पानी, बिजली, मौसमी बीमारियों,पेयजल व अकाल राहत कार्यो संबंधी साप्ताहिक बैठक आयोजित

अजमेर। जिला कलक्टर श्री भवानी सिंह देथा ने कहा कि पानी के अवैध कनेक्शनों पर कार्ययोजना तैयार कर कार्यवाही करने की आवश्यकता है। अवैध कनेक्शनों के चलते कई पानी की टंकिया खाली रह जाती है एवं पेयजल आपूर्ति व्यवस्था भी प्रभावित होती है।
श्री देथा आज जिला कलेक्टेªट सभागार में पानी, बिजली, मौसमी बीमारियों, पेयजल एवं अकाल राहत कार्योें संबंधी साप्ताहिक बैठक को संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि अधिकारी पानी की लाईनों पर अवैध कनेक्शनों पर नियमानुसार कार्यवाही करंेगें तो इन पर लगाम लगाई जा सकेगी। पुलिस की सहायता से अवैध कनेक्शन करने वालों को पाबन्द करने की कार्यवाही भी की जानी चाहिए।
श्री देथा ने कहा कि अवैध कनेक्शनों के चलते टंकियों में पानी का भराव नही हो पाता है जिससे आमजन को पेयजल की आपूर्ति करना संभव नही हो पाता है। उन्होंने नारीशाला रोड पर पाईपलाईन को ठीक तरह से बिछाने, पंचशीलनगर, हरिभाउ उपाध्याय नगर में पेयजल आपूर्ति में बाधा, बस स्टेण्ड के पास टंकी से पानी ओवरफ्लों होकर बहने आदि शिकायतों के संबंध में चर्चा कर अधिकारियों को निर्देश दिए। जनस्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिकारियों ने बताया कि जिले में ग्रामीण क्षेत्रों में पेयजल परिवहन नही किया जा रहा है। शहरी क्षेत्रा में 24 टेंकर के माध्यम से पेयजल टेंकर के माध्यम से उपलब्ध कराया जा रहा है। जिले में कुल 844 टंकिया है जिनमें से 244 टंकियों की सफाई की जानी है, टंकियों की सफाई नियमित अंतराल से की जा रही है। गत सप्ताह 5 अवेध कनेक्शनों पर कार्यवाही की गई एवं 346 लीकेज दुरूस्त किए गए। साथ ही जनशिकायतों का निस्तारण भी शीघ्र किया जाएगा।
श्री देथा ने मौसमी बीमारियों, दवाओं के स्टाॅक आदि के बारे में चिकित्सा विभाग के अधिकारियों को निर्देश देते हुए कहा कि अधिकारी अस्पतालों में निशुल्क दवाओं का स्टाॅक सुनिश्चित करे। दवाओं के अभाव में मरीजों को असुविधा ना हो। उन्होंने अवधिपार दवाईयों को नष्ट करने, जनाना अस्पताल में रेनबसेरा व सुलभ काम्पलेक्स, झोलाछाप डाक्टरों पर कार्यवाही आदि के संबंध में भी जानकारी ली। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी श्री गजेन्द्र सिंह सिसोदिया ने बताया कि मौसमी बीमारियों से बचाव हेतु माकूल इंतजाम किए गए है। जिला औषध भण्डार में 495 तरह की दवाईयां उपलब्ध है साथ ही दवाओं के स्टाॅक की माॅनिटरिंग भी की जा रही है। जिले में अब तक कुल 10 झोलाछाप डाक्टरों पर कार्यवाही की गई है।
श्री देथा ने अधिकारियों को अपने कार्यालयों में सफाई व्यवस्था को पुख्ता करने, अस्पतालों, विद्यालयों एवं कार्यालयों में पानी की टंकियों की सफाई करने संबंधी दिशा-निर्देश देते हुए आमजन को सफाई व स्वच्छता के प्रति जागरूक करने की बात कही। उन्होंने सार्वजनिक निर्माण विभाग के अधिकारियों को सडकों की मरम्मत शीघ्रातीशीध्र करने के निर्देश देते हुए केकडी-बघेरा मार्ग पर सडकों की बदहाल स्थिति पर तुरंत कार्य करने की आवश्यकता बताई। जिस पर अधिकारियों ने बताया कि जिले में 1321 किमी. सडक मार्ग पर पेचवर्क व मरम्मत का कार्य किया जाना है। इस संबंध में टेन्डर प्रक्रिया पूरी कर कार्य प्रारंभ कर दिया गया है।
बैठक में अतिरिक्त जिला कलक्टर श्री गजेन्द्र सिंह राठौड समेत विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद थे।