिक शिकायत पर पेश कर रहा है शिकायत
फर्जी तथ्यों से बनाया पट्टा
-मूलचंद पेसवानी- शाहपुरा जिला भीलवाड़ा। नगर पालिका प्रशासन की लचर व्यवस्था के चलते नई आबादी में जहाजपुर मार्ग पर स्थित संयुक्त स्वामित्व की भूमि के भूखंड का नगर पालिका से फर्जी तथ्य पेश कर पट्टा बनाने का सनसनी खेज मामला प्रकाश में आया है। इस पट्टे के आधार पर भूखंड का दोबारा विक्रय भी पंजीकरण हो गया। नगर पालिका से इसके निर्माण की स्वीकृति चाहने के दौरान मूल भूखंड स्वामी को इसकी भनक लगने पर उसके द्वारा लिखित में एक बारगी नहीं दसियों बार अपनी शिकायत दर्ज करा दी। शिकायत दर्ज होने के बाद भी फर्जी तरीके से बने पट्टे के भूखंड पर निर्माण कार्य युद्वस्तर पर चल रहा है। पालिका ईओ माने तो निर्माण को रूकवा दिया गया है परंतु वास्तविकता इससे उलट है। मुख्यमार्ग पर शटर लगा देने के बाद पीछे निर्माण कार्य अनवरत चल रहा है। भूखंड के मूल स्वामी ने अपने भूखंड का फर्जी तथ्य पेश कर नगर पालिका से पट्टा हथियाने के मामले में स्थानीय सिविल कोर्ट में भी वाद दायर कर दिया है जिस पर भी आज संबंधित पक्षकारों को सम्मन तामिल कर दिये गये है।
शाहपुरा निवासी हरकचंद शर्मा ने बताया कि उसके पिता मदनलाल शर्मा ने शाहपुरा पटवार हलका में आराजी नंबर ३४५६ में ढाई बिस्वा भूमि का भूखंड जरिये पंजीकृत पत्र के क्रय किया था। इस आराजी के वर्तमान नक्शे में नंबर २०१० व २०११ है। यह नई आबादी में जहाजपुर रोड पर स्थित है। मदनलाल शर्मा के निधन उपरांत उसमें १/४ हिस्सा हरकचंद का है। बावजूद इसके उसके दो भाई गोपाल व उत्सवलाल ने फर्जी विक्रय पत्र एक स्टांप पर अपने नाम पर बताकर नगर पालिका में गलत व झूंइे तथ्य पेश कर अपने नाम पर पट्टा जारी करा लिया। इसके बाद गोपाल ने इस भूमि से एक भूखंड सुशिलादेवी गगराणी को भी विक्रय कर दिया। इसकी सूचना पर हरकचंद शर्मा ने लिखित, मौखिक व वकील के जरिये नोटिस भेजकर अपनी शिकायत को नगर पालिका में दर्ज करा दी। हरकचंद की नगर पालिका में एक भी नहीं सुनी गयी तथा वहां पर निर्माण कार्य प्रांरभ हो गया।
हरकचंद शर्मा ने नगर पालिका अध्यक्ष व ईओ को मौके पर पहुंच कर निर्माण की सूचना दी तो उसे कहा गया कि आज ही रूक जायेगा। परंतु लंबी अवधि बीत जाने के बाद भी निर्माण आज तक नहीं रूक पाया है। अलबत्ता नगर पालिका ने कागजी रिकार्ड में निर्माण को रोकने का नोटिस जरूर जारी किया है, उसके अनुसार भी १३ जुलाई के बाद निर्माण को नगर पालिका द्वारा तोड़ दिया जाना था परंतु आपसी मिलीभगत के चलते निर्माण कार्य आज भी चल रहा है।
हरकचंद शर्मा का आरोप है कि नगर पालिका प्रशासन अपने द्वारा जारी किये गये फर्जी पट्टे के मामले को रफा दफा करने के लिए उन पर अनावश्यक दबाव डाल रहे है तथा निर्माण को होने देने जा रहे है। शर्मा का आरोप है कि कोर्ट का स्टे आने तक निर्माण को पूरा कराने का षडय़ंत्र करने का प्रयास चल रहा है। हरकचंद शर्मा ने बताया कि कोर्ट में उनके सिविल वाद पर संबंधित पक्षकारों को नोटिस जारी हो गये है जिसमें नगर पालिका, तहसीलदार व निर्माण कर्ता को भी पक्षकार बनाया गया है। उधर नगर पालिका ईओ सीमा चौधरी का कहना है कि निर्माण स्वीकृति की पत्रावली नगर पालिका को मिली है, उसकी स्वीकृति होना शेष है। हरकचंद शर्मा की आपत्ति के बाद निर्माण को रोकने के संबंध में नोटिस जारी किया गया था, आज निर्माण चल रहा है, इसकी कोई जानकारी नहीं है। पट्टे के जारी करने के दौरान क्या तथ्य पेश किये गये, यह मेरे ध्यान में नहीं है।