4 जी की तरंगों पर चढ़कर बनेंगे स्मार्ट षहर

केन्द्रीय योजना वाले अजमेर व राज्य की योजना में बनने वाले षहरों को मिलेगी सुविधा
Reliance-Jio-Infocomm-4Gजयपुर, 25, जून। राजस्थान में केन्द्रीय योजना के तहत अजमेर शहर को पहले ही ’स्मार्ट सिटी‘ बनाने की घोषणा हो गई थी, अब तीन और शहरों को उसमें शामिल करने की बात तय हुई है। निश्चय ही अन्य 3 शहरों में जयपुर, जोधपुर, उदयपुर और कोटा या बीकानेर का नाम होगा। लेकिन स्मार्ट शहर बनाने की तमाम कोशिश असल में 4 जी एलटीई तकनालॉजी वाले ब्राडबैण्ड की तरंगों पर बैठकर आगे बढ़ेगी। एक स्मार्ट शहर के लिए केन्द्र जो प्लान बना रहा है उसमें सरकार, तकनीक और समाज को एक साथ दीर्धकालिक आर्थिक विकास के रास्ते पर आगे बढ़ाने की कोशिश होगी और उससे जुड़े सभी कार्यकारी उपक्रम उच्चस्तर के तेज गति वाले डिजीटल हॉई-वे से ही हो सकेंगे। भारत सरकार का ’डिजिटल इण्डिया’ इस मामले में पहले ही लांच हो चुका है।
इस तरह की परियोजना से जुड़े राज्य सरकार के एक बड़े अधिकारी के अनुसार आज आगे बढ़ने का रास्ता, खासकर नौजवानों के लिए, ज्ञान की ताकत पर टिका है और जब तक प्रत्येक क्षेत्र को बिना बाधा तीव्र गति से सूचना के वहद् केन्द्रों से नहीं जोड़ा जाएगा तब तक किसी भी वर्ग को आगे नहीं बढ़ाया जा सकता। स्मार्ट सिटी बनाने का रास्ता भी ऐसी ही तकनीक से निकलेगा।
अधिकारी के अनुसार राजस्थान में केन्द्रीय योजना के तहत अजमेर और अतिरिक्त योजना के तहत संभावित स्मार्ट शहर जयपुर, जोधपुर, कोटा व उदयपुर में 4 जी ब्राडबैंड सेवाओं का काम हाथ में लेने को रिलायंस जियो इन्फाकॉम प्रयासरत हैं। जानकार सूत्रों के अनुसार सरकार में कई स्तरों पर बातचीत भी चल रही है।
रिलायंस जियो के एक अधिकारी के अनुसार पूरे देश को 4-जी ब्राडबैंड सेवाओं से एक साथ जोडने के लिए इस समय बडे़ स्तर पर काम चल रहा है और आगामी दिसंबर माह तक सेवाओं को शुरू कर दिया जाएगा। रिलायंस उद्योग समूह के चेयरमैन मुकेश अंबानी ने पिछले 12 जून को ही मुबंई में इसकी घोषणा की है जिसमें बताया गया है कि राजस्थान सहित पूरे देश में यह सेवाएं आम आदमी और संस्थाओं, सरकारों व कारोबारियों को एक साथ उपलब्ध होने लगेंगी।
राज्य सरकार के अधिकारी के अनुसार केन्द्र सरकार ने प्रदेश में अभी केवल अजमेर शहर को स्मार्ट सिटी बनाने का काम शुरू किया है और चार और शहरों के नामतय होना बाकी हैं। इसके लिए अमरीका में अजमाई गई तकनीक व तरीका अपनाए जाने की बात प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी अपनी अमरीकी यात्रा के बाद कर ही चुके हैं। अमरीका में जिस तरह से कारोबार, रहन-सहन, शिक्षा, स्वास्थ्य सेवाएं, आधारभूत ढ़ांचा कार्य,पर्यावरण, परिवहन और सरकार के काम काज को आधुनिक ब्राडबैंड सेवाओं से जोड़कर जिम्मेदारी व पारदर्शिता से जोड़ा गया है वैसी ही सेवाएं यहां के स्मार्ट शहरों को भी देनी होगी। ऐसी सूरत में स्मार्ट सिटी का कॉन्सेप्ट 4 जी सेवाओं की तरंगों पर चढ़कर ही आगे बढ़ेगा।
( अलग से ग्राफिक के साथ कलर में बाक्स बनाया जा सकता है )
कारोबारः सामान की बेहतर उपलब्धता, घर बैठे आर्डर, वैराईटी व दाम की अच्छी तरह तुलना, दूकानदार को स्टाक व बिक्री का नियमित मिलान की सुविधा।
रहन सहनः सभी प्रकार की सेवाओं से जुड़े घर, रिमोट पर घरेलू उपकरण, केन्द्रीकृत सुरक्षा, शहर की सेवाओं और अपनों से हमेशा कन्ेक्टीविटी, दीर्धगामी सुविधापूर्ण रहन-सहन।
परिवहनः यातायात पर कड़ी निगरानी, नियंत्रण वाली परिवहन व्यवस्ता, बिजली चलित वाहन, पार्किंग का कम्प्यूटराइज सिस्टम।
शिक्षाः ऑनलाईन एडमिशन, आनलाईन क्लासरूम, देश-दुनिया की लाइब्रेरीज तक घर या कक्षा में बैठे पहुंच, ई-लर्निंग, मित्रों और शिक्षकों से हमेशा कनेक्टिविटी।
चिकित्सा व स्वास्थ्यः प्रत्येक व्यक्ति के स्वस्थ्य का हमेशा कहीं भी देखने लायक डिजिटल रेकार्ड, दवा और स्वास्थ्य सूचकों का बेहतर मिलान, दुनिया के किसी भी कौने से चिकित्सीय राय मशविरा, उपचार की सुविधा।
शासन व्यवस्थाः ई-गर्वनेंस से सरकारी कामकाज में पारदशर््िाता, सरकारी सेवाओं तक आसान पहुंच, काम की गति पर सीधे निगाह, उर्जा की बचत।
मनोरंजनः कहीं भी, कब भी टीवी,वीडियो, संगीत पत्रिकाओं तक आसान व तीव्र पहुंच, फोटो और वीडियो खेलों का खजाना, क्लाउड सेवाओं से उनका संग्रहण।
जगदीश शर्मा

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