राजस्थानी को हमें प्रोत्साहन देना चाहिए-रिणवा

8बीकानेर। वन व पर्यावरण, खान व जिले के प्रभारी मंत्री राजकुमार रिणवा ने कहा है कि राजस्थानी भाषा, साहित्य एवं संस्कृति बेजोड़ है, हमें इन्हें प्रोत्साहन देना चाहिए। रिणवा रविवार को पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्व विद्यालय के प्रेक्षागृह मेंं रविवार को मायड़ मांण मंच समिति की ओर से सुरेश सोनी की पुस्तक ÓÓरणभेरी-2ÓÓ तथा सुप्रसिद्घ गायक संदीप आचार्य की स्मृति में प्रकाशित पुस्तक ÓÓ संदीप री ओûयूÓÓ के विमोचन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि जन्म लेने वाले हर प्राणी की मृत्यु निश्चित है। मृत्यु के बाद उन्हीं का नाम लोग याद रखते है जो अपनी प्रतिभा व काबिलियत के बल पर कुछ करते हैं। संदीप आचार्य भी ऐसी ही प्रतिभा थे जिन्होंने छोटी उम्र में उम्दा गायकी के जरिए बीकानेर व राजस्थान प्रदेश का नाम रोशन किया। लौकिक रूप से भले ही संदीप इस दुनियां में नहीं है, लेकिन उनके स्वर हमेशा युवा पीढ़ी को संगीत के क्षेत्र में आगे बढ़ाने में प्रेरणा दायक रहेंगे।
जिले के प्रभारी मंत्री ने कहा कि राजस्थानी समृद्घ व अभिव्यक्ति की अनुकरणीय भाषा है। इसमें वीर, श्रृंगार, करुणा, हास्य आदि सभी भावों को प्रभावी तरीके से अभिव्यक्त का सामथ्र्य है उतना शायद ही अन्य किसी भाषा में है। शब्द कोष से समृद्घ, मिठास से भरी राजस्थानी भाषा का कोई मुकाबला नहीं है। हमें मायड़ भाषा को महत्व व प्रोत्साहन तथा जननी, जन्म भूमि तथा मातृ भाषा को पूर्ण सम्मान देना चाहिए।
समारोह में विधायक डॉ.गोपाल जोशी, डॉ.विश्वनाथ मेघवाल, पूर्व मंत्री डॉ.बुलाकी दास कल्ला, महात्मा हंस नाथ, शिवबाड़ी के लालेश्वर महादेव मंदिर के अधिष्ठाता स्वामी संवित् सोमगिरि, पशु चिकित्सा एवं पशु विज्ञान विश्व विद्यालय के कुलपति डॉ.ए.के.गहलोत सहित गणमान्य लोग मौजूद थे। समारोह में अतिथियों के साथ समिति के अध्यक्ष शिव कुमार व्यास, शक्ति प्रसन्न बीठू व चन्द कुमार पुरोहित व अन्य ने राजस्थानी की विशिष्टताओं को उजागर किया। अतिथियों ने लोकार्पित पुस्तक की कृति को स्वर्गीय संदीप के पिता विजय कुमार आचार्य तथा मोहन लाल बिश्नोई को भेंट की। अतिथियों का मंच की ओर से शॉल,श्रीफल व स्मृति चिन्ह से अभिनंदन किया।

3संदीप आचार्य सम्मान- संदीप आचार्य की स्मृति में पहला सम्मान इंदौर के 14 वर्षीय गायक सार्थक कल्याणी को प्रदान किया गया। वन व पर्यावरण मंत्री ने लोकायन संस्थान की ओर से प्रदत 11000 रुपए की राशि, प्रशस्ति पत्र व स्मृति चिन्ह प्रदान किया। स्वामी संवित सोमगिरि महाराज ने रणभेरी-2 पुस्तक के प्रकाशन में सहयोग करने वाले नापासर के नंद लाल सोनी का शॉल व श्रीफल से सम्मान किया। विक्टोरियस पब्लिक स्कूल की छात्राओं ने सरस्वती वंदना की। कार्यक्रम का संचालन हिमांशु व शक्ति प्रसन्न बीठू ने किया।

सार्थक ने दी प्रस्तुतियां– कार्यक्रम में इंदौर के सार्थक कल्याणी ने गुरु वंदना, राग मल्हार में ख्याल, संदेीप का गाया गीत व सूफी गायकी पेश की। देश के सभी अग्रणी चैनल्स पर प्रस्तुति देने वाले सार्थक ने अपने सुरीले स्वरों से करीब एक घंटें तक श्रोताओं को बांधे रखा।
-मोहन थानवी

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